September 9, 2026

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बांदा 27 सितंबर 26*महिला पत्रकारों से कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच की मांग, राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा*

बांदा 27 सितंबर 26*महिला पत्रकारों से कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच की मांग, राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा*

बांदा 27 सितंबर 26*महिला पत्रकारों से कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच की मांग, राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा*

यूपीआजतक बांदा से ब्यूरो सुनैना निषाद की रिपोर्ट

*बांदा।*-दिल्ली में महिला पत्रकारों के साथ कथित मानसिक एवं शारीरिक दुर्व्यवहार के मामले को लेकर राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद रजि० बांदा ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। परिषद की ओर से राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि स्वतंत्र एवं निर्भीक पत्रकारिता लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है। पत्रकारों का दायित्व है कि वे जनहित से जुड़े सवाल शासन-व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के समक्ष उठाएं। ऐसे में पत्रकारों को प्रश्न पूछने के कारण डराना, धमकाना, अपमानित करना अथवा उनके साथ किसी भी प्रकार का मानसिक या शारीरिक दुर्व्यवहार गंभीर चिंता का विषय है। पत्र में कहा गया है कि हाल ही में दिल्ली में दो महिला पत्रकारों के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। इस घटना से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की बात भी पत्र में कही गई है। परिषद ने कहा कि वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की वास्तविकता और उससे जुड़े तथ्यों की पुष्टि निष्पक्ष जांच के माध्यम से की जानी आवश्यक है।

राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने राष्ट्रपति से मांग की है कि मामले की जांच के लिए संबंधित सक्षम प्राधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं। साथ ही उपलब्ध वीडियो फुटेज, CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित कर उनकी निष्पक्ष जांच कराई जाए।परिषद ने यह भी मांग की है कि जांच में यदि किसी व्यक्ति की भूमिका और दोष सामने आता है तो उसके विरुद्ध प्रचलित कानूनों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाए। इसके अलावा महिला पत्रकारों सहित देशभर के पत्रकारों की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी संस्थागत व्यवस्था तथा आवश्यक कानूनी प्रावधानों पर विचार किए जाने का आग्रह किया गया है।

पत्र में पत्रकारों को उनके वैध पेशेगत दायित्वों के निर्वहन के दौरान भय, दबाव, धमकी अथवा किसी भी प्रकार के उत्पीड़न से संरक्षण देने के लिए उचित दिशा-निर्देश जारी करने की मांग भी की गई है। परिषद का कहना है कि पत्रकारिता में सवाल पूछना लोकतांत्रिक जवाबदेही का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विशेष रूप से महिला पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार का कथित दुर्व्यवहार गंभीर विषय है। परिषद ने राष्ट्रपति से मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित कराने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के लिए आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया है। इस दौरान संध्या धुरिया, रजनी द्विवेदी, सीमा गिरि, सुलोचना तिवारी, जीवेश प्रकाश, श्रीकांत श्रीवास्तव, सत्यनारायण निषाद, कुलदीप मिश्रा सहित तमाम पत्रकार लोग मौजूद रहे।

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