नोएडा6फरवरी26*अवैध मिट्टी खनन पर कड़ा शिकंजा, हाईकोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई
*पर्यावरण संरक्षण को लेकर सरकार का बड़ा कदम,मिट्टी खनन नियंत्रित,बिना एनओसी मिट्टी खनन पर सख्त कार्रवाई*
संवाददाता / व्यूरो प्रमुख
नोएडा*उत्तर प्रदेश में बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के ईंट-भट्टों के लिए मिट्टी का खनन करने वाले संचालकों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। विगत दिनों इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के बाद राज्य सरकार ने वर्ष 2020 में जारी उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसके तहत ईंट-भट्ठा मालिकों को बिना एनओसी के दो मीटर तक साधारण मिट्टी खनन की छूट दी गई थी। सरकार के इस फैसले के बाद अब बिना आवश्यक अनुमति के मिट्टी की खुदाई करने पर ईंट-भट्टा सील करने से लेकर भारी जुमार्ना लगाने तक की कार्रवाई संभव होगी।पर्यावरण,वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव मनीष मित्तल द्वारा जारी आदेश में साधारण मिट्टी के खनन को नियंत्रित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। न्यायलय के आदेश में कहा गया है कि तालाबों,नदियों, मेड़ों और अन्य जल संरचनाओं के आसपास मिट्टी खनन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी,ताकि पर्यावरणीय संतुलन को नुकसान न पहुंचे।
नए निर्देशों के तहत अब सभी ईंट भट्ठा संचालकों को मिट्टी खनन से पहले पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के ह्यपरिवेश पोर्टल पर ऑनलाइन एनओसी के लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा। आवेदन के साथ उन्हें उस भूमि के स्वामित्व या उपयोग से जुड़े दस्तावेज अपलोड करने होंगे, जहां से मिट्टी निकाली जानी है। इसके अलावा खनन योजना, पर्यावरण सुरक्षा के उपाय और प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित जानकारी भी देना जरूरी होगा। सरकार का यह आदेश, प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को भेज दिया गया है, ताकि जिला स्तर पर सख्ती से इसका पालन कराया जा सके। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में 22 हजार से अधिक ईंट-भट्ठे संचालित हैं। वर्ष 2020 में दी गई छूट की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध और मनमानी खुदाई की जा रही थी, जिसे लेकर उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी।अब न्यायालय के निदेर्शो के अनुपालन में सरकार ने नियमों को कड़ा कर दिया है, जिससे अवैध खनन पर रोक लग सके।

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