दिल्ली03जुलाई25* में 15 साल पुरानी पेट्रोल और 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियों को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
योगेन्द्र यादव जी की खास खबर…
देश भर में डीजल पेट्रोल सभी प्रकार की 15 साल पुरानी गाड़ियों को प्रतिबंधित किया गया है। यानी लाखो करोड़ की संपत्ति कबाड़ बनाई गईं है। कबाड़ बनाई गई यह संपत्ति देश की संपत्ति है और जनता का संसाधन है।
क़ानून की आड़ में लाखों करोड़ की संपत्ति को नष्ट करना विकास नहीं है। यह जनता से उसकी सुविधा को छीनने और विनाश की सुव्यवस्थित योजना है।
कोई मध्यम वर्गीय व्यक्ति कर्ज में गाड़ी लेता है और दसियो साल उसकी किस्तें भरता है, जब तक में उसकी किस्तें पूरी होती हैं तब तक में कानूनी तौर पर गाड़ी की लाइफ टाइम खत्म हो जाती है भले ही वह नई कंडीशन में हो। अब वह फिर से किस्तों में नई गाड़ी लेकर जिंदगी भर किस्तें भरे या गाड़ी विहीन रहे।
इस नियम कानून का फायदा किसे है? 1: इससे वाहन निर्माता कंपनियों के वाहनों की बिक्री बढ़ेगी, 2: बीमा कंपनियों को प्रीमियम की मोटी रकम मिलेगिक, 3: सरकार को टैक्स के रूप में मोटी रकम मिलेगी, 4: कबाड़ कारोबारियों को कबाड़ मिलेगा।
सवाल यह कि इससे जनता को क्या फायदा हुआ?

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