June 17, 2024

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कौशाम्बी06अप्रैल24*यूपीआजतक न्यूज चैनल पर देश राज्यों से बड़ी खबरें।

कौशाम्बी06अप्रैल24*यूपीआजतक न्यूज चैनल पर देश राज्यों से बड़ी खबरें।

कौशाम्बी06अप्रैल24*यूपीआजतक न्यूज चैनल पर देश राज्यों से बड़ी खबरें।

[06/04, 9:07 am] +91 96675 06046: *मोदी की पुलिस ने बेगुना हमहीला को सुसाइड करवाने में कोई कोर कसर,बाकी नहीं छोड़ी लेकिन जाको राखे साइयां मार सके ना कोई*

*क्या देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह इन पुलिस कर्मियों पर लेंगे एक्शन*

*पंजाबी बाग पुलिस का षड्यंत्र, नेताओं के इशारे पर पत्रकार पर किया झूठा मामला दर्ज कंप्लेंडर ने किया खुलासा*

*देश की राजधानी की षड्यंत्रकारी पुलिस का कारनामा हुआ उजागर*

नई दिल्ली पंजाबी बाग
भगवान के घर देर है अंधेर नहीं यह कहावत यहां सटीक बैठती है, हंस हंस कर सहे हैं हमने जुल्म और अत्याचार तुम्हारे

