August 31, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

बांदा, 31 अगस्त 2026*बांदा के गोखरही में बारिश बनी आफत, बाढ़ जैसे हालात

बांदा, 31 अगस्त 2026*बांदा के गोखरही में बारिश बनी आफत, बाढ़ जैसे हालात

बांदा, 31 अगस्त 2026*बांदा गोखरही बारिश जलभराव बनी आफत, बाढ़ जैसे हालात

यूपी आजतक, बांदा से ब्यूरो सुनैना निषाद की रिपोर्ट।

बांदा गोखरही बारिश जलभराव

बांदा जिले के तिंदवारी विकासखंड की ग्राम पंचायत गोखरही में लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांव में हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि कई इलाकों में कमर तक पानी भर गया है। गलियों में तेज बहाव के चलते लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है और गांव में बाढ़ जैसे हालात नजर आ रहे हैं।
लगातार बारिश के कारण गांव में कई कच्चे मकान भी बारिश और जलभराव की चपेट में आ गए। जानकारी के मुताबिक राममूरत, बबलू सिंह, रवि यादव और रज्जू के कच्चे मकान भरभराकर गिर गए। सबसे ज्यादा नुकसान राममूरत के परिवार को हुआ। बताया जा रहा है कि रात करीब दो बजे उनका मकान अचानक गिर गया। मकान के मलबे में खाने-पीने का सामान और गृहस्थी का पूरा सामान दब गया।
हालांकि इस हादसे में राहत की बात यह रही कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। लेकिन मकान गिरने के बाद प्रभावित परिवार के सामने रहने और खाने-पीने की समस्या खड़ी हो गई है।
वहीं गांव की विधवा महिला रानी का घर भी चारों तरफ से पानी से घिर गया है। घर में पानी भरने और बाहर निकलने का रास्ता बंद होने के कारण रानी को दूसरे व्यक्ति के घर में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
ग्रामीणों का कहना है कि घरों में पानी घुसने के कारण राशन, कपड़े, घरेलू सामान और अन्य जरूरी चीजें खराब हो गई हैं। पानी लगातार बढ़ने की वजह से कई परिवार अपने घरों को छोड़कर गांव की मुख्य सड़क और अन्य ऊंचे स्थानों पर पहुंच गए हैं। कुछ परिवार खुले में रहने को मजबूर हैं।
बारिश ने सिर्फ इंसानों की परेशानी नहीं बढ़ाई, बल्कि मवेशियों के सामने भी चारे का संकट खड़ा कर दिया है। घरों में रखा भूसा पानी में भीगकर सड़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि मजबूरी में मवेशियों को वही सड़ा हुआ भूसा खिलाना पड़ रहा है। इससे पशुओं के बीमार होने का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक पूरी रात लोग जागकर पानी से जूझते रहे। कई लोगों ने अपने घरों में पानी को रोकने के लिए दरवाजों पर करीब चार फीट तक ईंट और मिट्टी लगाकर रास्ता बंद करने का प्रयास किया, लेकिन पानी का तेज बहाव इतना अधिक था कि ये इंतजाम भी ज्यादा देर तक काम नहीं आए।
गांव की गलियों में तेज बहाव के कारण लोगों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित है। बीमार और बुजुर्ग लोगों को अस्पताल पहुंचाना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों को इस बात की चिंता सता रही है कि अगर किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ती है तो उसे पानी के बीच से सुरक्षित अस्पताल तक कैसे पहुंचाया जाएगा।
ग्रामीणों ने गांव में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होने पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हर साल बारिश के मौसम में गोखरही में इसी तरह जलभराव की स्थिति पैदा होती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में स्थायी नाले का निर्माण कराने और जल निकासी की बेहतर व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव अजीत पाल की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, जिसके चलते स्थिति गंभीर हो गई।
हालांकि इस मामले में ग्राम पंचायत सचिव अजीत पाल ने अपना पक्ष रखा है। सचिव के मुताबिक स्थिति को देखते हुए रात में ही जेसीबी लगाई गई और पप्पू अवस्थी के मकान के पास खुदाई कर पानी की निकासी कराने का काम शुरू कराया गया। उनका कहना है कि गांव की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल निकासी के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।
फिलहाल गोखरही में बारिश और जलभराव ने ग्रामीणों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। टूटे हुए कच्चे मकान, पानी में डूबे घर, खराब हुआ राशन और मवेशियों के लिए सड़ा हुआ भूसा ग्रामीणों की परेशानी की तस्वीर बयां कर रहे हैं।
अब ग्रामीणों को प्रशासन से तत्काल राहत के साथ-साथ जल निकासी की स्थायी व्यवस्था और भविष्य में जलभराव से बचाव के ठोस इंतजाम की उम्मीद है।
बांदा/तिंदवारी से यूपी आजतक के लिए ब्यूरो सुनैना निषाद की रिपोर्ट।

Taza Khabar