*कोई भी प्रत्याशी बिना अनुमति के कोई प्रचार ना करें।*
*प्रचार के दौरान कोविड-19 की गाइडलाइन का अनुपालन किया जाए*
*औरैया।* शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में निर्वाचन व्यय प्रेक्षक, पुलिस प्रेक्षक व सामान्य प्रेक्षक ने सभी प्रत्याशियों के साथ बैठक की। प्रेक्षक ने आचार संहिता समेत चुनाव संबंधी विषय पर चर्चा। इस दौरान उन्होंने चुनावी प्रक्रिया, चुनावी खर्च, आचार संहिता, ईवीएम समेत अन्य विषयों की जानकारी सभी तीनों विधानसभा क्षेत्र पर निर्वाचन लड़ रहे कुल 33 प्रत्याशी को दी।
वरिष्ठ कोषाधिकारी ने सभी प्रत्याशियों से कहा कि सभी अभ्यर्थी अधिकतम 40 लाख रुपए तक ही अपने चुनावी प्रचार पर खर्च कर सकते हैं। यह धनराशि उचित माध्यम से अर्जित की हुई होनी चाहिए। सभी प्रत्याशी अपना व्यय रजिस्टर बनाएं एवं उसे छाया रजिस्टर से मिलान हेतू भी उपलब्ध कराएं। इसके अलावा अगर कोई स्टार प्रचारक के साथ कोई प्रत्याशी है तो उसका पूरा खर्च प्रत्याशी को वहन करना पड़ेगा। अगर एक से अधिक प्रत्याशी हैं तो यह खर्च सभी प्रत्याशियों के बीच में विभाजित किया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने निर्देश दिए कि कोई भी प्रत्याशी बिना अनुमति के कोई भी राजनीतिक प्रचार नहीं करेगा। साथ ही प्रचार के दौरान कोविड-19 की अद्यतन गाइडलाइन का पालन अवश्य करना होगा। अपने प्रचार में जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र आदि के आधार पर भेदभाव पैदा करने वाली कोई भी बात ना करें। यदि ऐसा पाया गया तो संबंधित खिलाफ निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्याशियों एवं उनके समर्थकों द्वारा किसी प्रकार से आचार संहिता का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। सभी दल और उम्मीदवार यह सुनिश्चित कराएंगे कि उनके समर्थक अन्य दलों द्वारा आयोजित सभाओं और जुलूसों में बाधा खड़ी नहीं करेंगे। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने कहा कि पुलिस द्वारा जनपद के समस्त प्रत्याशियों एवं उनके समर्थकों के सोशल मीडिया खातों पर नजर रखी जा रही है यदि कोई प्रत्याशी धर्म, जाति, क्षेत्र को लेकर भेदभाव, डर, लालच देने की घटना को अंजाम देता है तो उसके खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी अतः कोई भी प्रत्याशी है उसका समर्थक आचार संहिता के उल्लंघन बिल्कुल भी ना करें। पुलिस पूरी तरह से सख्त है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी रेखा एस चौहान ने कहा कि कोई भी प्रत्याशी अगर इंडोर में सभा कराते हैं उनकी संख्या 500 से अधिक नहीं होनी चाहिए या फिर कुल क्षमता का 50 फीसदी के बराबर ही लोग होने चाहिए। सभी प्रत्याशी एवं उनके प्रतिनिधि मॉक पोल में अवश्य मौजूद रहे यदि और भी कोई समस्या या सुझाव है तो वह प्रेक्षक से मिलकर उनको अवगत करा सकते हैं।बैठक में समस्त उपजिलाधिकारी एवं समस्त प्रत्याशी और उनके प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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