बाँदा4नवम्बर25*आयुक्त अजीत कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की राजस्व वादों की गहन समीक्षा की
बांदा ब्यूरो यूपी आज तक सुनैना निषाद की रिपोर्ट
**बांदा से**मण्डलायुक्त अजीत कुमार द्वारा आज मण्डल के समस्त उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों के साथ तहसीलों में लंबित राजस्व वादों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत समीक्षा बैठक सम्पन्न की गई। बैठक में आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता जनसामान्य की समस्याओं का त्वरित, न्यायसंगत एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण है, जिसके लिए प्रत्येक अधिकारी को अपनी जवाबदेही एवं दायित्व का पूर्ण निर्वहन करना होगा।
आयुक्त अजीत कुमार ने कहा कि —
1- अविवादित वरासत, पैमाइस एवं नामांतरण से संबंधित लंबित प्रकरणों का तत्काल निस्तारण किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक विलम्ब का सामना न करना पड़े।
2- 05 वर्ष एवं 03 वर्ष से अधिक पुराने वाद किसी भी दशा में लंबित न रहें।
3- किसी भी सार्वजनिक भूमि पर अवैध अतिक्रमण न होने पाए—इसकी सतत निगरानी की जाए।
4- उपजिलाधिकारी एक सप्ताह के अन्दर फसल नुकसान का सर्वे कार्य पूर्ण कराए तथा यह सुनिश्चित करे कि पात्र कृषकों को उचित मुआवजा प्राप्त हो।
5- गौशालाओं का रैण्डम निरीक्षण कर उनकी स्थिति की रिपोर्ट जिलाधिकारी एवं आयुक्त कार्यालय को अनिवार्यतः भेजी जाए।
6- खाद केन्द्रों का नियमित निरीक्षण कर कृषकों को खाद का सुचारू वितरण सुनिश्चित किया जाए।
7- सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर औचक निरीक्षण कर राशन वितरण की पारदर्शिता और घटतौली की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
8- वी.एच.एन.डी. कैम्पों का निरीक्षण चिकित्सा अधिकारियों के साथ कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाए।
9- ग्रामीण परिवेश से जुड़ी छोटी शिकायतों का तहसील स्तर पर ही त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए, ताकि शिकायतकर्ता को जिला या मण्डल स्तर तक न आना पड़े।
10- प्रत्येक अधिकारी राजस्व वादों का गहन परीक्षण एवं अनुश्रवण कर ही नियमसंगत निर्णय पारित करें, किसी प्रकार की जल्दबाजी न हो।
आयुक्त ने कहा कि शासन की मंशा है कि मण्डल स्तर पर सुशासन, पारदर्शिता एवं जनसंतोष को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र में नियमित निरीक्षण, जनसुनवाई एवं अनुश्रवण प्रणाली को और सशक्त करें, ताकि जनता का भरोसा शासन-प्रशासन पर और अधिक सुदृढ़ हो। अजीत कुमार की इस समीक्षा बैठक में उनकी कर्तव्यनिष्ठा, संवेदनशीलता एवं त्वरित समस्या-निवारण की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से झलकी। उन्होंने कहा कि शासन की नीति “जनहित सर्वोपरि” के सिद्धांत पर आधारित है, अतः प्रत्येक अधिकारी को जनसेवा की भावना से कार्य करना चाहिए।

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