जम्मू कश्मीर30अप्रैल25*धर्म पूछ कर गोली मारने वाले कि पहचान कन्फर्म हो गयी है, उसका नाम हाशिम मूसा है।
पहलगाम में धर्म पूछ कर गोली मारने वाले कि पहचान कन्फर्म हो गयी है, उसका नाम हाशिम मूसा है। ओर ये पाकिस्तान की स्पेशल फोर्स का कमांडो है निष्कर्ष सीधा और निर्विवाद है
पाकिस्तान की फौज खुद एक आतंकवादी कॉर्पोरेशन है
पाकिस्तान की फौज कोई पारंपरिक सेना नहीं, बल्कि आतंकवाद की सुनियोजित फैक्ट्री है, एक सुनियोजित आतंकी कॉर्पोरेशन, जो जिहाद और कट्टरता के नाम पर पूरी दुनिया को ब्लैकमेल करता है। ये सिर्फ बंदूक नहीं चलाते, ये मानवता को गिरवी रखते हैं — कभी कश्मीर के नाम पर, कभी इस्लाम के नाम पर। असली हुकूमत इस्लामाबाद में नहीं, रावलपिंडी GHQ की फाइलों में चलती है, जहाँ जनरल साहब तय करते हैं कि कौन प्रधानमंत्री जिंदा रहेगा और कौन आतंकी हीरो बनेगा।
लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन — ये महज आतंकी संगठन नहीं, बल्कि पाकिस्तानी फौज के आउटसोर्स्ड हथियार हैं, जिनका इस्तेमाल भारत, अफगानिस्तान और अब ईरान तक में खून बहाने के लिए होता है। हाफिज सईद जैसे नरभक्षी फौज की सुरक्षा में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं, और मसूद अजहर को सजा नहीं, श्रद्धांजलि मिलती है। 26/11 का मास्टरमाइंड ISI की नर्सरी में पला था — और आज भी पाकिस्तानी सेना उस “परियोजना” को गर्व से देखती है।
ये फौज सिर्फ अपने देश में नहीं, दुनिया भर में जहर घोल रही है। तालिबान को पाला, अल-कायदा को छुपाया, और अब चीन की गोदी में बैठकर CPEC की आड़ में आतंकी नेटवर्क का विस्तार कर रही है। अमेरिका ने जब ओसामा को पाकिस्तान की सैनिक छावनी में मारा, तो बताईए कौन सी “फौज” आतंकियों की अभयारण्य बनी हुई है।
✍️ संजय अग्रवाल
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