October 5, 2026

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कानपुर4अक्टूबर 26*पत्रकारों पर मुकदमों और दबाव का मामला, निष्पक्ष जांच व सुरक्षा की मांग

कानपुर4अक्टूबर 26*पत्रकारों पर मुकदमों और दबाव का मामला, निष्पक्ष जांच व सुरक्षा की मांग

कानपुर4अक्टूबर 26*पत्रकारों पर मुकदमों और दबाव का मामला, निष्पक्ष जांच व सुरक्षा की मांग

कानपुर से महेंद्र सिंह, यूपीआजतक

कानपुर। भ्रष्टाचार, अवैध निर्माण, प्रशासनिक अनियमितताओं और जनहित से जुड़े मामलों की खबरें प्रकाशित करने वाले पत्रकारों के खिलाफ कथित रूप से दबाव बनाए जाने, उत्पीड़न किए जाने और आपराधिक मुकदमों में फंसाए जाने के आरोपों को लेकर इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने गंभीर चिंता जताई है।

संगठन की ओर से पत्रकारों की सुरक्षा और पत्रकारिता की स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच व सुरक्षा तथा प्रभावी कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन भेजा गया है।

इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों ने जिलाधिकारी कानपुर नगर के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल तथा प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष को संबोधित ज्ञापन भेजकर पत्रकारों से जुड़े मामलों का संज्ञान लेने और आवश्यक हस्तक्षेप की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि लोकतंत्र में पत्रकार जनहित से जुड़े मुद्दों को शासन-प्रशासन और आम जनता के सामने लाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। भ्रष्टाचार, अनियमितताओं, अवैध निर्माण और जनसमस्याओं से संबंधित समाचारों का प्रकाशन पत्रकारिता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

ऐसे में किसी समाचार के प्रकाशन के बाद यदि संबंधित पत्रकार के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई होती है तो उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है, जिससे कानून का किसी भी रूप में दुरुपयोग न हो।

कथित भ्रष्टाचार की खबर के बाद मुकदमे का मामला

ज्ञापन में कानपुर नगर केस्को के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार से संबंधित कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की खबरों का भी उल्लेख किया गया है। एसोसिएशन की ओर से आरोप लगाया गया है कि इन खबरों के प्रकाशन के बाद थाना रायपुरवा में एक पत्रकार के विरुद्ध कथित रंगदारी का मुकदमा दर्ज कराया गया।

संगठन ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि मुकदमे से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की जांच के साथ-साथ जिन समाचारों को लेकर विवाद सामने आया है, उनमें प्रकाशित तथ्यों की भी स्वतंत्र रूप से जांच कराई जानी चाहिए।

संगठन का कहना है कि किसी पत्रकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच कानून के अनुसार होनी चाहिए और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।

गोंडा के पत्रकार सत्यम मिश्रा पर हमले का मुद्दा

ज्ञापन में गोंडा के पत्रकार सत्यम मिश्रा पर कथित हमले का मामला भी उठाया गया है। संगठन ने पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने और कथित हमले के दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

एसोसिएशन का कहना है कि पत्रकारों को अपनी जिम्मेदारी निभाते समय यदि हिंसा, धमकी या दबाव का सामना करना पड़ता है तो इससे स्वतंत्र पत्रकारिता प्रभावित होती है। इसलिए पत्रकारों से जुड़े ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष जांच जरूरी है।

अवैध निर्माण की खबरों को लेकर दबाव का आरोप

ज्ञापन में कानपुर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में कथित अवैध एवं अनधिकृत निर्माण से संबंधित खबरें प्रकाशित करने वाले पत्रकारों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है।

संगठन की ओर से आरोप लगाया गया है कि ऐसे मामलों की खबरें प्रकाशित करने वाले पत्रकारों पर दबाव बनाने तथा उन्हें आपराधिक मुकदमों में फंसाने की धमकियां दिए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।

इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और पत्रकारों को जनहित से जुड़े समाचार प्रकाशित करने से रोकने के लिए कथित दबाव या कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

गंभीर मुकदमों में साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की मांग

ज्ञापनकर्ताओं ने मांग की है कि पत्रकारों के विरुद्ध दर्ज गंभीर आपराधिक मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों का निष्पक्ष परीक्षण कराया जाए। यदि किसी प्रकाशित समाचार को लेकर किसी व्यक्ति या संस्था को आपत्ति है तो उसके लिए कानून में उपलब्ध वैधानिक उपायों का पालन किया जाना चाहिए।

एसोसिएशन का कहना है कि पत्रकारिता और कानून दोनों अपने-अपने स्थान पर महत्वपूर्ण हैं। किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा या अधिकारों को नुकसान पहुंचने की स्थिति में कानूनी प्रक्रिया उपलब्ध है, लेकिन समाचार प्रकाशित करने के कारण पत्रकारों पर अनुचित दबाव नहीं होना चाहिए।

पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग

इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किए जाने की आवश्यकता की ओर भी राज्य सरकार और सक्षम प्राधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया है।

ज्ञापन में मांग की गई है कि भ्रष्टाचार, अवैध निर्माण और प्रशासनिक अनियमितताओं जैसे जनहित के विषयों पर खबरें प्रकाशित करने वाले पत्रकारों को अनावश्यक दबाव और उत्पीड़न से बचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

संगठन ने प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया, भारत के राष्ट्रपति और उत्तर प्रदेश के राज्यपाल से पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए पत्रकारों से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच, सुरक्षा और पत्रकारिता की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हस्तक्षेप की मांग की है।

अब देखना यह होगा कि ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों और पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़ी इन मांगों पर संबंधित प्राधिकारी किस स्तर पर संज्ञान लेते हैं और आगे क्या कार्रवाई होती है।

कानपुर नगर से महेंद्र सिंह, यूपीआजतक।

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