पूर्णिया बिहार 1 जून 26 सीमांचल ने किया मंसूर आलम साहब को याद: सलमान खुर्शीद बोले- “गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल थे मंसूर साहब
मोहम्मद इरफान कामिल यूपी आजतक न्यूज़ चैनल पूर्णिया डीवीजन बिहार
*पूर्णिया बिहार : पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद पहुंचे कटिहार, मरहूम मंसूर आलम की याद में “खिराज-ए-खिदमत” में हुए शामिल*
सीमांचल सद्भावना मंच द्वारा कटिहार के टाउन हॉल में RJD के पूर्व मंत्री मरहूम मंसूर आलम साहब की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा “खिराज-ए-खिदमत” में भारत सरकार के पूर्व विदेश एवं विधि मंत्री सलमान खुर्शीद शामिल हुए।
*पूर्णिया हवाई अड्डे पर हुआ भव्य स्वागत*
पूर्णिया आगमन पर हवाई अड्डे पर सदर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी जितेंद्र यादव ने पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर सलमान खुर्शीद का आत्मीय स्वागत किया। इसके बाद वे शिवनगर, खुश्कीबाग स्थित महापौर विभा कुमारी एवं जितेंद्र यादव के आवास पहुंचे, जहां महापौर ने उन्हें सम्मानित किया। यहां उन्होंने पारिवारिक सदस्यों और स्थानीय लोगों से मुलाकात कर क्षेत्र के विकास, सामाजिक सौहार्द तथा जनहित के मुद्दों पर चर्चा की। फिर वे जितेंद्र यादव के साथ कटिहार रवाना हुए।
*विरले ही जन्म लेते हैं ऐसे व्यक्तित्व” – सलमान खुर्शीद*
कटिहार टाउन हॉल में सभा को संबोधित करते हुए सलमान खुर्शीद ने कहा कि मंसूर आलम साहब केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि गंगा-जमुनी तहजीब, सामाजिक सौहार्द और जनसेवा की जीवंत मिसाल थे। उन्होंने पूरा जीवन कमजोर और वंचित वर्गों की सेवा तथा भाईचारे की संस्कृति को मजबूत करने में समर्पित किया।
उन्होंने कहा, “आज जब समाज को एकजुट रखने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की जरूरत है, तब मंसूर आलम साहब के विचार हम सभी के लिए प्रेरणा हैं। उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी, लेकिन उनके आदर्श सदैव मार्गदर्शन करते रहेंगे।” उन्होंने मरहूम की मग़फ़िरत और जन्नत नसीब होने की दुआ की।
*संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान*
सलमान खुर्शीद ने वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान तथा कोसी-सीमांचल में पार्टी को सशक्त बनाने पर चर्चा की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच सक्रिय रहकर सामाजिक सौहार्द, विकास और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया और बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने के निर्देश दिए।
*बेदाग राजनीति का दूसरा नाम थे मंसूर साहब” – जितेंद्र यादव*
पूर्व प्रत्याशी जितेंद्र यादव ने कहा कि बचपन से सुना था कि मंसूर आलम साहब गरीबों के मसीहा थे। निकट से जानने पर लगा कि वे कल्पना से भी बढ़कर जनसेवा के प्रतीक थे। वे बेदाग राजनीति, सादगी और जनसमर्पण का दूसरा नाम थे। उनका निधन सीमांचल की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है।
*ये रहे मौजूद*
सभा में कटिहार सांसद तारिक अनवर, किशनगंज सांसद मोहम्मद जावेद, पूर्व राज्यसभा सदस्य अशफाक करीम, पूर्णिया विधानसभा पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी जितेंद्र यादव ,अमौर विधायक अख्तरुल ईमान, जोकीहाट विधायक मुर्शीद आलम, पूर्व मंत्री अफाक आलम, पूर्व मंत्री शाहनवाज आलम, किशनगंज के पूर्व विधायक इजहारुल हुसैन सहित बड़ी संख्या में नेता और समर्थक मौजूद रहे।

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