मथुरा 3 अक्टूबर 26*रसिक दुलारी की मौत के बाद केलिकुंज आश्रम पर बढ़ते सवाल
लापता बच्चों की तलाश में परिजन पहुंचे वृंदावन, आश्रम में होने का जताया दावा
मीडिया से नोकझोंक के बाद दो लोग हिरासत में, पुलिस कार्रवाई में बाधा का भी आरोप…
कु0 सोनम यूपीआजतक
वृंदावन (मथुरा )। राधा नाम के जाप और भक्ति के लिए चर्चित केलिकुंज आश्रम इन दिनों रसिक दुलारी की मौत के बाद लगातार उठ रहे सवालों और विवादों के बीच चर्चा में है। रसिक दुलारी की मौत के बाद अब अलग-अलग स्थानों से लापता बच्चों के परिजन वृंदावन पहुंचकर अपने बच्चों की तलाश कर रहे हैं। कुछ परिजनों ने दावा किया है कि उनके बच्चे राधा नाम का जाप करते थे और उन्हें आशंका है कि वे केलिकुंज आश्रम में हो सकते हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
मामला मीडिया की सुर्खियों में आने के बाद शनिवार को केलिकुंज आश्रम के बाहर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब गांव बड़ी आटस का एक परिवार साध्वी इंदुलेखा के साथ आश्रम पहुंचा। परिजनों का आरोप था कि उनका बच्चा भी राधा नाम का जाप करता था और करीब एक महीने से लापता है।
साध्वी इंदुलेखा द्वारा अपनी बात रखे जाने के दौरान आश्रम से जुड़े कुछ लोगों द्वारा विरोध किए जाने का आरोप लगाया गया। देखते ही देखते मौके पर मौजूद मीडिया कर्मियों और कुछ लोगों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। स्थिति को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने मीडिया कर्मियों से अभद्रता करने के आरोप में दो लोगों को हिरासत में ले लिया।
दो लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद मामला और गरमा गया। आरोप है कि कुछ महिलाएं और पुरुष रमणरेती चौकी पहुंच गए और वहां पुलिस की कार्रवाई में व्यवधान डालने का प्रयास किया। हिरासत में लिए गए युवकों को कोतवाली ले जा रही पुलिस जीप को रोकने का प्रयास किए जाने की बात भी सामने आई।
पुलिस की कार्रवाई और मौके पर मौजूद लोगों के बीच कुछ देर तक तनाव की स्थिति बनी रही।
इसी बीच कासगंज निवासी चंद्रपाल सिंह भी रमणरेती चौकी पहुंचे। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका 16 वर्षीय बेटा मयंक सात अगस्त को घर से लापता हुआ था। उन्होंने बताया कि बेटे की गुमशुदगी 11 अगस्त को कासगंज थाने में दर्ज कराई जा चुकी है।
चंद्रपाल सिंह के अनुसार उनका बेटा भी प्रेमानंद महाराज के बताए रास्ते पर चलकर घंटों राधा नाम का जाप करता था। उनका कहना है कि मयंक कासगंज से मथुरा आने वाली ट्रेन में बैठकर निकला था, लेकिन इसके बाद से घर वापस नहीं लौटा।
पीड़ित पिता ने आशंका जताई कि उनका बेटा भी केलिकुंज आश्रम में हो सकता है। हालांकि, इस दावे की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। चंद्रपाल सिंह के मुताबिक, वृंदावन पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया है कि कासगंज पुलिस के आने के बाद बेटे की तलाश में वृंदावन पुलिस हरसंभव सहयोग करेगी।
कमाल की बात तो यह है कि
रसिक दुलारी की मौत और परिजनो द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के बाद भी आश्रम प्रबंधन की ओर से इन आरोपों और विवादों पर विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में पुलिस जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान का इंतजार है।
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