June 29, 2026

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कानपूर नगर २९ जून २६ * मा. सदस्य, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग ने की समीक्षा बैठक एवं जनसुनवाई, दलित बस्तियों का किया औचक निरीक्षण

कानपूर नगर २९ जून २६ * मा. सदस्य, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग ने की समीक्षा बैठक एवं जनसुनवाई, दलित बस्तियों का किया औचक निरीक्षण

कानपूर नगर २९ जून २६ * मा. सदस्य, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग ने की समीक्षा बैठक एवं जनसुनवाई, दलित बस्तियों का किया औचक निरीक्षण

दलित समाज के सम्मान, सुरक्षा और विकास के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध: रमेश चन्द्र कुंडे

कानपुर नगर।

उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग के मा. सदस्य रमेश चन्द्र कुन्डे ने आज सर्किट हाउस सभागार में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समाज से संबंधित केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए।

बैठक के उपरांत मा. सदस्य ने पुलिस से संबंधित मामलों की जनसुनवाई भी की। इस दौरान अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समाज के लोगों द्वारा अत्याचार, उत्पीड़न, मारपीट, हत्या, दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, छेड़छाड़, भूमि विवाद एवं अन्य शिकायतें प्रस्तुत की गईं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि दलित समाज के लोगों की शिकायतों को गंभीरता से दर्ज कर निष्पक्ष एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इसके बाद मा. सदस्य ने काकादेव, गूदड़ बस्ती, भगवत घाट एवं चुन्नीगंज स्थित दलित बस्तियों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नगर निगम की ओर से सफाई कर्मचारियों की कमी के कारण अनेक स्थानों पर गंदगी, जाम सीवर लाइनें, खुले मेनहोल, क्षतिग्रस्त नालियां, खड़ंजों की खराब स्थिति तथा पेयजल की समस्या पाई गई। उन्होंने कहा कि इन बस्तियों में अधिकांश परिवार सफाई कर्मचारियों के हैं, जो पूरे शहर को स्वच्छ रखने का कार्य करते हैं, लेकिन उनकी अपनी बस्तियों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव अत्यंत चिंताजनक एवं दुर्भाग्यपूर्ण है।

मा. सदस्य ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि एक माह के भीतर दलित बस्तियों में नियमित साफ-सफाई, सीवर लाइन, नालियों, खड़ंजों एवं पेयजल व्यवस्था में प्रभावी सुधार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि निर्धारित अवधि में स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कराई जाएगी तथा इस गंभीर लापरवाही को सार्वजनिक रूप से उजागर किया जाएगा।

मा. सदस्य रमेश चंद्र कुन्डे ने कहा कि, “प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समाज के सम्मान, सुरक्षा और विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। दलित समाज के साथ किसी भी प्रकार का अत्याचार, उत्पीड़न या भेदभाव किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी है कि पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाएं तथा उनकी शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करें। नगर निगम सहित सभी संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि दलित बस्तियों में भी अन्य क्षेत्रों की तरह स्वच्छता, पेयजल और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही सरकार की प्राथमिकता है।”

बैठक में मा. सदस्य के पीआरओ सुधीर कुमार, डीसीपी पूर्वी, अपर पुलिस उपायुक्त, क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन, लोक निर्माण विभाग, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जल निगम, जलकल विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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