दिल्ली के पंजाबी बाग पुलिस की हकीकत जानकर इंसानियत शर्मसार हो जाएगी और लोगों का कानून से भरोसा भी उठ जाएगा । वैसे भी जनता का कानून पर भरोसा रहा ही नहीं है ,अब थाने में इंसाफ नहीं मिलता, जिसकी बड़ी वजह हैं, देश में सुरक्षा और शांति बहाली के लिए तैनात की गई ये सरकारी बॉडी (पुलिस ) अब कठपुतली बनकर नेताओं के इशारे पर किसी भी मासूम और इज्जतदार की इजत को ताक पर रखकर कुछ भी कर गुजर जाती है।
*एक बड़ा खुलासा*
पुलिस द्वारा एक मासूम और निर्दोष जानी, पहचानी महिला पत्रकार को किस हद तक प्रताड़ित कर सुसाइड करवाने की कोशिश की गई ,आज खुलासा किया जाएगा। मामला 2018 का है जब बीजेपी जीत के नशे में चूर थी ,जिसका घमंड सातवां आसमान पर था और 70 साल से सत्ता के भूखे उनके नेता इंसान को इंसान ना समझ रहे थे ना पत्रकार को पत्रकार समझ रहे थे एक गदर मच गया था और बेगमपुर ,रोहिणी, दिल्ली के अन्य क्षेत्रों से अनेक ऐसे मामले सामने आए थे जिनको सुनकर हैरानी हो रही थी सबको खुलेआम प्रताड़ित किया जा रहा था ,अपने कार्यकर्ताओं, महिला कार्यकर्ताओं के माध्यम से लोगों के खिलाफ झूठी गवाही, झूठे सबूत बना कर लोगों को प्रताड़ित करने का काम किया जा रहा था | तब एक पत्रकार पर, पंजाबी बाग,मादीपुर चौकी की पुलिस ने ऐसा कहर ढाया जिसकी हकीकत, आज जानकर इंसानियत शर्मसार हो गई। पत्रकार होते हुए जिसको सविधान का चौथा स्तंभ कहा जाता है ,महिला दर-दर इंसाफ के लिए भटकती रही। उस समय के आयुक्त को,लिखित में शिकायतें भी देती रही लेकिन नेताओं के इशारे पर चलने वाली पंजाबी बाग की पुलिस को शर्म नहीं आई और उन्होंने उन्हीं नेताओं के इशारे पर पत्रकार का 25 साल का मान्यता प्राप्त पत्रकार का करियर तबाह और बर्बाद कर दिया । ना बल्कि उसका करियर तबाह और बर्बाद किया बल्कि उसकी और उसके अखबार की छवि खराब कर उसे लाखों के नुकसान के नीचे डाल दिया। यह जानकार लोगों के पैरों तले से जमीन नहीं खिसकेगी और ना ही कोई हैरानी होगी क्योंकि कहीं ना कहीं सभी लोग इस तरह के षडयंत्रों को भुगत रहे हैं। पंजाबी बाग मादीपुर की पुलिस की पोल पट्टी उस वक्त खुल गई जब खुद शिकायत करता ने महिला पत्रकार को बताया कि तुम्हारे ऊपर FIR पुलिस ने की है मैने नही। हा मैने 100 नंबर कॉल जरूर की थी उसके बाद में थाने नहीं गया था,फिर मेरा सवाल ही पैदा नहीं होता कि आप पर कंप्लेंट दर्ज हुई क्योंकि मैंने कंप्लेंट नहीं की, मुझे नहीं पता पुलिस ने आप पर क्यों कंप्लेंट दर्ज की ? लेकिन इतना जरूर है जिस माहौल को मैंने आपके यहां देखा उस से यह सब पता चलता था कि आपके खिलाफ वहां पर बड़ा षड्यंत्र था । जो कि कुछ महिलाएं और कुछ लोग आपके खिलाफ जो बयान बाजी कर रहे थे उसको देखकर मैं समझ गया था कि इस महिला के पीछे इस पत्रकार के पीछे पूरी बड़ा षड्यंत्र हैं यह सब महिलाएं भी पड़ी हुई है। मैने 100 नंबर कॉल तो जरूर की थी फिर मैं थाने नहीं अपने घर चला गया था । मुझे उस दिन पता चला आप पर मामला दर्ज हो चुका है जिस दिन आपने अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में एप्लीकेशन दी। मुझे बड़ी हैरानी हुई और आज मैं आपको बता रहा हूं कि मैं तुम्हारे ऊपर कोई केस दर्ज नहीं कराना चाहता था है । यह वाक्य शिकायतकर्ता ने खुद पत्रकार को बताए। एक झूठे केश ने 25 साल की पत्रकारिता और मान्यता प्राप्त पत्रकार को पुलिस ने एक झूठे केस में फसा उसका करियर चौपट कर दिया। उसकी सरकारी मान्यता समाप्त कर दी गई । मादीपुर के पुलिसकर्मी उस वक्त के एसीपी लम्बा, एसएचओ राजीव भारद्वाज, समीर शर्मा ad dcp, थे। यह मामला 2018 का हैं जब एक व्यक्ति पत्रकार के घर में रात के 6:30 बजे पहुंचा और वारदात के बाद जिसने बाद में खुद को सरकारी आदमी बताया था । पत्रकार के साथ कहा सुनी मारपीट चैन झपट जरूर हुई लेकिन उसके साथ चार रिकवरी वाले भी थे जिन्होंने पुलिस को फोन करके खुद को जज सुनील चौधरी बताया था। आज उसकी हकीकत भी उजागर हो गई है क्योंकि सुनील चौधरी जज नहीं बल्कि सुनील चौधरी गाड़ियों को रिकवर करने वाला रोहिणी का एक एजेंट है जो रोहिणी कोर्ट में नजारत ब्रांच में बैठता है। जिसने पुलिस को, खुद को जज बताते हुए फोन किया था यह खुलासा भी खुद कंप्लेंट करने वाले ने ही किया है । *अब बताएं दिल्ली पुलिस कैसी जांच करती है*?
और कितनी जांच करती है पत्रकार के खिलाफ कोई सबूत ना होते हुए भी नेताओं के प्रेशर में पत्रकार को बदनाम करने के लिए उसका करियर चौपड़ करने के लिए, उसको जेल भिजवाने के लिए एक घिनौना षड्यंत्र रचा गया जिसका खुलासा आज हो रहा है । भाजपा कहती है कि भगवान के घर देर हैं अंधेर नहीं? *अब बीजेपी बताएं कि भगवान के घर देर अंधेर वाली कहावत आप पर कितनी सटीक बैठती है?* क्या आप उन अपराधी ,साजिश करता पुलिस कर्मियों और नेताओं को सजा दोगे,?
*उस वक्त आपको बता दें कि 2018 में एडिशनल डीसीपी समीर शर्मा थे और डीसीपी विजय कुमार थे , इसके साथ एसीपी लंबा थे , sho राजीव भारद्वाज थे, इन सबको पत्रकार ने लिखित में शिकायत दी थी जो गायब कर दी गई थी इन्होंने रजिस्टर से पत्रकार की एंट्री तक गायब कर दी थी, उसकी कंप्लेंट का नंबर तक जो रोज नामाचे में दर्ज किया जाता है वह तक देने से मना कर दिया था*

