April 25, 2026

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भागलपुर24 अप्रैल26*बीएयू सबौर का 9वां दीक्षांत समारोह: राज्यपाल का संदेश, कृषि से होगा विकसित भारत का निर्माण

भागलपुर24 अप्रैल26*बीएयू सबौर का 9वां दीक्षांत समारोह: राज्यपाल का संदेश, कृषि से होगा विकसित भारत का निर्माण

भागलपुर बिहार से शैलेन्द्र कुमार गुप्ता

भागलपुर24 अप्रैल26*बीएयू सबौर का 9वां दीक्षांत समारोह: राज्यपाल का संदेश, कृषि से होगा विकसित भारत का निर्माण

बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन एवं कुलाधिपति, बिहार कृषि विश्वविद्यालय की अध्यक्षता में बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर का 9वां दीक्षांत समारोह भव्य, अनुशासित एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 11 बजे करपुरी सभागार में हुआ, जिसमें उन्होंने छात्र-छात्राओं को शपथ दिलाई और उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संदेश दिया। इससे पूर्व स्विमिंग पूल का उद्घाटन किया गया तथा प्रकृति संरक्षण का संदेश देते हुए रुद्राक्ष के पौधे का पौधारोपण किया गया।

समारोह में भागलपुर के सांसद श्री अजय कुमार मंडल, राज्यपाल के प्रधान सचिव श्री गोपाल मीणा, बिहार सरकार के विशेष सचिव श्री शैलेन्द्र कुमार, पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विवेकानंद सिंह, बिहार कृषि विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति एवं अभिभावक डॉ. डी.आर. सिंह, तथा कुलसचिव डॉ. मिजानुल हक सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सीनियर सदस्य, बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्य, विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य, डीन, निदेशक, विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक, छात्र-छात्राएं, उनके अभिभावक तथा प्रशासन के अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर कुल 443 छात्र-छात्राओं को विभिन्न पाठ्यक्रमों में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी की उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 13 विद्यार्थियों को पीएचडी की डिग्री दी गई। कार्यक्रम में पीएचडी एग्रीकल्चर, एमएससी एग्रीकल्चर, एमएससी हॉर्टिकल्चर, बीएससी एग्रीकल्चर, बीएससी हॉर्टिकल्चर, बी.टेक (B.Tech) इन एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग तथा एमबीए इन एग्रीबिजनेस मैनेजमेंट सहित विभिन्न डिग्रियाँ प्रदान की गईं। साथ ही 6 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय की स्मारिका एवं वार्षिक प्रतिवेदन 2025-26 का विमोचन किया गया। साथ ही सबौर पेयजल संयंत्र का उद्घाटन, नीरा पाउच (अनार एवं ऑरेंज फ्लेवर) का शुभारंभ तथा समर्थ ई-गवर्नेंस पोर्टल का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर ग्रीन कैंपस पर आधारित फिल्म तथा कृषि ज्ञान एवं अनुसंधान पर एआई आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया गया।

बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन एवं कुलाधिपति, बिहार कृषि विश्वविद्यालय ने अपने विस्तृत संबोधन में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि सबौर में उत्कृष्ट अवसंरचना का विकास हो रहा है। उन्होंने कार्यक्रम की गुणवत्ता, अनुशासन एवं प्रस्तुति को भारतीय सेना के स्तर के अनुरूप बताते हुए विशेष प्रशंसा की। उन्होंने समारोह के उच्च स्तर और उत्कृष्ट आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की।

उन्होंने विशेष रूप से विश्वविद्यालय परिसर की स्वच्छता, हरियाली और सुव्यवस्थित वातावरण की सराहना करते हुए इसे एक आदर्श ग्रीन कैंपस बताया। उन्होंने कहा कि बीएयू सबौर का परिसर पर्यावरण संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण है और अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

उन्होंने “वर्क इज वर्शिप” को आदर्श मंत्र बताते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थी और वैज्ञानिक देश की खाद्य सुरक्षा के संरक्षक हैं और यही मजबूती भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में सहायक होगी।

