कौशाम्बी 22 फ़रवरी 26*पान मसाले का ‘काला कारोबार एमआरपी को ठेंगा दिखा रहे हैं डिस्ट्रीब्यूटर*
*शुद्ध प्लस’ पान मसाले का लाखों का अवैध स्टॉक डंप,कालाबाजारी से छोटे दुकानदार बेहाल*
*ऊंचे दामों पर बिक्री और टैक्स चोरी का आरोप,प्रशासनिक जांच की उठी मांग*
*महेवाघाट कौशाम्बी* जिले के सराय अकिल पश्चिम शरीरा आषाढा तिल्हापुर मनौरी मूरतगंज हररायपुर चरवा अझुवा सैनी सिराथू सहित विभिन्न क्षेत्र में पान मसाला व्यापार के नाम पर भ्रष्टाचार और कालाबाजारी का बड़ा सिंडिकेट फल-फूल रहा है। क्षेत्र के मुख्य डिस्ट्रीब्यूटर पर आरोप है कि उसने शुद्ध प्लस पान मसाला का लाखों रुपये का स्टॉक अवैध रूप से डंप कर रखा है। इतना ही नहीं डिस्ट्रीब्यूटर द्वारा निर्धारित खुदरा मूल्य की धज्जियां उड़ाते हुए ऊंचे दामों पर माल बेचा जा रहा है, जिससे छोटे व्यापारियों और उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा डाका डाला जा रहा है। अवैध डंपिंग से बाजार में हाहाकार मचा हुआ है डिस्ट्रीब्यूटर ने बिना किसी पुख्ता रिकॉर्ड के गोदामों में भारी मात्रा में माल जमा कर रखा है। इस कृत्रिम किल्लत का फायदा उठाकर बाजार में माल को ब्लैक में बेचा जा रहा है। छोटे दुकानदारों का कहना है कि जब वे एमआरपी पर माल बेचने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें पीछे से ही माल महंगा मिलता है, जिससे उनका धंधा चौपट हो रहा है। टैक्स चोरी की बड़ी साजिश बिना रिकॉर्ड के लाखों का माल डंप करना न केवल कालाबाजारी है, बल्कि बड़े पैमाने पर जीएसटी और राजस्व की चोरी की ओर भी इशारा करता है। आरोप है कि सप्लाई चेन में पारदर्शिता की कमी है और ज्यादातर लेनदेन बिना रसीद के किए जा रहे हैं। व्यापारियों में भारी आक्रोश डिस्ट्रीब्यूटर की इस तानाशाही से पूरे जिले के के छोटे व्यापारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इन गोदामों की जांच कर स्टॉक का मिलान नहीं किया,तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। क्षेत्र की जनता अब जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग कर रही है कि पान मसाला माफिया के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

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