*जांच करने वाले आईओ ने मादीपुर से ट्रासफर होने के बाद पत्रकार को बताया था कि आपके केस में कोई गवाह कोई सबूत ना होते हुए भी आप पर जबरन मामला दर्ज हुआ है मैं मजबूर हूं*

*उसके बाद पत्रकार को इस घटना के 6 महीने के बाद पता चला कि उसके ऊपर कंप्लेंट दर्ज हो गई है* तो उसने पुलिस वालों से पूछा कि उसमें कंप्लेंट दर्ज हुई है जबकि आपने यह भी कह दिया था कि शिकायतकर्ता कैस नहीं करना चाहता वापस ले रहा है कंप्रोमाइज कर लो और कंप्रोमाइज हो भी गया था! बावजूद इसके उस शिकायत को इन्होंने दबा कर रखा और रंजिश और साजिश और षड्यंत्र के तहत पत्रकार को सुसाइड करवाने के मकसद से कंप्लेंट दर्ज की गई थी?
उस वक्त के नेता जिनके नाम षड्यंत्र में सामने आए थे, जिन्होंने झूठे गवाह खड़े किए थे, कैलाश सांखला डिप्टी मेयर, सुनीता कांगड़ा मेयर ,सांसद प्रवेश वर्मा, मनजिंदर सिरसा ,तक के नाम इस षड्यंत्र में सामने आए थे। इस बाबत मनोज तिवारी उस वक्त के जो दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष थे उसे शिकायत की गई थी और मनोज तिवारी ने यह भरी सभा में कहा था कि पत्रकार हमारी बहने है,। फिर भी बहनों के साथ ऐसा सलूक शर्मसार करने वाला है। पत्रकार ने उस वक्त के तमाम बड़े पुलिस अधिकारियों को लिखित में शिकायत दी थी लेकिन पत्रकार की कोई सुनवाई नहीं हुई थीं, क्यो? और थाने की पुलिस ने बड़े अधिकारियों को गुमराह किया कि पत्रकार ने किसी तरह की कोई ,100 नंबर कॉल नहीं की थी और ना ही कोई शिकायत दी थी उसके बाद आरटीआई (RTI )लगाई गई आरटीआई से ही खुलासा हुआ , उस दिन पत्रकार ने 7 से ज्यादा पुलिस को कॉल की थी, हंड्रेड नंबर पर और इसके साथ-साथ लिखित में शिकायत दी थी पत्रकार की एमएलसी हुई थी, पत्रकार को रात के 11:00 बजे तक थाने में रहना पड़ा था, जबकि शिकायतकर्ता जो थे उसने अपनी शिकायत में खुद लिखा है कि वह मौके से पुलिस से मिलकर अपने घर चला गया था और उसके बाद वह नहीं आया था । *अब सवाल यह खड़ा होता है कि पुलिस ने चोटिल शिकायतकर्ता को जाने कैसे दिया? उसे अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया? उसकी एमएलसी क्यों नहीं कराई गई? एक महिला के साथ उसके घर में घुसकर जो हुआ बावजूद उसके पुलिस ने उसे जाने कैसे दिया*? शिकायतकर्ता से ना तो वह फटे हुए कागज बरामद किए, यह सवाल है? वह कागज कब रिकवर किए गए? दूसरा सर फोड़ने वाली बात थी तो हॉस्पिटल क्यो नही ले जाया गया? खुद शिकायतकर्ता ने कहा कि मैंने तो आप पर आरोप नहीं लगाया कि आपने मुझे मारा? पुलिस लगा रही है मैं नहीं लग रहा । तो अब बताएं मोदी सरकार और अमित शाह जी की यह आपकी जो पुलिस की मिली भगत से एक महिला पत्रकार को दिल्ली जो देश की राजधानी है उसके अंदर इस तरीके से प्रताड़ित किया गया उसे सुसाइड करवाने की पूरी जी तोड़ कोशिश की गई उन पर आप क्या कार्यवाही करोगे?
लेकिन कहते हैं भगवान के घर देर होती है अंधेर नहीं होती है। हालांकि मेयर और उसके परिवार को भी उनके किए की सजा भगवान ने दे दी है, उनके दो जवान बेटो की दर्दनाक मौत हो गई । मेयर सुनीता कांगड़ा के हस्बैंड आधे अपाहिज हो गए । मनजिंदर सिर्फ सिरसा की राजनीति खत्म हो गई । कैलाश सांखला का बुरा हाल हो गया उसे पार्टी से निकाल दिया । इसी तरीके से प्रवेश वर्मा का टिकट कट गया और उनको कई विवादों का सामना करना पड़ा । तो भगवान के घर देर है पर अंधेर नहीं होती । *वहीं पुलिस को भी इसमें बड़ी सजा मिली तीस हजारी कोर्ट में वकीलों के साथ हुई मुठभेड़ में राजीव भारद्वाज sho के सर में गंभीर चोटे लगी थी और वह वहां पर विवादों में फंसे थे इसी तरह से कई अन्य पुलिस वालों को भी अलग-अलग सजा अलग-अलग तरीके से भगवान ने दी है और उनको भी गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ा है एसीपी लांबा पर भी 20 लाख रुपए रिश्वत लेने के आरोप नजफगढ़ क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने लगाया । डीपी समीर शर्मा और विजय कुमार विवादों में फंसे रहे उनके ट्रांसफर दिल्ली से बाहर हुए यह भगवान ही तुम लोगों को सजा दे रहा है और आगे भी इसी तरह से देता रहेगा लेकिन बड़ी बात यह है कि पुलिस के रवैया से एक महिला पत्रकार की जो मान्यता प्राप्त छवि धूमिल हुई है उसकी भरपाई कौन कर पायेगा ? इसका जवाब शायद भगवान इन साजिश कर्ताओं को जरूर देगा और इनका नाश होना तय है?*
[06/04, 10:05 am] +91 88401 88542: *महाराष्ट्र के नासिक में दर्दनाक हादसा, तेज रफ्तार SUV ने मोटरसाइकिल को मारी टक्कर, 5 लोगों की मौत▪️*
[06/04, 10:05 am] +91 88401 88542: *जम्मू कश्मीर में भूकंप के झटके, एक दिन में पांच बार डोली धरती*

