October 9, 2026

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मथुरा 9 अक्टूबर 26*विराट कोहली को 5 करोड़ देने का आरोप लगाने वाले फलाहारी बाबा का यू-टर्न,

मथुरा 9 अक्टूबर 26*विराट कोहली को 5 करोड़ देने का आरोप लगाने वाले फलाहारी बाबा का यू-टर्न,

मथुरा 9 अक्टूबर 26*विराट कोहली को 5 करोड़ देने का आरोप लगाने वाले फलाहारी बाबा का यू-टर्न, संत समाज से मांगी माफी

मथुरा (यूपी आजतक ब्यूरो): लक्ष्मी शर्मा की रिपोर्ट 

मथुरा *वृंदावन के सुप्रसिद्ध संत पूज्य प्रेमानंद जी महाराज और भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली को लेकर उपजा विवाद अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचता दिख रहा है। प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम और विराट कोहली पर 5 करोड़ रुपये के लेन-देन का गंभीर आरोप लगाने वाले श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा उर्फ फलाहारी बाबा ने अब पूरी तरह यू-टर्न ले लिया है। चौतरफा घिरने, विराट कोहली की ओर से खंडन आने और संत समाज के भारी आक्रोश के बाद फलाहारी बाबा ने दो वीडियो जारी कर पूज्य प्रेमानंद जी महाराज, उनके शिष्यों और समस्त संत समाज से हाथ जोड़कर बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांग ली है।

​क्या था पूरा मामला?

​विवाद की शुरुआत तब हुई जब फलाहारी बाबा ने एक सनसनीखेज बयान देते हुए आरोप लगाया कि भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा को प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम में बुलाने और प्रचार कराने के लिए 5 करोड़ रुपये दिए गए थे। फलाहारी बाबा का दावा था कि 2 करोड़ रुपये आश्रम से जुड़े खाते से ट्रांसफर किए गए और 3 करोड़ रुपये कैश दिए गए। इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया और धार्मिक जगत में भारी भूचाल आ गया।

​विराट कोहली की टीम का कड़ा खंडन

​फलाहारी बाबा के इस बयान पर क्रिकेटर विराट कोहली की आधिकारिक टीम और प्रवक्ता ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। विराट की टीम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लगाए गए तमाम आरोप पूरी तरह झूठे, मनगढ़ंत, भ्रामक और निराधार हैं। टीम ने कहा कि विराट कोहली और अनुष्का शर्मा केवल अपनी व्यक्तिगत आस्था, श्रद्धा और आत्मिक शांति के लिए पूज्य प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन करने वृंदावन जाते हैं। किसी भी प्रकार का आर्थिक लेन-देन कभी नहीं हुआ। इसके साथ ही मीडिया से भी अपील की गई कि बिना साक्ष्य के ऐसी बेबुनियाद बातों को तूल न दिया जाए।

​संत समाज का गुस्सा और फलाहारी का बहिष्कार

​विराट कोहली के खंडन और प्रेमानंद जी महाराज जैसे निष्काम संत की छवि धूमिल करने के प्रयास से समूचा संत समाज और ब्रजवासी आक्रोशित हो उठे। मथुरा-वृंदावन के स्थानीय संतों ने बैठक कर फलाहारी बाबा के इस कृत्य की घोर निंदा की और उनका सामाजिक व धार्मिक बहिष्कार करने की घोषणा तक कर दी। सोशल मीडिया पर भी लाखों भक्तों ने फलाहारी बाबा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। संतों का कहना था कि प्रेमानंद जी महाराज रात-दिन केवल राधा नाम और भगवत भक्ति का प्रचार करते हैं, उन पर इस तरह के मनगढ़ंत आरोप लगाना सनातन धर्म और संत परंपरा का अपमान है।

​फलाहारी बाबा के दो नए वीडियो: यू-टर्न और माफी

​विवाद के विकराल रूप लेने और चारों तरफ से कानूनी व सामाजिक दबाव बढ़ने के बाद फलाहारी बाबा के बैक-टू-बैक दो वीडियो सामने आए हैं।

​पहले वीडियो में फलाहारी बाबा ने भावुक होते हुए कहा:

​”पूज्य प्रेमानंद जी महाराज संपूर्ण सनातनियों के हृदय सम्राट हैं। वे बहुत बड़े संत, परम ज्ञानी और परम वैष्णव हैं। अगर मेरे किसी भी शब्द या बयान से महाराज जी, उनके साधकों या संत समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं उनके चरणों में बैठकर दोनों हाथ जोड़कर क्षमा याचना करता हूं। वे सनातन समाज के गौरव हैं और भविष्य में मैं उनके बारे में कभी कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।”

 

​दूसरे वीडियो में सफाई देते हुए फलाहारी बाबा ने विराट कोहली की भी प्रशंसा की और कहा कि उनके बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया था। उन्होंने कहा, “विराट कोहली कोई बुरे इंसान नहीं हैं। वे और अनुष्का शर्मा राधा रानी के सच्चे साधक हैं। वे आश्रम में भंडारे और सेवा कार्यों में लाखों का सहयोग करते हैं।”

​’मिल रही थीं जान से मारने की धमकियां’

​फलाहारी बाबा ने वीडियो में यह भी दावा किया कि उनके पुराने बयान के बाद से उन्हें देश-विदेश से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने कहा कि उनका भी परिवार है और वे किसी भी तरह का विवाद नहीं चाहते। साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले के पीछे यमुना खादर क्षेत्र के भू-माफियाओं की साजिश होने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग पूज्य महाराज जी और उनके बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे थे।

​फलाहारी बाबा द्वारा बिना शर्त माफी मांगे जाने के बाद अब वृंदावन और संत समाज में उपजा यह बड़ा विवाद शांत होता दिखाई दे रहा है। प्रेमानंद जी महाराज के भक्तों ने इसे सत्य की विजय और संतों की मर्यादा की रक्षा बताया है।