उन्होंने चीन के विकास मॉडल और देंग शियाओपिंग के चार आधुनिकीकरण—कृषि, तकनीकी शिक्षा, उद्योग एवं सशस्त्र बल—का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत को भी तकनीक, जलवायु परिवर्तन और कृषि अनुसंधान पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि केवल देश ही नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन से जुड़ा विषय है।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि बीएयू को ग्रीन कैंपस और प्लास्टिक फ्री कैंपस के रूप में विकसित करने के प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के मीडिया सेंटर द्वारा निर्मित शैक्षणिक फिल्मों की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि ये फिल्में ज्ञान के प्रभावी प्रसार का माध्यम हैं और किसानों व छात्रों को नई तकनीकों से जोड़ने में सहायक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी उपयोगी फिल्में अब लोक भवन के माध्यम से भी बिहार कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से तैयार की जाएंगी, जिससे इनका लाभ व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचेगा।

उन्होंने विशेष रूप से मखाना क्षेत्र में विश्वविद्यालय के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय में “मखाना उत्कृष्टता केंद्र” (Centre of Excellence for Makhana) की स्थापना अत्यंत आवश्यक और समयानुकूल पहल है। इस दिशा में उन्होंने अपनी सहमति प्रदान की और आश्वस्त किया कि इस केंद्र की स्थापना एवं सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक सहयोग दिया जाएगा, जिससे बिहार में मखाना अनुसंधान, उत्पादन एवं प्रसंस्करण को नई दिशा मिल सके।

उन्होंने आगे कहा कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयास राज्य के कृषि विकास को नई दिशा देंगे। उन्होंने सामाजिक संदेश देते हुए परिसर को प्लास्टिक मुक्त बनाने, “प्लास्टिक मुक्त बिहार” की दिशा में कार्य करने, पानी की बोतलों के उचित निपटान, नशा मुक्ति तथा टीबी उन्मूलन के लिए जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।

भागलपुर के सांसद श्री अजय कुमार मंडल ने कहा कि उन्हें इस गरिमामय समारोह का हिस्सा बनकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का दिन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के वर्षों के कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का उत्सव है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज एवं राष्ट्र के विकास में करने का आह्वान किया।

बिहार कृषि विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति एवं अभिभावक डॉ. डी.आर. सिंह ने अपने स्वागत संबोधन एवं प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, चल रही परियोजनाओं तथा भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय “वर्क इज वर्शिप” एवं “वर्क विद स्माइल” के सिद्धांत पर कार्य करते हुए निरंतर प्रगति कर रहा है।

उन्होंने “सबौर मखाना-1”, मखाना हार्वेस्टर, विभिन्न फसलों की नई किस्मों का विकास, स्टार्टअप्स, पेटेंट एवं कॉपीराइट, तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध परियोजनाओं की उपलब्धियों का उल्लेख किया। विश्वविद्यालय को NAAC A-grade प्राप्त है, जो इसकी शैक्षणिक उत्कृष्टता और अनुसंधान गुणवत्ता का प्रमाण है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय को आईसीएआर से भी उच्च मान्यता प्राप्त है तथा नीति आयोग द्वारा नोडल एजेंसी के रूप में मान्यता मिली है।

उन्होंने “एक वैज्ञानिक–एक उत्पाद”, जीआई उत्पाद, पलमायरा पाउडर, सिंदूर, ब्लूबेरी एवं ब्लैकबेरी जैसे नवाचारों की जानकारी दी। विश्वविद्यालय को सीआरएस में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है तथा सफलता की कहानियों, शैक्षणिक फिल्मों एवं यूट्यूब व्याख्यानों के माध्यम से ज्ञान का व्यापक प्रसार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप शैक्षणिक सुधार लागू किए गए हैं तथा पुस्तकालय समय को विस्तारित किया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य “छात्रों और किसानों की समृद्धि से देश का विकास” सुनिश्चित करना है तथा 2027-28 तक QS वर्ल्ड रैंकिंग में स्थान प्राप्त करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

समारोह के दौरान यह भी उल्लेख किया गया कि विश्वविद्यालय द्वारा प्रशिक्षित किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं और देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की गई थीं। अंततः यह दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जय हिंद।

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