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के जिला किश्तवाड़ और डोडा में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। किश्तवाड़ में चार और डोडा में एक बार भूकंप का झटका लगा। ऐसे में शाम साढ़े पांच बजे तक कुल पांच बार भूकंप के झटके लग चुके हैं। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने इसकी जानकारी दी है।किश्तवाड़ में शाम 5:20 पर 3.8 की तीव्रता का भूंकप आया। इससे पहले सुबह 06: 56 पर 2.9 की तीव्रता का झटका लगा। रात 02 :09 पर 3.2 की तीव्रता, रात 01 :24 पर 2.9 की तीव्रता का भूकंप आया। वहीं, डोडा में सुबह 5:37 पर 2.6 की तीव्रता का झटका लगा▪️
[06/04, 10:05 am] +91 88401 88542: *पंजाब में दर्दनाक हादसा, टेंपो और ट्राले मे टक्कर, 5 की मौत*

पंजाब में कोटकपुरा में एक दर्दनाक हादसा पेश आया है। यहां नजदीकी गांव पंजगराई खुर्द के पास तडक़े दो बजे टाटा एस और ट्राले के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में दो महिलाओं समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए कोटकपुरा व फरीदकोट के अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। ये सभी व्यक्ति मुक्तसर के गांव मराड कलां के रहने वाले हैं, जो कि बाघा पुराना के गांव निगाहा में धार्मिक स्थल से माथा टेकने के बाद टाटा एस गाड़ी में सवार होकर वापस लौट रहे थे। इस दौरान पंजगराई खुर्द के पास सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्राला ने टक्कर मार दी▪️
[06/04, 10:05 am] +91 88401 88542: *प्रधानमंत्रियों की नगरी है प्रयागराज , इस पावन धरती से ताल्लुक रखते हैं देश के 7 प्रधानमंत्री*

