🔴 लालकुआँ29अप्रैल26*प्रधान विवाद में बड़ा उलटफेर: अब प्रधान रमेश जोशी पर नंगी तलवार और पत्थरों से जानलेवा हमले का वीडियो वायरल, साज़िश के तहत फंसाने का आरोप
लालकुआँ / मोटाहल्दू (नैनीताल):
लालकुआँ के निकटवर्ती मोटाहल्दू क्षेत्र के पदमपुर देवलिया गांव में ग्राम प्रधान और पड़ोसी पूर्व फौजी के बीच हुए कार पार्किंग विवाद ने अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। पहले जहां ग्राम प्रधान रमेश चंद्र जोशी पर मारपीट और छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था, वहीं अब सोशल मीडिया पर एक **नया वीडियो वायरल हो रहा है जो कहानी का बिल्कुल दूसरा ही सच बयां कर रहा है।
वायरल वीडियो में नंगी तलवार और पत्थरबाजी
इस नए वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पड़ोसी (पूर्व फौजी) का परिवार ग्राम प्रधान रमेश जोशी पर नंगी तलवारों, लाठी-डंडों और पत्थरों से जानलेवा हमला कर रहा है। वीडियो में यह दृश्य भी स्पष्ट है कि हमलावर परिवार द्वारा सोची-समझी साजिश (कुचक्र) के तहत घर की महिलाओं को जानबूझकर आगे (ढाल के रूप में) किया गया, ताकि ग्राम प्रधान को उकसाया जा सके और बाद में महिलाओं के नाम पर झूठा मुकदमा दर्ज करवाकर उन्हें फंसाया जा सके।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रधान पक्ष का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह से एकतरफा रही है। रमेश जोशी ने अपने ऊपर हुए इस जानलेवा हमले (तलवार और पत्थरबाजी) की शिकायत और पूरी तहरीर एसएसपी (SSP) नैनीताल को भी दी थी, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई संज्ञान नहीं लिया और न ही दूसरे पक्ष पर कोई कार्रवाई की।
इसके विपरीत, पुलिस ने केवल महिला की तहरीर को आधार मानकर आनन-फानन में ग्राम प्रधान रमेश जोशी के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में न सिर्फ एफआईआर (FIR) दर्ज की, बल्कि उन्हें शांति भंग के आरोप में लालकुआं कोतवाली में हिरासत में भी ले लिया।
प्रधान के परिवार की मांग: “दूसरे पक्ष पर भी दर्ज हो तत्काल FIR”
अब इस हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक होने के बाद ग्राम प्रधान के परिजनों, समर्थकों और प्रधान संगठन में भारी आक्रोश है। प्रधान के परिवार ने नैनीताल पुलिस और प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस नए वीडियो साक्ष्य का तत्काल संज्ञान लिया जाए। उन्होंने मांग की है कि हत्या के प्रयास, हथियारों (तलवार) से हमले और साज़िश रचने के आरोप में दूसरे पक्ष के खिलाफ भी तुरंत क्रॉस एफआईआर (Cross FIR) दर्ज कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
इस घटनाक्रम के बाद अब देखना यह है कि क्या नैनीताल पुलिस वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर अपनी जांच की दिशा बदलती है, या फिर यह मामला और अधिक तूल पकड़ता है।

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