August 1, 2026

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कानपुर नगर31जुलाई26*जब रक्षक ही सुरक्षित नहीं, तो विकास के दावे किस काम के,जिम्मेदारों की खामोशी कहीं कल किसी बड़े हादसे का पैगाम न बन जाए।*

कानपुर नगर31जुलाई26*जब रक्षक ही सुरक्षित नहीं, तो विकास के दावे किस काम के,जिम्मेदारों की खामोशी कहीं कल किसी बड़े हादसे का पैगाम न बन जाए।*

*Breaking News kanpur अमित कुमार*

कानपुर नगर31जुलाई26*जब रक्षक ही सुरक्षित नहीं, तो विकास के दावे किस काम के,जिम्मेदारों की खामोशी कहीं कल किसी बड़े हादसे का पैगाम न बन जाए।*

कानपुर नगर*100 साल पुरानी जर्जर चौकी में ड्यूटी करने को मजबूर खाकी, जिम्मेदारों की चुप्पी कब टूटेगी?*

*कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के अधिकांश थानों और चौकियों का आधुनिककरण हो चुका है, लेकिन सेंट्रल जोन के स्वरूप नगर थाना अंतर्गत आने वाली बेनाझाबर पुलिस चौकी आज भी लगभग 100 वर्ष पुरानी जर्जर इमारत के नीचे संचालित हो रही है*।

*छत जगह-जगह से दरक चुकी है, बारिश के पानी से बचाने के लिए पूरी छत को बड़ी पॉलीथीन से ढकना पड़ रहा है। डिजिटल युग में अपराधों से लड़ने वाली खाकी आज भी ऐसी खस्ताहाल इमारत में बैठकर बड़े-बड़े आपराधिक मामलों की फाइलें तैयार करने को मजबूर है, जहां हर पल हादसे का खतरा मंडरा रहा है*।

*सवाल यह है कि जब पूरे शहर में पुलिस भवनों के सुधारीकरण और नवनिर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तब आखिर बेनाझाबर जैसी जर्जर चौकी जिम्मेदार अधिकारियों की नजरों से क्यों ओझल है? घर-परिवार से दूर रहकर दिन-रात जनता की सुरक्षा में जुटे पुलिसकर्मी खुद असुरक्षित भवन में ड्यूटी कर रहे हैं*।

*तो वहीं बुद्धजीवियों के अनुसार यदि समय रहते इस इमारत का नवनिर्माण नहीं कराया गया, तो जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी किसी भी दिन बड़े हादसे की वजह बन सकती है, जिसकी जिम्मेदारी तय करना आसान नहीं होगा।*

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