प्रयागराज को ‘प्रधानमंत्रियों का शहर’ कहने के पीछे की कहानी भी दिलचस्प है. दरअसल, इस जिले में कुल दो लोकसभा सीटें आती हैं. एक प्रयागराज और दूसरी फूलपुर. इन जिले की दोनों सीटों से लोकसभा चुनाव जीतने वाले कुल तीन नेता देश के प्रधानमंत्री बने. सबसे पहले नाम आता है पंडित जवाहर लाल नेहरू का, दूसरे हैं लाल बहादुर शास्त्री, और तीसरे हैं विश्वनाथ प्रताप सिंह. वहीं इस शहर से निकले कुल 7 नेता ऐसे रहे, जो आगे चलकर देश के प्रधानमंत्री बने. गंगा, यमुना, सरस्‍वती के संगम के लिए मशहूर प्रयागराज की धरती से कई प्रधानमंत्री निकले. आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू यहीं से थे. उनके पिता मोती लाल नेहरू यही रहते थे. यहां का आनंद भवन उनका निवास था. देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री भी इसी शहर से चुनाव जीते. नेहरू के अलावा इंदिरा गांधी और राजीव गांधी भी कभी यहीं रहा करते थे. आगे चलकर इंदिरा गांधी और राजीव गांधी भी देश के प्रधानमंत्री बने. इतना ही नहीं, देश के प्रधानमंत्री रहे वी पी सिंह यानि विश्‍वनाथ प्रताप सिंह भी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र थे. इसी तरह चंद्रशेखर और गुलजारी लाल नन्दा ने भी यहीं से अपनी पढ़ाई की थी. ये दोनों भी आगे चलकर देश के प्रधानमंत्री बने. इस तरह आजादी से अब तक इलाहाबाद की धरती से निकले कुल 7 नेता इस देश के प्रधानमंत्री बने. यही नहीं प्रयागराज लोकसभा सीट से बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्‍चन भी चुनाव लड़कर सांसद रह चुके हैं. इसी तरह समाजवादी नेता जनेश्‍वर मिश्र और भाजपा के वरिष्‍ठ नेता मुरली मनोहर जोशी भी यहां से सांसद रहे हैं▪️
[06/04, 10:05 am] +91 88401 88542: *कानपुर देहात- डीसीएम की टक्कर से बाइक सवार दो की मौत*

हादसे में दो युवकों की मौके पर दर्दनाक मौत बाइक से घर जा रहे एक ही परिवार के युवक

मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लिया रसूलाबाद कोतवाली क्षेत्र के कहिंजरी की घटना
[06/04, 10:05 am] +91 88401 88542: *इतिहास में पहली बार इतना महंगा हुआ सोना-चांदी, बना नया कीर्तिमान*

*79,337 रुपये प्रति एक किलो के स्तर पर बंद हुई प्रति 10 ग्राम की दर से उछल कर सोना 69,902 के स्तर को पार कर बंद हुआ*

शादी-ब्याह का एक बार फिर से सीजन शुरू होने वाला है, लेकिन उससे पहले सोने और चांदी के भाव सातवें आसमान पर है. लगातार दूसरे दिन सोने और चांदी ने अपने खरीदारों को महंगाई का दोहरा झटका दिया. लगातार दूसरे दिन भारतीय सर्राफा बाजार सोना और चांदी अपने इतिहास में सबसे महंगा बिका. 24 कैरेट सोना 538 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से महंगा हुआ तो चांदी की कीमत में 1743 रुपये प्रति किलो की बड़ी उछाल दर्ज की गई. जहां लगातार सातवें कारोबारी दिन सोना महंगा हुआ. वहीं लगातार पांचवें दिन सोना ने महंगाई का नया कीर्तिमान बनाया. गुरुवार को 24 Carat Gold 538 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से उछल कर 69,902 के स्तर को पार कर बंद हुआ. जबकि पिछले कारोबारी दिन बुधवार को सोना 403 रुपये की तेजी के साथ 69,364 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच कर बंद हुआ था. महंगाई का नया इतिहास रचते हुए चांदी पहली बार चांदी 79,000 रुपये के आंकड़े को पार कर गई. चांदी 1743 रुपये की बड़ी तेजी के साथ 79,337 रुपये प्रति एक किलो के स्तर पर बंद हुई. इससे पहले पिछले कारोबारी बुधवार को चांदी 1469 रुपये की मजबूती के साथ 77,594 रु. प्रति किलो के स्तर पर बंद हुई थी▪️
[06/04, 10:37 am] +91 99560 44608: *अमेरिका के न्यूयॉर्क सिटी को लगे भूकंप के झटके, समुद्र में उठी ऊंची लहरें*

