March 23, 2026

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कौशाम्बी 22 मार्च 26**सृष्टि सृजन का प्रथम दिवस है चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा - ओम प्रकाश विभाग प्रचारक*

कौशाम्बी 22 मार्च 26**सृष्टि सृजन का प्रथम दिवस है चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा – ओम प्रकाश विभाग प्रचारक*

कौशाम्बी 22 मार्च 26**सृष्टि सृजन का प्रथम दिवस है चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा – ओम प्रकाश विभाग प्रचारक*

*ब्रह्मांड की प्रथम तिथि पर होता है नव वर्ष का आगाज*

*कौशाम्बी।* भारतीय नव वर्ष के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कौशांबी जिले के मंझनपुर नगर से भव्य पथ संचालन निकला इस कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य वक्त ओम प्रकाश ने बताया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यह केवल एक तिथि नहीं,यह भारत की आत्मा का उत्सव है। यह वह पावन क्षण है जब सृष्टि, प्रकृति और राष्ट्र तीनों एक साथ नवजीवन की ओर अग्रसर होते हैं। भारतीय नववर्ष की यह परंपरा किसी राजनीतिक आदर्श की उपज नहीं,बल्कि ब्रह्मांडीय व्यवस्था और मानवीय अनुभव के सम्मिलन से उत्पन्न सनातन ज्ञान की देन है ,आज जब भारत अपनी सभ्यतागत पहचान को पुनः स्थापित करने की ओर अग्रसर है,वर्ष प्रतिपदा का उत्सव ‘स्व’ की पुनर्जागृति का एक सशक्त प्रतीक बन जाता है। उपनिवेशवाद ने हमसे न केवल भूमि और संसाधन छीने,बल्कि हमारी मानसिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक गर्व को भी खंडित करने का प्रयास किया। एक जनवरी को नववर्ष मानना उसी उपनिवेशिक मानसिकता की अभिव्यक्ति है। भारतीय नववर्ष को अपनाना,उसे जीना,उस पर गर्व करना यह ‘स्व’ की पुनर्जागृति का मार्ग है।सनातन काल-गणना का गौरव भारतीय काल-गणना की परंपरा विश्व की प्राचीनतम और सर्वाधिक वैज्ञानिक परंपराओं में से एक है।विक्रम संवत,शक संवत,कलि संवत ये सभी भारत की खगोल शास्त्रीय सूझबूझ और सांस्कृतिक परिपक्वता के प्रमाण हैं। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ब्रह्मा ने सृष्टि का निर्माण आरंभ किया यह केवल धार्मिक आख्यान नहीं,यह प्रकृति के नवजीवन चक्र का सांकेतिक वर्णन है। इस तिथि से जुड़े ऐतिहासिक गौरव के क्षण अनेक हैं, सम्राट विक्रमादित्य ने इसी दिन शकों पर विजय प्राप्त कर विक्रम संवत का शुभारंभ किया छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक भी इसी दिन हुआ हिंदवी स्वराज का उद्घोष इसी साम्राज्य की अनुगूंज थी। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का राज्याभिषेक भी इसी दिन हुआ राम राज्य एक आदर्श राज्य का आधार स्थापित हुआ। स्वामी दयानंद सरस्वती ने इसी तिथि पर आर्यसमाज की स्थापना कर भारत के नवजागरण का बिगुल फूंका। इन तथ्यों से स्पष्ट है कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा भारत के लिए केवल पंचांग का एक पृष्ठ नहीं,बल्कि सभ्यतागत पराक्रम और राष्ट्रीय गौरव का उत्सव है। इस नव वर्ष के संचालन के अवसर पर कार्यक्रम में जिला प्रचारक शिव प्रसाद,जिला संघचालक केदार,दिलीप,संजीव श्री कृष्ण अश्वनी,जितेन्द्र सोनकर जगत यादव जैसे सैकड़ों स्वयंसेवको ने कदम से कदम मिलाकर पथ संचलन किया l

*सुशील केसरवानी वरिष्ठ पत्रकार व ब्यूरो प्रमुख अखंड भारत संदेश हिंदी दैनिक समाचार पत्र मंझनपुर कौशाम्बी* *9838824938*

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