बांदा1अगस्त 26*स्कूल के बाहर जाम से बेहाल बांदा, डीएम-एसपी और स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल;
स्थायी लोक अदालत पहुंचा मामला*
**सेंट मेरी स्कूल के बाहर जाम में मारपीट,मुकदमा दर्ज; शिकायतकर्ताओं ने जिला प्रशासन,पुलिस और स्कूल प्रबंधन को ठहराया जिम्मेदार*
यूपीआजतक बांदा से ब्यूरो सुनैना निषाद की रिपोर्ट
*बांदा*।शहर के सेंट मेरी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाहर रोजाना लगने वाला भीषण जाम अब जिला प्रशासन,पुलिस प्रशासन और स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।वर्षों से चली आ रही इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने का आरोप लगाते हुए पांच नागरिकों ने स्थायी लोक अदालत में शिकायत वाद दायर किया है।शिकायत में जिलाधिकारी,पुलिस अधीक्षक,यातायात पुलिस, शिक्षा विभाग,परिवहन विभाग और स्कूल प्रबंधन को पक्षकार बनाया गया है।शिकायतकर्ताओं का कहना है कि स्कूल की छुट्टी के समय मुख्य मार्ग पूरी तरह जाम हो जाता है।सैकड़ों बच्चे और अभिभावक सड़क पर फंस जाते हैं,लेकिन न तो ट्रैफिक नियंत्रण की पर्याप्त व्यवस्था दिखाई देती है और न ही स्कूल परिसर के बाहर वाहनों के प्रबंधन की प्रभावी योजना।शुक्रवार को जाम के बीच बच्चों को लेने आए दो परिवारों के परिजनों में विवाद के बाद मारपीट हो गई।पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया।शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि समय पर प्रभावी ट्रैफिक व्यवस्था होती तो ऐसी नौबत शायद नहीं आती।वाद में यह भी उल्लेख किया गया है कि 21 जून 2026 को बारिश के दौरान बच्चे लंबे समय तक जाम में फंसे रहे और कई बच्चों की तबीयत खराब हो गई।इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को अवगत कराने के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।उनका कहना है कि स्कूल प्रशासन ने भी अभिभावकों के वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग और सुरक्षित पिक-अप व्यवस्था विकसित नहीं की,जिससे हर रोज सड़क पर अव्यवस्था की स्थिति बनती है।इतना ही नहीं,स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या केवल सेंट मेरी स्कूल तक सीमित नहीं है।शहर के कई प्रमुख विद्यालयों के बाहर भी छुट्टी के समय यही हाल रहता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब प्रशासन और पुलिस को स्थिति की जानकारी है,तब शहर के स्कूलों के लिए समग्र ट्रैफिक प्रबंधन योजना अब तक क्यों नहीं बनाई गई?अब मामला स्थायी लोक अदालत तक पहुंच चुका है।ऐसे में लोगों की नजरें जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर टिकी हैं।नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना या अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

More Stories
बांदा 1अगस्त 2026*लिखित आश्वासन पर समाजसेवी पीसी पटेल जनसेवक एवं किसानों का अनशन चौथे दिन समाप्त किया गया*
हाथरस1अगस्त26* सिक्कों की कालाबाजारी का बड़ा भंडाफोड़ ,35 लाख के सिक्कों से भरे 66 बोरे बरामद
बांदा 1 अगस्त 26*पशुपालन विभाग ने शुरू किया “पक्षी बचाओ अभियान”*