मथुरा 12 दिसंबर 25* आम जनमानस को साइबर ठगी से बचने का संदेश*
मथुरा से बृजभूषण शर्मा की खबर यूपीआजतक
मथुरा *आम जनता को साइबर अपराधियों द्वारा विभिन्न प्रकार के प्रलोभन अथवा भ्रमित कर उनके बैंक खातों, क्रेडिट कार्ड एवं अन्य वित्तीय विवरणों की गोपनीय जानकारी प्राप्त कर धोखाधड़ी की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। इन अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाए जाने हेतु श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जनपद मथुरा के आदेशानुसार तथा श्रीमान अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) एवं श्रीमान क्षेत्राधिकारी साइबर के निर्देशन में साइबर अपराधों के विरुद्ध विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में थाना साइबर क्राइम, जनपद मथुरा पर आवेदक अनूप सिंघल द्वारा प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया गया। आवेदक ने बताया कि दिनांक 03/12/2025 को साइबर अपराधियों ने उन्हें फोन पर एक लिंक भेजकर उनका मोबाइल हैक कर लिया, जिसके माध्यम से उनके बैंक खाते एवं क्रेडिट कार्ड विवरण प्राप्त कर ₹74,000/- की धोखाधड़ी कर ली गई।
आवेदक द्वारा घटना की जानकारी उपलब्ध कराए जाने पर प्रभारी साइबर सेल श्री आशीष मलिक के निर्देशन में साइबर सेल टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही की गई। आवेदक द्वारा दिए गए तथ्यों एवं क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट का विश्लेषण कर स्थानांतरित धनराशि के संबंध में तत्काल संबंधित प्लेटफार्म/बैंक से समन्वय स्थापित किया गया। साइबर सेल मथुरा की सतत प्रयासों के फलस्वरूप आवेदक की संपूर्ण ठगी गई राशि ₹74,000/- उनके क्रेडिट कार्ड खाते में सफलतापूर्वक रिफंड करा दी गई।
आवेदक द्वारा साइबर सेल टीम के द्वारा कृत कार्यवाही पर उत्तर प्रदेश पुलिस की भूरि भूरि प्रशंसा की गई ।
*नोटः- साइबर सैल मथुरा द्वारा साइबर ठगी से बचने हेतु आम-जनमानस को संदेश-*
01- किसी भी कम्पनी का कस्टमर केयर नम्बर उस कम्पनी के आधिकारिक वेवसाइट से ही प्राप्त करें।
02- कोई भी बैंक अधिकारी फोन पर कभी भी आपसे एटीएम खाते क्रेडिट कार्ड अन्य से सम्बन्धित जानकारी नहीं मांगता इसलिए कभी भी फोन काल पर अपने बैंक से सम्बन्धित जानकारी शेयर ना करें।
03- किसी भी क्यूआर कोड से पेमेंट लेते/देते समय यह अवश्य चेक करें कि क्यूआर कोड पेमेंट लेने वाला है या देने वाला है।
04- किसी भी प्रकार का साइबर क्राइम होने पर हेल्पलाइन नम्बर 1930 पर कॉल कर या WWW.CYBERCRIME.GOV.IN पर अपनी शिकायत दर्ज कराये ।
05- खाते में KYC अपडेट कराने के लिये बैकों द्वारा कभी भी किसी से व्यक्तिगत जानकारी/OTP/CVV/पिन नम्बर नही मांगा जाता है।
06- फोन पर आने वाली काँल पर रिश्तेदार बनकर बातें करने वाला व्यकित फ्राड़ हो सकता है,अतः आप अपने कॉनटेक्ट लिस्ट मे पहले से आपके द्वारा सेव किये गये नम्बर पर कॉल कर पहले उससे पुष्टी कर ले।
08- डिजिटल अरेस्ट ब्लैकमेल करने का एक एडवांस तरीका है। डिजिटल अरेस्ट स्कैम के शिकार वही लोग होते हैं जो अधिक पढ़े लिखे और अधिक होशियार होते हैं। डिजिटल अरेस्ट का सीधा मतलब ऐसा है कि कोई आपको ऑनलाइन धमकी देकर वीडियो कॉलिंग के जरिए आप पर नजर रख रहा है। डिजिटल अरेस्ट के दौरान साइबर ठग नकली पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को धमकाते हैं और अपना शिकार बनाते हैं। इस दौरान वे लोगों से वीडियो कॉल पर लगातार बने रहने के लिए कहते हैं और इसी बीच केस को खत्म करने के लिए पैसे भी ट्रांसफर करवाते रहते हैं।

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