ताइवान और इंडोनेशिया के बाद अब अमेरिका के न्यूयॉर्क सिटी से भी जोरदार भूकंप के झटके लगने की सूचना सामने आ रही है। भूकंप के बाद समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठने लगीं। हालांकि सुनामी की कोई भी चेतावनी जारी नहीं की गई। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण ने कहा कि शुक्रवार सुबह घनी आबादी वाले न्यूयॉर्क सिटी महानगर क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए। निवासियों ने बताया कि उन्होंने पूर्वी तट पर समुद्र में ऊंची लहरें उठती हुए देखी। इसके बाद इलाके में हचचल मच गई। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण ने बताया कि भूकंप की प्रारंभिक तीव्रता 4.8 मापी गयी और इसका केंद्र न्यूजर्सी के लेबनान के समीप पाया गया। न्यूयॉर्क के दमकल विभाग ने बताया कि अभी नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है। सभी जगहों से इस बारे में सूचना जुटाई जा रही है▪️
[06/04, 10:37 am] +91 99560 44608: *वंदे भारत में पत्नी को बैठाने गया पति ट्रेन में ही हो गया बंद, मजबूरी में करनी पड़ी 130 किमी यात्रा*

वंदे भारत ट्रेन में ऑटोमेटिक दरवाजे लगाए गए हैं. ट्रेन के चलने से पहले ही ये दरवाजे बंद हो जाते हैं. एक शख्स जब अपनी पत्नी को वंदे भारत ट्रेन में बैठाने के लिए गया, समय पर वापस नहीं आ पाया और दरवाजे बंद हो गए. इसके बाद शख्स को 130 किमी की यात्रा करनी पड़ी वो भी नाइट सूट में, दंपति की बेटी ने इस मजेदार घटना को सोशल मीडिया पर शेयर किया है. मामला वडोदरा का है. सोशल मीडिया पर एक लड़की ने बताया कि मां वडोदरा से मुंबई आ रही थीं. मां के तैयार हो जाने के बाद पापा सोकर उठे और मां को स्टेशन छोडऩे के लिए निकल गए. ट्रेन आई और मां के साथ पिता भी ट्रेन में चढ़ गए. वह ट्रेन में इसलिए चढ़े थे ताकि सामान को सही तरीके से रख दें और मां को यात्रा के दौरान कोई परेशानी ना हो. हालांकि इस दौरान ट्रेन के दरवाजे पर लाइट जलने लगीं, जो दरवाजे के बंद होने का इशारा करती हैं. लड़की के पिता का ध्यान इस पर नहीं गया और दरवाजे बंद हो गए. दरवाजे बंद होते ही इस लड़की के पिता TTE के पास पहुंचे लेकिन ट्रेन रफ्तार पकड़ चुकी थी और ट्रेन को रोकना संभव नहीं था. TTE ने ट्रेन रोकने से मना कर दिया ▪️
[06/04, 10:37 am] +91 99560 44608: *12,500 🟤नामांकन भरने चिल्लर लेकर पहुंचा निर्दलीय, ऐसे जुटाई राशि*

