March 11, 2026

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आगरा26जुलाई25*मरियम नहीं, सृष्टि हूं मैं*कैसे एक हिंदू लड़की बनी कन्वर्जन गैंग की शिकार, पीड़िता ने सुनाई आपबीती..!*

आगरा26जुलाई25*मरियम नहीं, सृष्टि हूं मैं*कैसे एक हिंदू लड़की बनी कन्वर्जन गैंग की शिकार, पीड़िता ने सुनाई आपबीती..!*

आगरा26जुलाई25*मरियम नहीं, सृष्टि हूं मैं*कैसे एक हिंदू लड़की बनी कन्वर्जन गैंग की शिकार, पीड़िता ने सुनाई आपबीती..!*

१. आगरा पुलिस ने देशभर में सक्रिय मौलाना छांगुर के अवैध कन्वर्जन गैंग का स्लीपर सेल पकड़ा।

२. देहरादून की सृष्टि, जिसे ‘मरियम’ नाम दिया गया था, ने गैंग सेनिकलकर अपनी कहानी कैमरे पर बताई।

*सृष्टि ने बताया कि साल 2020 में उसकी पहचान तालिब नाम के युवक से फेसबुक के जरिए हुई।*
[26/07, 1:19 pm] +91 95191 91829: *🔯तालिब ने उसे इस्लाम की बातें बताईं और धीरे-धीरे मानसिक रूप से प्रभावित करना शुरू किया..!*

बाद में उसने सृष्टि पर शादी का दबाव डालना शुरू किया और उसे अपनी बहन सुमैया, सफीया, आयशा और अब्दुल रहमान से मिलवाया।

इन लोगों ने सृष्टि की कमजोर आर्थिक स्थिति का फायदा उठाया और उसे बेहतर जीवन, पैसे और सुरक्षा का लालच देकर इस्लाम कबूल करने को कहा।

उसे कहा गया कि अगर वह किसी की दूसरी, तीसरी या चौथी पत्नी बनने को तैयार हो जाए, तभी तभी उसकी मदद की जाएगी।

जबरन पढ़वाया गया “कलमा”-……

*”सृष्टि से जबरन “कलमा”* – पढ़वाया गया और इस्लामिक नामों की एक लिस्ट दी गई, जिससे वह अपना नया नाम चुन सके।

फिर उससे वॉयस नोट मांगा गया, जिसमें वह खुद को “मरियम” कहे।

यही वॉयस नोट विदेश भेजे जाते थे ताकि उन्हें धर्मांतरण के सबूत के रूप में पेश किया जा सके।

सृष्टि ने बताया कि इस गैंग की जिहादी टीचर ‘आयशा’ 18 साल से ऊपर की लड़कियों को निशाना बनाती थी और उन्हें ब्रेनवॉश करती थी।

लड़कियों से उनके फोन तुड़वाए जाते थे, फर्जी सिम कार्ड दिए जाते थे और उन्हें सिखाया जाता था कि कैसे डिजिटल सबूत मिटाए जाएं।

सृष्टि को भी यह सब सिखाया गया, लेकिन उसने घर से बाहर जाने से मना कर दिया, इसलिए उसे ‘इन्वेस्टमेंट’ नहीं मिला।

Taza Khabar