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कानपुर नगर 2 मई26*हर सरकारी योजनाओं पर गरीबों से उनका हक छीनकर विभागों में बैठें दलाल
*हर सरकारी योजनाओं पर गरीबों से उनका हक छीनकर विभागों में बैठें दलाल,दलाली कर झोली भरने का काम रसूखदारों के लिए किया जा रहा है*
*तो वहीं शहर के विभागों के भ्रष्टाचारी खाकी के साए में खुलेआम कर रहे अधिकारों का उल्लंघन, जिसने भ्रष्टाचारी की खोली पोल और किया उजागर तो ज़बरन फर्जी कार्यवाही के लिए उसके पीछे खाकी दौड़ाने का अभियान जारी*
*नगरीय आवासीय डूडा घोटाले का हुआ बड़ा खुलासा: डीएम के फर्जी हस्ताक्षर से गरीबों के आशियाने पर पड़ रहा डाका, करोड़ों के खेल की आशंका*
*कानपुर जिले में गरीबों के लिए बनी शहरी आवास योजना में बड़े भ्रष्टाचार का मामला हुआ उजागर,आरोप है कि नगर विकास प्राधिकरण-डूडा में जिलाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर लगाकर आवासों का अवैध आवंटन कर दिया गया।*
*इतना ही नहीं, फर्जी आवंटन पत्र के आधार पर बिजली कनेक्शन तक जारी कर दिए गए, जिससे विभागीय मिलीभगत की बू और भी गंध के साथ तेज हो गई है। शिकायत सामने आने के बाद पूरे मामले ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है।*
*बताया जा रहा है कि शहरी गरीबों के हक के मकानों को रसूखदारों तक पहुंचाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का खेल रचा जाता है। बल्कि जब शिकायत मंडलायुक्त तक पहुंची तो उसके बाद आवंटन फाइलों की दोबारा जांच शुरू हुई तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। सूत्रों की मानें तो शहर की कई कॉलोनियों में बड़े पैमाने पर ऐसे फर्जी आवंटन हुए हैं, जहां असली लाभार्थी दर-दर भटक रहे हैं और कब्जाधारी किराया वसूल रहे हैं*।
*योजनाओं पर जनता का सवाल यह है कि बिना अधिकारियों की मिलीभगत के डीएम के फर्जी हस्ताक्षर, मुहर और बिजली कनेक्शन की मंजूरी कैसे मिल गई?*
*यह खुलासा कानपुर के सबसे बड़े आवासीय भ्रष्टाचारों में से एक साबित हो सकता है, क्यों कि शहर के सबसे बड़े जिम्मेदार और आम जनता के रहनुमा कहे जाने वाले जिलाधिकारी के भी फर्जी हस्ताक्षर बना दिए जा रहे हैं, जिसके चलते गरीबों के हित में सरकार की योजनाओं पर सिर्फ़ काले रंग की पुताई चल रही है*।

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