औरैया 12 सितम्बर *फल-सब्जियां व पोषक तत्वों से समृद्ध है पोषण वाटिका*
*जिले में तैयार की गईं 760 पोषण वाटिका, सुपोषित समाज में पोषण वाटिका की भूमिका अहम*
*औरैया 12 सितंबर 2022-* बच्चों, किशोर-किशोरी, गर्भवती व धात्री महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए विटामिन, कैल्शियम, आयरन, प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों का मिलना बहुत जरूरी होता है। पोषक तत्वों से भरपूर खानपान को अपनाने पर ही एक सुपोषित समाज की परिकल्पना की जा सकती है। इस दिशा में औरैया जनपद में प्रभावी ढंग से कार्य हो रहा है। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार (आईसीडीएस) विभाग की ओर से जनपद के हर ब्लॉक के लगभग सभी ग्राम पंचायतों में पोषण वाटिका तैयार की गयी है। पोषण वाटिका को तैयार करने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं ने अपना पूरा योगदान दिया है, जिससे आसपास के घरों में ताजी हरी साग-सब्जियाँ व फल आदि आसानी से प्राप्त हो सकें। जनपद में अब तक 760 पोषण वाटिका तैयार की जा चुकी हैं।
प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) वीरेंद्र कुमार ने बताया कि माइक्रो न्यूट्रिएंट्स की कमी भी कुपोषण का एक बड़ा कारण है। माइक्रो न्यूट्रिएंट्स के सस्ती उपलब्धता के लिए पोषण वाटिका का रोपण किया गया है। पोषण वाटिका विकसित करने का मुख्य उद्देश्य है कि लाभार्थियों को उनके आसपास ही ताजी हरी साग-सब्जियाँ, फल, औषधि आसानी से मिल सकें। फल एवं सब्जियाँ सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्वपूर्ण स्रोत हैं। इन पोषक तत्वों को नियमित आहार में सम्मिलित करना बेहतर स्वास्थ्य के लिए बहुत ही आवश्यक है। खट्टे फल, अदरक, आँवला, अमरूद, पालक, सहजन, चौलाई आदि स्थानीय उगाई जाने वाली साग-सब्जियों के सेवन से प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है, जिससे बीमारी व वायरल संक्रमण से बचा जा सकता है। उन्होने बताया कि सितंबर माह में साग-सब्जियों एवं फलों के पौधों के रोपण का उचित समय है, इसके तहत पोषण वाटिका के विकास के लिए क्षेत्र स्तर पर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। डीपीओ ने बताया कि जनपद में अब तक 760 पोषण वाटिका तैयार कर बीज रोपे जा चुके हैं। अगले कुछ दिनों में पोषण वाटिका हरी साग सब्जी, फल एवं औषधियों से लहलहाने लगेगी।
*इनसैट* *विभिन्न तरह के पौधे लगाए गये*
*औरैया।* जनपद में तैयार की गईं समस्त पोषण वाटिका में फलदार, औषधी एवं हरी सब्जीयुक्त पौधे सम्मिलित हैं। फलदार पेड़ो में आम, आँवला, अमरूद, पपीता, नींबू, इमली आदि के पौधे लगाए गए। औषधी में नीम, तुलसी, धृत कुमारी (एलोवेरा), अश्वगंधा, सदाबहार आदि के पौधे लगाए गए। हरी साग सब्जी युक्त में पालक, सहजन, चौलाई, बथुआ, मेथी, लौंकी, तुरई, बैंगन आदि के पौधे रोपे गये हैं।

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