कौशांबी २३ जनवरी २६*ब्लॉक कड़ा के तरसौरा गांव में हरियाली का कत्लेआम लकड़ी माफिया के आगे नतमस्तक हुआ तंत्र*
*वन विभाग के दरोगा की रहमो करम पर फल-फूल रहा अवैध कारोबार परमीशन के नाम पर अधिकारियों को गुमराह करने का चल रहा खेल*
*कड़ा कौशांबी* एक ओर जहां ग्लोबल वार्मिंग के इस दौर में सरकार हरियाली बचाने के लिए करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही है वहीं कौशाम्बी जिले के सिराथू तहसील अंतर्गत ब्लॉक कड़ा के तरसौरा गांव में स्थिति इसके ठीक उलट है यहाँ शहजादपुर चौकी क्षेत्र के अंतर्गत लकड़ी माफियाओं ने अपना ऐसा साम्राज्य स्थापित कर लिया है कि हरे भरे पेड़ों पर पेट्रोलिंग आरा मशीन चलाना उनके लिए आम बात हो गई है दो दिन पुराने वीडियो ने सिस्टम की पोल खोल दी है सोशल मीडिया पर दो दिन से एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें तरसौरा गांव के भीतर विशालकाय और हरे भरे नीम के पेड़ों को ध्वस्त किया गया है ग्रामीणों की मानें तो यह पेड़ किसी भी तरह से सार्वजनिक बाधा नहीं थे लेकिन परमीशन की आड़ लेकर माफियाओं ने रातों रात हरियाली को मरुस्थल में तब्दील कर दिया विभागीय दरोगा की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे है इस पूरे खेल के पीछे वन विभाग के एक दरोगा की बड़ी मिलीभगत है
चर्चा है कि लकड़ी माफिया और विभाग के कुछ कर्मचारियों के बीच ऐसा गठजोड़ है कि हरे फलदार पेड़ों को काटने की पटकथा पहले ही लिख ली जाती है आरोप है कि जब भी कोई मामला तूल पकड़ता है तो उच्चाधिकारियों को कागजी तौर पर गुमराह करना एक फैशन बन गया है फाइलों में पेड़ों को बीमार या खतरनाक दिखाकर उनकी बलि चढ़ा दी जाती है जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है आखिर क्यों प्रशासन मौन है हैरानी की बात यह है कि उक्त लकड़ी माफिया का इतिहास पुराना है पहले भी कई बार वीडियो और समाचार पत्रों के माध्यम से इसकी शिकायतें शासन प्रशासन तक पहुंची लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल ढाक के तीन पात ही नजर आए आखिर क्या वजह है कि बार बार नियम ताक पर रखने के बावजूद इस माफिया को अदृश्य संरक्षण मिलता रहता है क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि अधिकारियों तक पहुँचने वाला चढ़ावा कार्रवाई की फाइल को ठंडे बस्ते में डाल देता है तरसौरा गांव की यह घटना केवल पेड़ों की कटान नहीं बल्कि पर्यावरण के साथ किया गया एक बड़ा अपराध है क्या जिले के आला अधिकारी इस माफिया विभागीय कर्मचारी के सिंडिकेट की निष्पक्ष जांच कराएंगे क्या परमीशन देने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी या फिर इसी तरह परमीशन के नाम पर सिराथू क्षेत्र की हरियाली को सफेदपोशों के इशारे पर उजाड़ा जाता रहेगा

More Stories
मेरठ7मई26* 10 मई को मनाया जाएगा अमर शहीद अमर सिंह गुर्जर का 1857 का ऐतिहासिक बलिदान दिवस
लखनऊ7मई26• तमिलनाडु के राज्यपाल, विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करें-एआईपीएफ
लखनऊ7मई26*राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जनगणना 2027 के शुभारंभ की घोषणा की है!!