कानपुर नगर30अगस्त25*06 पुलिसकर्मी (04 निरीक्षक एवं 02 उप निरीक्षक) को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
कमिश्नरेट कानपुर नगर में पुलिस की छवि धूमिल करने एवं अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने वाले कुल 06 पुलिसकर्मी (04 निरीक्षक एवं 02 उप निरीक्षक) को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध आरोपः
1- निरीक्षक (ना०पु०) मानवेन्द्र सिंह, पीएनओ-122480012
तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक पनकी नियुक्ती के दौरान थाना क्षेत्र में भूमि विवाद में शिकायतकर्ता के प्रार्थना पत्र पर कोई विधिक कार्यवाही न करना और अखिलेश दुबे एवं उसके सहयोगियों से सांठ-गांठ कर लाभ पहुँचाना, तथ्यों को छिपाना एवं उच्चाधिकारियों को अवगत न कराना। प्रकरण में सहभागिता/भूमिका संदिग्ध पाई गई।
2- निरीक्षक (ना०पु०) आशीष कुमार द्विवेदी, पीएनओ-112634230
कानपुर नगर के थाना नबावगंज एवं फजलगंज में थाना प्रभारी के पद पर नियुक्ति के दौरान भू-माफिया एवं अपराधी अखिलेश दुबे व उसके गैंग से सांठ-गांठ होने तथा अखिलेश दुबे गैंग के अपराधों में इनकी भूमिका व संलिप्तता से सम्बन्धित तथ्य प्रकाश में आने के कारण।
3- निरीक्षक (ना०पु०) अमान, पीएनओ-982030633
थाना ग्वालटोली में तैनाती के दौरान विवेचना प्रकरण में अखिलेश दुबे गैंग के सदस्यों को लाभ पहुंचाने हेतु वा लवी मिश्रा, लकी मिश्रा, सौरभद्विवेदी, व प्रशान्त एवं 2-3 अज्ञात के विरूद्र पंजीकृत अभियोग में अभियुक्तों को लाभ पहुँचाया एवं उच्चाधिकारियों को संज्ञान में लिए बिना बेल कमेंट न्यायालय को प्रेषित करना। जानबूझकर लापरवाही व अनुशासनहीनता।
4- निरीक्षक नीरज ओझा, पीएनओ-052251160 तत्कालीन थाना प्रभारी बर्रा द्वारा भू-माफिया एवं अपराधी अखिलेश दुबे से सांठ-गाठ होने एवं पीड़ित रवी सतीजा के ऊपर रेप का आरोप लगाने वाली महिला को इनकी पुत्रवधु बताये जाने हेतु झूठे तथ्य प्रस्तुत करना।
5- उप निरीक्षक (ना०पु०) आदेश कुमार यादव, पीएनओ-132420240
चौकी प्रभारी आवास विकास, थाना नौबस्ता रहते हुए अपने चौकी क्षेत्र में बहुत ही ज्यादा गलत काम कराने, जनता व पुलिस चौकी स्टाफ से व्यवहार बेहद खराब है। इसके चौकी क्षेत्र मे पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने के आरोप।
6- उप निरीक्षक (ना०पु०) सनोज पटेल, पीएनओ-986113053
थाना ग्वालटोली में तैनाती के दौरान विवेचना प्रकरण में अखिलेश दुबे गैंग के सदस्यों को लाभ पहुंचाने हेतु व लवी मिश्रा, लकी मिश्रा, सौरभद्विवेदी, व प्रशान्त एवं 2-3 अज्ञात के विरूद्र पंजीकृत अभियोग में अभियुक्तों को लाभ पहुँचाया एवं उच्चाधिकारियों को संज्ञान में लिए बिना बेल कमेंट न्यायालय को प्रेषित करना। जानबूझकर लापरवाही व अनुशासनहीनता।

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