भोपाल25जुलाई24*2 लाख कर्मचारियों का 2500 रुपए तक सैलरी बढ़ाने का ऐलान, मोहन सरकार देगी अप्रैल से 5.39% एरियर_*
💥भोपाल। मध्यप्रदेश के डेढ़ लाख से ज्यादा संविदा कर्मचारियों और अधिकारियों को वित्त विभाग ने बड़ी राहत दी है. वित्त विभाग ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI इंडेक्स) के आधार पर वेतन में बढोत्तरी करने का निर्णय लिया है. इसके लिए सीपीआई इंडेक्स बढ़ाकर 3.87 कर दिया गया है. राज्य सरकार के इस फैसले से संविदा कर्मचारी अधिकारियों को करीब 2500 हजार रुपए तक का फायदा होने जा रहा है.
वेतन वृद्धि हर साल अप्रैल माह में
दरअसल, 22 जुलाई 2023 को जारी नई संविदा नीति में प्रावधान किया गया है कि इन्हें महंगाई भत्ते के स्थान पर केन्द्र सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किया जाने वाले उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर बढ़ाया जाएगा. ये वेतन वृद्धि हर साल अप्रैल माह में की जाएगी हालांकि इस बार लोकसभा चुनाव के चलते प्रदेश के संविदा कर्मचारी अधिकारियों की वेतन वृद्धि बढ़ोत्तरी नहीं हो सकी थी.
कर्मचारियों को होगा 2500 तक का फायदा
सीपीआई इंडेक्स में बढ़ोत्तरी से संविदा कर्मचारियों और अधिकारियों की वेतन में 700 रुपए से लेकर 2500 तक का फायदा होगा. चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की सैलरी में करीबन 750 रुपए की बढ़ोत्तरी होगी. डाटा एंट्री ऑपरेटर की सैलरी 1100 रुपए, वार्डन की सैलरी 1250 रुपए, स्टेनोग्राफर की सेलरी 1420 रुपए, उपयंत्री की सेलरी में 1650 रुपए, सहायक यंत्री की सेलरी में 2150 रुपए और सहायक प्रबंधक की सैलरी 2500 रुपए बढ़कर आएगी.
कर्मचारी संगठन नहीं संतुष्ट
हालांकि मध्यप्रदेश संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ इससे संतुष्ट नहीं है. महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर के मुताबिक “संविदा कर्मचारी अधिकारी अपने वेतनमान में बढ़ोत्तरी को लेकर भेदभाव का शिकार हो रहे हैं. केन्द्र सरकार ने सीपीआई इंडेक्स की दर 5.39 निर्धारित की है, जबकि प्रदेश सरकार ने इसे 3.87 किया है. इससे कर्मचारियों को नुकसान हो रहा है.” उधर, अलग-अलग विभागों में अलग-अलग सीपीआई इंडेक्स के हिसाब से महंगाई दर की राशि दी जा रही है. मध्यप्रदेश पुलिस आवास एवं अधोसंरचना विकास निगम, भोपाल द्वारा 28 मई 2024 को जारी अपने आदेश में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 5.64 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है. इधर, स्वास्थ्य विभाग के जबलपुर और नरसिंहपुर क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा 5.39 सीपीआई इंडेक्स जारी किया गया है.
नियमित कर्मचारियों की तरह लाभ देने की मांग
मध्यप्रदेश संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों की तरह वेतन और महंगाई भत्ता बढ़ाया जाए. सरकार सीपीआई इंडेक्स की प्रथा को बंद करे और पहले की तरह महंगाई भत्ता दिया जाए. संविदा कर्मचारी भी नियमित कर्मचारी की तरह चयनित होकर आए हैं, इसलिए वेतन-भत्ते एक समान होने चाहिए.

More Stories
सहारनपुर4जुलाई26*गुर्जर समाज ने जगन गुर्जर हत्याकांड की सीबीआई जांच की उठाई मांग-राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन,
लखनऊ4जुलाई26*इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ का तलाक-ए-हसन पर बड़ा फैसला।
देहरादून4जुलाई26*चोरी के गहने पहनकर बनाई रील, मालकिन ने पहचान कर नौकरानी को पहुंचाया सलाखों के पीछे