चुनाव के दौरान अजब-गजब नजारे देखने को मिलते हैं। ऐसा ही एक नजारा मध्य प्रदेश के बैतूल में देखने को मिला, जहां एक प्रत्याशी नामांकन दाखिल करने के लिए जमानत राशि के रूप में सिक्के लेकर पहुंच गया। 12 हजार 500 की जमानत राशि जमा करने के लिए प्रत्याशी 9200 के सिक्के पॉलीथिन में लेकर पहुंचा था। बाकी 3300 नोट के रूप में जमा किए। सिक्के देखकर निर्वाचन के कर्मचारी भी हैरान हो गए। दरअसल, बारस्कर सुभाष कोरकू बैतूल संसदीय सीट से किसान स्वतंत्र पार्टी से चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने नामांकन जमा करने की आखिरी तारीख में अपना नामांकन जमा किया, जब सुभाष निर्वाचन कार्यालय में नामांकन दाखिल करने पहुंचे, तो उन्हें देखकर सब हैरान रह गए, क्योंकि सुभाष जमानत राशि जमा करने के लिए सिक्के लेकर गए थे। सुभाष का कहना है कि वह मजदूरी का काम करते हैं और घर में थोड़ी-सी खेती है। गरीब परिस्थिति के हैं, लेकिन आदिवासी क्षेत्र की समस्याओं को देखकर चुनाव लड़ रहे हैं। सुभाष का मानना है कि सिस्टम को सुधारने के लिए सिस्टम में जाना पड़ेगा और चुनाव जीतकर ही सिस्टम में पहुंच सकते हैं। पर समस्या यह है कि सुभाष के पास नामांकन जमा करने के लिए जमानत राशि भी नहीं थी। उन्होंने लोगों से सहयोग लेकर जमानत राशि का इंतजाम किया। सुभाष ने बताया कि जमानत राशि के 12500 रुपए लेकर आया था ,जिसमें 9200 के सिक्के थे। सिक्के में एक, दो, पांच ,दस और बीस के सिक्के थे। इसके साथ ही 3300 नोट में थे। यह राशि लोगों से सहयोग के रूप में ली थी। एक-एक रुपए जमा किए। वे नोट नहीं है, वोट बैंक है▪️
[06/04, 10:37 am] +91 99560 44608: *महिलाओं के साड़ी पहनने पर फर्जी बयान बाजी दे कर भारतीय महिलाओं को भयभीत करने में लगा है अमेरिका*

*आप इस तरीके से पहनेंगी साड़ी तो आपको है कैंसर होने का खतरा ‼️*

अक्सर भारतीय महिलाएं किसी भी पार्टी, फंक्शन, फेस्टिवल और पूजा-पाठ आदि में साड़ी पहनती हैं. साड़ी का ट्रैंड अब सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं रह गया है. विदेशों में भी महिलाएं अलग-अलग तरीके से साड़ी पहनते हैं.  साड़ी को लोग अलग-अलग स्टाइल में पहनते हैं. अभी हाल ही एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि एक खास स्टाइल से साड़ी पहनने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है. भारत में जिस प्रकार से महिलाएं साड़ी पहनती हैं, उससे कैंसर की प्रबल संभावना बढ़ जाती है. वहीं, रिपोर्ट में यह भी बात सामने आई है कि कुछ अन्य कपड़ों के कारण भी कैंसर हो सकता है. भारतीय संस्कृति से जुड़े इस परिधान साड़ी से कैंसर होने की समस्या हो सकती है. कैंसर स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की मानें तो भारत में रहने वाली महिलाएं पूरे साल साड़ी पहनती हैं. वे साड़ी को कमर से बांधती हैं, ऐसे में कमर पर निशान पड़ जाते हैं. कमर पर ये निशान पेटीकोट के नाड़े से पड़ते हैं. इसके कारण कमर पर काला निशान पड़ जाता है. आगे चलकर यह निशान स्किन कैंसर का कारण बनता है. अधिकतर जो महिलाएं ज्यादा गर्मी में रहती हैं, उनमें इस बीमारी का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है. वहीं, इस तरह के कैंसर के केस बिहार और झारखंड की महिलाओं में ज्यादा देखने को मिल रहे हैं. कश्मीर के लोग कांगरी में आग जलाकर रख लेते हैं. इसके कारण भी स्किन जलती है और कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. इसके साथ ही टाइट जींस के कारण कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. अगर आप कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचना चाहते हैं तो आपको अपनी लाइफस्टाइल को ठीक करना चाहिए. इस कारण आपको हेल्दी लाइफस्टाइल अपनानी चाहिए और घंटों एक जगह पर बैठने से बचें▪️

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