May 6, 2026

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कानपुर नगर6मई26*जनता दर्शन में पहुंची ‘गुल्लक लूट’ की फरियाद, बच्ची की कहानी सुन भावुक हुए डीएम*

कानपुर नगर6मई26*जनता दर्शन में पहुंची ‘गुल्लक लूट’ की फरियाद, बच्ची की कहानी सुन भावुक हुए डीएम*

कानपुर नगर6मई26*जनता दर्शन में पहुंची ‘गुल्लक लूट’ की फरियाद, बच्ची की कहानी सुन भावुक हुए डीएम*

*रोज सिक्के जोड़ती थी इस्वा, स्कूल बैग-किताब खरीदने के लिए जोड़ती थी पैसे*

*छोटी-छोटी बचत से भर रही थी मिट्टी की गुल्लक, डीएम ने बच्चियों को लौटाई मुस्कान*

कानपुर नगर।कलेक्ट्रेट में बुधवार को आयोजित जनता दर्शन में उस समय माहौल भावुक हो गया, जब एक 11 वर्षीय बच्ची अपनी मां का हाथ पकड़कर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के सामने पहुंची। जाजमऊ क्षेत्र निवासी शन्नो अपनी बेटियों इस्वा खां और मरियम फातिमा के साथ आई थीं। मां की शिकायत घरेलू विवाद से जुड़ी थी, लेकिन बातचीत के दौरान जो बात सबसे ज्यादा दिल को छू गई, वह थी छोटी बच्ची की मिट्टी की गुल्लक।

शन्नो ने बताया कि उनकी बेटी इस्वा लंबे समय से अपनी मिट्टी की गुल्लक में पैसे जमा कर रही थी। कभी रिश्तेदारों से मिले रुपये, कभी बचा हुआ जेब खर्च और कभी घर में मिले सिक्के, वह चुपचाप अपनी गुल्लक में डाल देती थी। बच्ची को उम्मीद थी कि गुल्लक भरने के बाद वह अपने लिए स्कूल बैग या कुछ अन्य उपयोगी सामान खरीदेगी। लेकिन पारिवारिक विवाद के बीच उसकी वही मिट्टी की गुल्लक भी खाली हो गई। महिला ने आरोप लगाया कि घरेलू सामान के साथ बच्ची की गुल्लक फोड़कर उससे भी रुपये निकाल लिए गए।

जनता दर्शन में जिलाधिकारी ने जब बच्ची से पूछा कि वह गुल्लक में क्या रखती थी, तो इस्वा ने मासूमियत से बताया कि वह रोज थोड़ा-थोड़ा पैसा बचाती थी। बच्ची की यह बात सुनकर कुछ देर के लिए वहां मौजूद लोगों की नजरें भी उसी पर टिक गईं। छोटी बहन मरियम फातिमा भी मां के पास चुपचाप खड़ी रही। दोनों बच्चियों के चेहरे पर उदासी साफ दिखाई दे रही थी।

महिला ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि मामले की शिकायत पहले भी थाने में की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस पर जिलाधिकारी ने थाना जाजमऊ प्रभारी को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। लेकिन जनता दर्शन का सबसे भावुक पल उसके बाद आया।

जिलाधिकारी ने दोनों बच्चियों को अपने पास बुलाया। कुछ देर उनसे बातचीत की और फिर उन्हें नया मिट्टी का गुल्लक तथा स्कूल बैग भेंट किए। इतना ही नहीं, उन्होंने बच्चियों के हाथों से नए गुल्लक में स्वयं 1000 रुपये भी डलवाए। जैसे ही बच्चियों के हाथ में नया गुल्लक और बैग आया, उनके चेहरे खिल उठे। कुछ देर पहले तक सहमी दिख रही इस्वा अब मुस्कुरा रही थी। डीएम ने बच्चियों को पैसे बचाने की सलाह भी दी।

कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद लोग भी इस दृश्य को देखते रहे। जनता दर्शन में रोज सैकड़ों शिकायतें आती हैं, लेकिन एक छोटी बच्ची की मिट्टी की गुल्लक और उसमें जमा उसके सपनों की कहानी बुधवार को वहां पहुंचे लोगों के मन में अलग छाप छोड़ गई।