पंजाब26जुलाई25*शहीद उधम सिंह का परिवार,बन गए दिहाड़ीदार मजदूर , सभी सरकारें बना रही हैं बेवकूफ*
*जलियांवाला बाग नरसंहार का बदला लेने वाले शहीद उधम सिंह का परिवार आज तक तड़प रहा है सरकारी नौकरी, इंतजार करते करते पक गई हैं आंखें , बन गए दिहाड़ीदार मजदूर , सभी सरकारें बना रही हैं बेवकूफ*
21 साल के इंतजार के बाद ऊधम सिंह ने जलियांवाला बाग नरसंहार का बदला लेकर देश का स्वाभिमान लौटाया था और आजादी की जंग को प्रचंड किया था। लेकिन आजाद देश में इस महान शहीद के परिजन पिछले 19 साल से नौकरी के इंतजार में भटक रहे हैं। 19 साल पहले तत्कालीन कांग्रेस सरकार की तरफ से जारी पत्र को थामे नौकरी के लिए परिजन दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। सरकारों की संवेदनहीनता का अंदाजा इसी पहलू से लगाया जा सकता है कि पिछले 19 वर्ष में तमाम प्रमुख सियासी दल पंजाब की सत्ता संभाल चुके हैं। शहीद ऊधम सिंह की बहन आस कौर के पोते जीत सिंह के बेटे जग्गा सिंह आज भी नौकरी से वंचित हैं। हालांकि शहीद के पोते जीत सिंह को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान उनकी सुध लेंगे। शहीद ऊधम सिंह के पड़पोते जग्गा सिंह की उम्र लगभग 40 वर्ष हो चली है। सुनाम के सिनेमा रोड के नजदीक के मोहल्ले में महज 90 वर्ग गज के मकान में रहते शहीद के पोते जीत सिंह (70 वर्ष) के दोनों बेटे दिहाड़ी करते हैं। उन्होंने 10वीं पास अपने बेटे जग्गा सिंह के लिए नौकरी की फरियाद की थी। कैप्टन सरकार ने 20 जुलाई 2006 को जग्गा सिंह को नौकरी देने का फैसला किया था। इस संबंधी बकायदा पत्र जारी किया गया। शहीद के पोते जीत सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बाद प्रकाश सिंह बादल दो बार मुख्यमंत्री रहे लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। कैप्टन फिर CM बने पर नौकरी नहीं मिली। हर साल 31 जुलाई को उन्हें मुख्यमंत्री शाल भेंट करके सम्मानित कर खानापूर्ति जरूर करते हैं। जीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान तो सुनाम के ही हैं। उन्हें उम्मीद है कि CM मान उन्हें नौकरी देंगे। जीत सिंह बताते हैं कि नौकरी पाने के लिए उन्होंने दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना दिया। चंडीगढ़ और संगरूर के कई चक्कर काटे , लेकिन सब व्यर्थ ▪️
More Stories
लखनऊ16 अक्टूबर 26*डीजीपी राजीव कृष्ण की हाईलेवल क्राइम समीक्षा बैठक
नई दिल्ली 16 अक्टूबर 26*मुग़ल गए, अंग्रेज़ गए… अब बारी है नेहरू-गांधी परिवार के राजनीतिक वर्चस्व और वंशवाद की बेड़ियों से पूरी तरह मुक्त होने की!*
New Delhi 16 October 2026**TODAYS TOP NEWS* from UPAAJTAK news channel