May 19, 2024

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अनूपपुर13मई24*शिक्षण की सेवा पवित्र सेवा- कमिश्नर *शिक्षक समाज का गढ़ता है भविष्य- कमिश्नर*

अनूपपुर13मई24*शिक्षण की सेवा पवित्र सेवा- कमिश्नर *शिक्षक समाज का गढ़ता है भविष्य- कमिश्नर*

अनूपपुर13मई24*शिक्षण की सेवा पवित्र सेवा- कमिश्नर *शिक्षक समाज का गढ़ता है भविष्य- कमिश्नर*

*शिक्षा के क्षेत्र में शहडोल संभाग को अग्रणी बनाएं- कमिश्नर*

*कमिश्नर ने संभाग स्तरीय मोटिवेशनल शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम को किया संबोधित*

अनूपपुर( ब्यूरो राजेश शिवहरे)13 मई कमिश्नर शहडोल संभाग बी.एस. जामोद ने कहा है कि शिक्षण की सेवा बहुत ही पवित्र सेवा होती है। हम सब का धर्म है कि हम जिस क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं, उस क्षेत्र का मान और सम्मान बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षक जैसा चाहे वैसा समाज का निर्माण कर सकता है, शिक्षक ही बेहतर समाज गढ़ता है। शहडोल संभाग में शिक्षा के क्षेत्र में एक बेहतर वातावरण का निर्माण हो इस हेतु सभी शिक्षक मिलकर समन्वित प्रयास करें। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक विद्यार्थियों को कैसे पढ़ना है कैसे आगे बढ़ाना है, वह बखूबी जानते हैं, बस जरूरत है, मिलकर प्रयास करने की। सभी शिक्षक समन्वय स्थापित करते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें। कमिश्नर शहडोल संभाग बी.एस. जामोद आज शासकीय एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय अनूपपुर में आयोजित संभाग स्तरीय मोटिवेशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम “उन्मेष” में शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे।

कमिश्नर ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में शहडोल संभाग को सभी शिक्षक अग्रणी बनाएं। शिक्षा एवं विकास एक दूसरे के पूरक होते हैं। जहां बेहतर शिक्षा होगा, वहां विकास भी बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि हमारा संभाग खनिज, वन, प्राकृतिक संपदा से विकसित है, इसी प्रकार हम सभी समन्वित प्रयास करें तो हमारा संभाग शिक्षा में भी विकसित हो सकता है। शिक्षक समाज का दर्पण होता है, सभी शिक्षक अपना दायित्व जिम्मेदारी के साथ निभाए,
कमिश्नर ने कहा कि सभी शिक्षक विद्यालय में विद्यार्थियों को ऐसा माहौल प्रदान करें कि जिससे विद्यार्थी आनंद और उत्साह के साथ विद्यालय आए। उन्होंने कहा कि हर एक विद्यार्थी में कुछ ना कुछ विशेष टैलेंट होता है, जरूरत है उसे टैलेंट को पहचानने की। सभी शिक्षक विद्यार्थियों में वह टैलेंट खोजें तथा उसे उस क्षेत्र में आगे बढ़ाने का प्रयास करें। जिससे गांव जिला एवं प्रदेश में हमारे संभाग का नाम गूंजे,उन्होंने कहा कि पुराने समय में जो गुरु की प्रतिष्ठा कायम थी, वह धीरे-धीरे कम हो रही है। वह प्रतिष्ठा पुनः एक बार कायम करना है।

कमिश्नर ने कहा कि सभी शिक्षक विद्यालय से घर जाते समय आत्म चिंतन जरूर करें कि विद्यालय को बेहतर बनाने के दिशा में आज क्या बेहतर प्रयास किया है। अगर प्रयास में कुछ कमी रह जाती है तो दूसरे दिन दुगनी रफ़्तार से आनंद के साथ वह कमी पूरी करें। उन्होंने कहा कि ज्यादातर शिक्षक शहडोल संभाग के निवासी हैं, यह बहुत ही सौभाग्य की बात है कि आपको आपके जन्म एवं कर्मभूमि में ही सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है। इस अवसर का लाभ उठाएं और शहडोल संभाग के विद्यार्थियों का जीवन श्रेष्ठ बनाएं यह आपका कर्तव्य है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त जनजातीय कार्य विभाग उषा सिंह ने कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। बच्चे शत् प्रतिशत स्कूल पहुंचे, बच्चों को शिक्षा के मुख्य धारा में कैसे जोड़ना है, इस हेतु यह कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। गुरु और शिष्य के स्नेह के संबंध में जो कमी आ रही है, उसे दूर करने हेतु प्रशिक्षण कार्य आयोजित किया गया है, उसका विश्लेषण कार्यक्रम है। सभी शिक्षक यह प्रशिक्षण पूरे मनोयोग से ले।

कार्यक्रम में शिक्षक सुनीता साकेत, ऋषि पाठक, रामनिवास शाह, नीरज गुप्ता सहित अन्य शिक्षको ने भी अपने विचार व्यक्त किए। शिक्षकों को पिरामल फाऊंडेशन के प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम में वीडियो के माध्यम से शिक्षकों को शिक्षा पद्धति में विद्यार्थियों से व्यवहार, विचार, समन्वय एवं मार्गदर्शन संबंधी बातें भी बताई जा रही है। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर अनूपपुर अमन वैष्णव, संयुक्त कलेक्टर दिलीप कुमार पांडेय, सहायक संचालक जनजातिया कार्य विभाग अशोक शर्मा सहित शिक्षक गण उपस्थित थे।

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