February 28, 2026

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औरैया02जुलाई*सेवानिवृत्त होने पर अस्पताल प्रशासन ने महेश को दी विदाई*

औरैया02जुलाई*सेवानिवृत्त होने पर अस्पताल प्रशासन ने महेश को दी विदाई*

औरैया02जुलाई*सेवानिवृत्त होने पर अस्पताल प्रशासन ने महेश को दी विदाई*

*38 वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं देते रहे महेश*

*औरैया 02 जून।* शहर के 50 शैय्या युक्त जिला संयुक्त चिकित्सालय में दशकों से अपनी सेवा दे रहे वार्ड बॉय राजेन्द्र कुमार शर्मा उर्फ महेश आज शनिवार को सेवा निवृत्त हो गये। उनके सेवा निवृत्त होने पर चिकित्सालय के सभी डाक्टरों व सभी कर्मचारियों ने एक कार्यक्रम आयोजित कर उनके परिजनों की मौजूदगी में उन्हें भावभीनी विदाई दी। अपने मिलनसार स्वभाव एवं चुस्त- दुरूस्त कार्यशैली के लिए जाने जाने वाले महेश बीते कई वर्षों से अस्पताल के इमरजेंसी में अपनी उत्कृष्ट सेवायें देते रहे। अस्पताल प्रशासन व आम जनमानस के बीच का तालमेल हो या अत्यधिक गंभीर रूप से घायल मरीज का प्राथमिक उपचार हो। महेश बखूबी इसे निभाते चले आ रहे थे।
वार्ड बॉय महेश ने 1984 में स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवायें देनी शुरू की। सबसे पहले वह इटावा के उदी सीएचसी में रहे, जिसके बाद वह 1990 में औरैया आ गए। यहां पहले वह औरैया अस्पताल फिर खानपुर में दो वर्ष रहे। जिसके बाद वह फर्रूखाबाद तैनात कर दिए गये और करीब दो दशक पहले वह दोबारा औरैया जनपद आ गये। जिले में जब पोस्टमार्टम हाउस की शुरूआत हुई और जब पहला पीएम किया गया तो चिकित्सक के साथ अधिकारियों ने महेश शर्मा को ही पहला पोस्टमार्टम कराने के लिए भेजा था। आज 38 वर्ष की नौकरी पूरी करने के बाद जब वह सेवा निवृत्त हुए तो सभी डाक्टरों, फार्मासिस्टों व अन्य कर्मचारियों ने एक कार्यक्रम आयोजित करते हुए मिलनसार छवि वाले महेश शर्मा को उदास मन व नम आंखों से विदाई दी। मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में आये डा. जी.पी. चौधरी ने उनका शाल्यार्पण, माल्यार्पण व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया। उन्होंने कहा कि महेश जैसे तेज तर्रार व हरदिल अजीज कर्मचारी बहुत कम मिलते हैं। अस्पताल को उनपर गर्व है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेश मोहन गुप्ता ने कहा कि महेश ने लम्बे समय तक अस्पताल की सेवा की है। अस्पताल को उनकी बहुत कमी खलेगी और उनकी भरपाई होना अत्यन्त मुश्किल होगा। वहीं अन्य चिकित्सकों व कर्मचारियों ने भी कहा कि महेश दादा कि जब ड्यूटी होती थी तक वह बिल्कुल निश्चिंत महसूस करते थे। क्योंकि उन्हें पता था कि वह किसी भी तरह की परेशानी का संभाल लेते हैं। डाक्टरों का कहना है कि हम लोग अधिकारी जरूर थे , लेकिन कई मामलों में महेश दादा से सलाह लिया करते थे। हमारे बीच अधिकारी और कर्मचारी का रिश्ता न होकर परिवार के सदस्यों जैसा रिश्ता कायम रहा है। इस दौरान कार्यक्रम में नवागन्तुक हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. अशोक कुमार, डा. मंजू सचान, डा. सीमा गुप्ता, डा. शत्रुघन कटियार, डा. विशाल अग्निहोत्री, डा. पंकज, डा. परीक्षित, डा. राघवेन्द्र सिंह, डा. प्रियेश प्रताप, फार्मासिस्ट प्रमोद त्रिपाठी, सत्यपाल कटियार, एसपी मिश्रा, जयवीर, कमलेश कुमारी, हरिओम त्रिपाठी, शैलेन्द्र, फिजियोथेरेपिस्ट टी.पी. मिश्रा, क्वालिटी मैनेजर सुभाष चन्द्रा, प्रबल चतुर्वेदी, वार्ड बॉय रामबिहारी शुक्ला, संदीप, आलोक, बीएचओ आशा वर्मा, नर्स इंचार्ज सुनीता, लैब टेक्नीशियन जसवंत सिंह, शिवम पोरवाल, आकाश गुप्ता, हरीश, राहुल शर्मा समेंत समस्त स्टाफ मौजूद रहा।

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