नई दिल्ली २१ जून २६**अंतरराष्ट्रीय योग दिवस विशेष* _परमतत्व के साक्षात्कार का साधन – अष्टांग योग_
“योगः चित्तवृत्ति निरोधः” अर्थात् योग मन की गतिविधियों पर नियंत्रण करने का उपकरण है। मन को अनुशासित करने का साधन है।
सामान्य धारणा के उलट योग केवल व्यायाम या एक्सरसाइज नहीं है। यह आत्मसाक्षात्कार का मार्ग है। जीवन–दर्शन है!
योगसूत्र में महर्षि पतंजलि ने योग के आठ चरण बताए हैं: यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धरना ध्यान और समाधि।
आचरण द्वारा मन को संयम में रखकर आसान व प्राणायाम द्वारा शरीर को स्वस्थ्य रखना, और फिर स्वस्थ्य शरीर से अपने आत्मा को जानते हुए परमात्मा तक पहुंचना योग का उद्देश्य है।
आइये इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हम सभी के योग वास्तविक लक्ष्य को पहचानें और आत्मसाक्षात्कार की यात्रा आरम्भ करें।
*मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🇮🇳*

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