मथुरा22अगस्त24*जनपद के महिला थाले में आठ माह में परिवारिक झगड़े की घटनाओं में वृद्धि हुई है
महिला थाने की मेहनत रंग लाई
विवाद के बाद पति पत्नि ने किया समझौता
मथुरा से कुमारी सोनम की रिपोर्ट यूपीआजतक
मथुरा। महिला थाना की मेनत रंग लाई काफी समय से पारिवारिक विवादो में घिरे पति पत्नि के बीच महिला थाना परिवार परामर्श पर बुलाकर सुलह समझौता कर बसाया परिवार थाना रिफइनरी के क्षेत्र भाहई के रहने वाले पति पत्नि महेश और त्रिवेणी के बीच लम्बे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था आरोप प्रत्यारोप दानो ही एक दुसरे पर लगाते महिला थाना कर्मी द्वारा महिला थाना परिवार परामर्श पर बुलाकर थाना प्रभारी आशा चौधरी द्वारा सुलह समझौता कराया गयां जहां दोनो ने सहमती से झगड़े को खत्म कर समझौता कर लिया और पति महेश ने पत्नि त्रिवेणी संग थाना प्रभारी आशा चौधरी का शुक्रिया करके दोनो हसीखुशी अपने परिवार में लौटे। महिला थाना प्रभारी आशा चौधरी ने बताया कि हमारा पुरा प्रयास यही होता है कि पति पत्नि के बीच की अनबन को खत्म किया जाए और हसी खुशी अपने बच्चे और परिवार में रहें जिसके लिए हमारी महिला कर्मी भी पुरी मेहनत करती है
प्रभारी आशा चौधरी आगे बताती है।कि किसी पडाव पर पुरूष गलत होता तो कहीं ना कहीं महिला भी दोनो के बीच हुए विवाद का कारण होती है कियोंकि वो संयुक्त परिवार में रहना नहीं चाहतीं है। और देखा जाए तो मोबाईल फोन पति पत्नि के बीच शक का कारण हो जाता है जिसकी बजह एक अंाख भी एक दुसरे को नहीं भाते आशा चौरी कहती है कि कुछ तो पति पत्नि ऐसे भी होते है जो सम्पूर्णतः तलाक ही चाहते है जिसकी प्रक्रिया कोर्ट से 13वी का दावा करके तलाक की कॉपी हमारे थाने पर प्राप्त करने के बाद फाईल बन्द होती ठीक वैसे ही हमारा प्रयास दोनो के बीच सुलह कराने का होता है जब दोनो का गठबन्धन हो जाता है और अगर उसके बाद भी झागड़ा होता है तो फिर सीधा मुकदद्मा दायर होता है। क्युकि थाने से दोनो के आरोपो को सुनने के बाद ही समाधन कर सुलह कराई जाती है अब तक 1जनवरी 2024से 21 अगस्त 2024 तक 872 प्राप्त प्राथना पत्रों में 279 समझोते हो चुके है

More Stories
लखनऊ1अगस्त26*यूपी वालों के लिए बड़ी खबर! 1 अगस्त से बदल जाएगा आपकी गाड़ी की RC का सिस्टम*
रायगड1अगस्त26*उत्कृष्ट सेवेला सलाम! रायगड पोलिस व होमगार्ड जवानांचा पोलीस अधीक्षक आँचल दलाल यांच्या हस्ते गौरव
रायगड1अगस्त26*अलिबाग-रायगडमध्ये भारतीय तटरक्षक दलाचा जनजागृती उपक्रम; मच्छीमारांच्या सुरक्षेला सर्वोच्च प्राधान्य