प्रयागराज14जुलाई26*लंबे समय तक सहमति से बने शारीरिक संबंध दुष्कर्म नहीं*
प्रयागराज -इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि आपसी सहमति से बालिगों के बीच लंबे समय तक चले शारीरिक संबंधों को शादी का वादा पूरा न होने पर दुष्कर्म नहीं कहा जा सकता, खासकर तब जब मूल विवाद मुख्य रूप से सिविल और आर्थिक प्रकृति का हो। यह आदेश न्यायमूर्ति संतोष राय ने आपराधिक अपीलों को स्वीकार करते हुए दिया है। साथ ही आरोपी सौरभ पाल सिंह को आईपीसी की धारा 376, 420, 406, 504 व 506, और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत सभी आरोपों से बरी कर दिया।
कोर्ट ने प्रयागराज के स्पेशल जज (एससी/एसटी एक्ट) के उन आदेशों को रद्द किया, जिनमें याची की डिस्चार्ज अर्ज़ी खारिज कर दी गई थी और उसके खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय किए गए। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अध्ययनरत दलित युवती ने एफआईआर में आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके साथ करीबी संबंध बनाए। उससे शादी करने का वादा किया और उस झूठे भरोसे पर लंबे समय तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने रेस्टोरेंट का बिज़नेस शुरू करने के बहाने उसका एटीएम कार्ड, स्कॉलरशिप का पैसा, गहने और 15 लाख रुपये ले लिए। साथ ही बिज़नेस स्थापित होने के बाद शादी करने से इनकार कर दिया।

More Stories
मथुरा 31 अगस्त 26*थाना गोवर्धन पुलिस एवं रिवार्डेड टीम व सर्विलान्स टीम की संयुक्त कार्यवाही में इनामी अपराधी गिरफ्तार ।*
मथुरा 31 अगस्त 26* मिशन शक्ति फेज 5.0 (द्वितीय चरण) के तहत महिला सशक्तिकरण और जागरूकता अभियान चला
मथुरा31अगस्त26* ‘मिशन शक्ति’ केंद्रों का उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित, उत्कृष्ट कार्य पर महिला कर्मियों को मिली ‘गुड एंट्री’*