September 28, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

कौशाम्बी 28 सितंबर 26*बाल संरक्षण के लिए समाज को जागरूक एवं संवेदनशील होने की आवश्यकता- मा. श्री अशोक कुमार यादव*

कौशाम्बी 28 सितंबर 26*बाल संरक्षण के लिए समाज को जागरूक एवं संवेदनशील होने की आवश्यकता- मा. श्री अशोक कुमार यादव*

कौशाम्बी 28 सितंबर 26*बाल संरक्षण के लिए समाज को जागरूक एवं संवेदनशील होने की आवश्यकता- मा. श्री अशोक कुमार यादव*

*बाल संरक्षण एवं पॉक्सो अधिनियम के प्रति छात्र-छात्राओं को किया गया जागरूक*

*कौशाम्बी* उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कौशाम्बी द्वारा पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रावधानों के प्रति बच्चों एवं समाज को संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान के प्रथम चरण का आयोजन 25 सितंबर 2026 से 1अक्टूबर 2026 तक तथा द्वितीय चरण 2 अक्टूबर 2026, गांधी जयंती के अवसर पर किया जाएगा।इसी क्रम में दिलीप सिंह इंटर मीडियट कॉलेज बाकरगंज, गोराजू में आयोजित विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम में छात्राओं को बाल यौन अपराधों से संरक्षण,उनके कानूनी अधिकारों तथा यौन अपराधों से बालकों के संरक्षण पॉक्सो अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को लैंगिक अपराधों से सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा अभिभावकों, शिक्षकों और समाज में बाल संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना रहा।कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य ने आए हुए मुख्य अतिथियों एवं विशिष्ठ अतिथियों को पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय अशोक कुमार यादव,अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश पंचम, जनपद न्यायालय, कौशाम्बी ने बाल संरक्षण से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। अक्सर देखने में आता है कि बहुत कम बच्चे और युवा ही सीधे तौर पर किसी को बताते हैं कि उनका यौन शोषण हुआ है। आमतौर पर बच्चे और युवा अप्रत्यक्ष रूप से या अनजाने में अपने व्यवहार में बदलाव के माध्यम से इस बारे में बताते हैं इसलिए अभिभावकों और शिक्षकों को उनके व्यवहार में आए परिवर्तन पर मित्रतापूर्ण माहौल में बात अवश्य करनी चाहिए। बाल यौन शोषण विश्वास, शक्ति और अधिकार का दुरुपयोग है।

साथ ही यह कानून 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को लैंगिक अपराधों, लैंगिक उत्पीड़न एवं अश्लील सामग्री से संबंधित अपराधों से संरक्षण प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि बाल पीड़ित की पहचान की गोपनीयता बनाए रखना तथा बच्चे के साथ संवेदनशील एवं बाल-मित्रवत व्यवहार करना अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने छात्राओं से किसी भी प्रकार के अनुचित स्पर्श,लैंगिक उत्पीड़न अथवा अपराध की स्थिति में चुप न रहने तथा विश्वसनीय व्यक्ति एवं संबंधित हेल्पलाइन के माध्यम से सहायता प्राप्त करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि छात्राओं को साइबर माध्यमों यथा फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया से होने वाले लैंगिक शोषण, अनुचित व्यवहार तथा अपराध की सूचना समय पर देने के महत्व के बारे में भी जागरूक किया अधिकार मित्र अमरदीप दिवाकर ने अपनी बात रखते हुए कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र के प्रत्येक बच्चे को मुफ्त, सुरक्षित और बाल हितैषी कानूनी सहायता पाने का अधिकार है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की बाल हितैषी कानूनी सेवाएं योजना 2024 के अंतर्गत बच्चों को न्याय तक आसान पहुंच भी प्रदान की जाती है तथा पैनल लायर्स, मध्यस्थ,लीगल एड डिफेंस कौंसिल्स और पीएलवी के माध्यम से बिना किसी भेदभाव के मुफ्त कानूनी मदद भी दी जाती है। जिला स्तर पर लीगल सर्विसेज यूनिट फ़ॉर चिल्ड्रेन (एलएसयूसी)का भी गठन किया गया है, आवश्यकता पड़ने पर इसकी भी सहायता ली जा सकती है। एवं बाल विवाह की रोकथाम, बाल श्रम, बाल तस्करी, बाल उत्पीड़न तथा निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में भी जानकारी दी गई।

श्रीमती अंशु त्रिपाठी पैनल अधिवक्ता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,जनपद न्यायालय, कौशाम्बी ने पॉक्सो अधिनियम के प्रमुख कानूनी प्रावधानों, पीड़ित बालक/बालिका के अधिकारों तथा उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में जानकारी प्रदान की।जागरूकता अभियान के दौरान छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि “18 वर्ष से कम आयु में सहमति केवल एक भ्रम है; इसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई पॉक्सो अधिनियम का प्रावधान है।” साथ ही उन्हें बताया गया कि किसी भी बच्चे के साथ लैंगिक अपराध होने की आशंका या घटना की जानकारी होने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना देना आवश्यक है कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 (टोल-फ्री) तथा नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 (टोल-फ्री) के बारे में भी जानकारी दी गई, ताकि जरूरतमंद बच्चों एवं नागरिकों को समय पर सहायता और विधिक संरक्षण प्राप्त हो सके कार्यक्रम के अंत में बालिकाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा बाल यौन अपराधों की रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम ने बाल सुरक्षा, विधिक जागरूकता और बच्चों के अधिकारों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश दिया कार्यक्रम का संचालन माता प्रसाद सिंह प्रवक्ता ने तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रधानाचार्य राकेश कुमार सिंह ने किया।इस अवसर पर विद्यालय परिवार से चीफ प्रॉक्टर अशोक कुमार सिंह एवं शिक्षकगण विजय प्रकाश पाण्डेय,राजेश भारतीय,मनोज कुमार, श्यामबाबू, टी एन पाण्डेय, गुल मोहम्मद,भैरों प्रसाद सहित बड़ी संख्या में अन्य शिक्षक तथा कर्मचारी, छात्र-छात्राएं उपस्थित रही

Taza Khabar