औरैया21सितम्बर*धूम्रपान निषेध कानून हुआ हवा-हवाई*
*जुर्माना लगाने के प्राविधान के साथ गांधी जयंती पर लागू हुआ कानून*
*संवाददाता राम प्रकाश शर्मा*
*औरैया।* आज से करीब एक दशक पूर्व गांधी जयंती के अवसर पर देशभर में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध होगा, और इसका उल्लंघन करने पर जुर्माना अदा करना पड़ेगा कानून लागू हुआ। यह धूम्रपान निषेध कानून वर्ष 2008 में उच्चतम न्यायालय की मुहर लगने के बाद देश में प्रभावी हो गया। इसके बावजूद धूम्रपान निषेध कानून हवा-हवाई बनकर रह गया। इस पर प्रतिबंध नहीं लग सका। सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को धूम्रपान करते देखा जा सकता है। किसी प्रकार की कानूनी कार्यवाही नहीं होने के कारण इसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध पूर्ण रूप से होना चाहिए। इसके लिए शासन व प्रशासन को सख्त कदम उठाने की महती आवश्यकता है।
धूम्रपान निषेध कानून के तहत सिगरेट, बीड़ी, हुक्का और गुटका पर प्रतिबंध लगाया गया। इस कानून के अंतर्गत ऐसे किसी भी स्थान पर धूम्रपान करना या तंबाकू उत्पादों का सेवन करना निषेध बताया गया जो आम लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। सार्वजनिक स्थानों में होटल, रेस्तरां, बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन, दफ्तर, काफी हाउस, पव वार, एयरपोर्ट, लॉज, डिस्कोथीक, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, सार्वजनिक शौचालय, स्टेडियम, सभागार तथा खुले सभागार, ऑडिटोरियम, रिफ्रेशमेंट, पुस्तकालय, शैक्षिक संस्थान, न्यायालय परिसर, कार्य स्थल, मनोरंजन स्थल, अस्पताल परिसर, सहित ऐसे सभी स्थान शामिल है जहां आम आदमी आता जाता है। कानून के मुताबिक सार्वजनिक स्थल के मालिक, प्रबंधक अथवा सुपरवाइजर इंचार्ज आदि की ड्यूटी बताई गई कि वह सार्वजनिक स्थलों के सभी प्रवेश द्वारों तथा बिल्डिंग के भीतर के मुख्य स्थलों सीढियों, लिफ्ट के आसपास धूम्रपान निषेध बोर्ड अवश्य प्रदर्शित करें। इसके अलावा उसे यह भी प्रदर्शित करना होगा कि कानून का उल्लंघन करते पाए जाने वाले व्यक्ति के संबंध में शिकायत किस व्यक्ति विशेष की होती है। इसके अलावा उसे यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सार्वजनिक स्थलों पर एस्ट्रें , माचिस , लाइटर तथा ऐसा कोई सामान उपलब्ध या प्रदर्शित ना किया जाए जिसकी मदद से धूम्रपान किया जा सके। कानून के अंतर्गत यह भी प्रावधान रखा गया कि यदि सार्वजनिक स्थल पर मालिक अथवा प्रबंधक कानून का उल्लंघन करते हैं। मालिक से भी प्रति व्यक्ति 200 रुपये के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा। धूम्रपान निषेध कानून लागू हुए एक दशक से ज्यादा का समय हो चुका है इसके बावजूद उपरोक्त स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध नहीं लग सका। सरकारी कर्मचारियों से लेकर जनता के लोग इस कानून का खुलेआम उल्लंघन करते देखे जा सकते हैं। धूम्रपान निषेध कानून पूर्ण रूप से लागू नहीं होने के कारण हवा- हवाई प्रतीत हो रहा है। इस कानून को पूर्णरूपेण लागू करने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकारों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को संज्ञान लेने की माहती आवश्यकता है, जिससे कि धूम्रपान निषेध कानून प्रभावी हो सके।

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