कानपुर देहात26अक्टूबर24*यूपीआजतक न्यूज चैनल पर कानपुर देहात की खास खबरें
[26/10, 6:05 am] +91 96283 30454: *कृषक आधार, खतौनी एवं रजिस्ट्रेशन नम्बर लेकर अपने राजकीय कृषि बीज भण्डार से प्रमाणित/आधारीय बीज करें प्राप्त।*
*गेहूॅ के 2300 कु0 बीज, बीज भण्डारों पर पहुचां।*
कानपुर देहात
जिलाधिकारी आलोक सिंह के निर्देशन में जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में रबी फसलों की बुआई हेतु बीजो का प्रबन्ध किया जा रहा है। जिसमें गेहूॅ के 2300 कु0 बीज, बीज भण्डारों पर पहुचां।रबी फसल की बुआई के लिये कृषि विभाग द्वारा मिनीकिट तोरिया 02.00 कु0, राई आजाद महक 356.00 कु0, चना प्रजाति एच0सी0-7 -272.00 कु0, मटर आई0पी0एफ0डी0 12-2 -45.00 कु0, मसूर प्रजाति कोटा-3 -4.00 कु0 एवं के0एल0वी-2008-4 – 32.00 कु0 जिसे कृषको में निशुल्क वितरण कराया जा रहा है। 50 प्रतिशत अनुदान पर रबी फसलों में तोरिया प्रजाति उत्तरा आ0 01.00 कु0, राई/सरसों प्रजाति गिरिराज आधारीय 20.00 कु0, आर0एस0-725- 80.00 कु0, पूसा मस्टर्ड-23- 50.60 कु0 आर0जी0एन0-298- 30.00 कु0, आजाद महक 15.00 कु0, चना प्रजाति जे0जी0-14 -9.20 कु0, जी0एन0जी0-2171- 100.00 कु0, आर0वी0जी0-202- 437.44 कु0 एवं एच0आई0पी0सी0-2006-77 300.00 कु0, मटर प्रजाति आई0पी0एफ0डी0-9-2- 116.00 कु0, मसूर प्रजाति के0एल0एस0-9-3 5.00 कु0, कोटा मसूर-3- 39.40 कु0, जौ प्रजाति डी0डब्लू0आर0वी0-137- 96.60 कु0, महामना-113-48.60 कु0 एवं गेहूॅ प्रजाति डी0वी0डब्लू-316 (पछेती) 2.80 कु0, डी0वी0डब्लू-303 -625.20 कु0, डी0वी0डब्लू-327- 95.20 कु0, एच0आई0-1621 – 40.00 कु0, एच0डी0-3226- 652.00 कु0, डी0वी0डब्लू-187- 894.40 कु0 सभी फसलों के आधारीय/प्रमाणित बीज राजकीय बीज भण्डारों पर उपलब्ध कराकर कृषकों को पहले आओ पहले पाओं के आधार पर नचंहतपबनसजनतमण्बवउ पर पंजीकृत कृषकों में 50 प्रतिशत अनुदान पी0ओ0एस0 मशीन पर आधार ंनजीमदजपबंजपवद के द्वारा वितरण किया जा रहा है। रबी फसलों में विक्रय दर गेहूॅ प्रमाणित रु0 4395/कु0, अधारीय 4595/कु0, चना प्रमाणित रु0 9830/कु0, आधारीय रु0 10440/कु0 मसूर प्रमाणित रु0 10440/कु0, अधारीय 10855/कु0, राई/सरसों प्रमाणित रु0 10660/कु0 अधारीय रु0 10960/कु0, तोरिया प्रमाणित रु0 10700/कु0 है। कृषक के द्वारा पी0ओ0एस0 मशीन पर अधार एथेन्टीकेशन करके क्रय करने पर विक्रय मूल्य 50 प्रतिशत अनुदान की कटौती कर कृषको में वितरण किया जा रहा है।
कृषक भाइयों से अपील है कि आधार, खतौनी एवं रजिस्ट्रेशन नम्बर लेकर अपने राजकीय कृषि बीज भण्डार से प्रमाणित/आधारीय बीज प्राप्त करें।
[26/10, 6:06 am] +91 96283 30454: *मतदेय स्थलों की सूची निरीक्षण हेतु जिला निर्वाचन कार्यालय, कानपुर देहात एवं समस्त तहसीलों पर निःशुल्क रहेगी उपलब्ध।*
कानपुर देहात
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) /
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उ०प्र० लखनऊ के द्वारा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र 205-रसूलाबाद (अ०जा०), 206-अकबरपुर रनियां, 207-सिकन्दरा एवं 208-भोगनीपुर के मतदेय स्थलों के सम्भाजन को अनुमोदित कर दिया गया है। सर्वसाधरण की जानकारी हेतु मतदेय स्थलों की सूची का प्रकाशन/डी०ओ० पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। सर्वसाधारण के लिये मतदेय स्थलों की सूची निरीक्षण हेतु जिला निर्वाचन कार्यालय, कानपुर देहात एवं समस्त तहसीलों पर निःशुल्क उपलब्ध रहेगी।
[26/10, 6:06 am] +91 96283 30454: *सहकारी समितियों, उर्वरक बिक्री केन्द्रो पर रबी अभियान के दौरान प्रीपोजीशिनिग फास्फेटिक स्टाक एवं रैक से फास्फेटिक उर्वरक जनपद में प्रर्याप्त मात्रा में उपलब्ध*
कानपुर देहात 25 अक्टूबर 2024
जिलाधिकारी आलोक सिंह के निर्देशन में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता ने बताया कि जनपद की सहकारी समितियों,उर्वरक बिक्री केन्द्रो पर रबी अभियान के दौरान प्रीपोजीशिनिग फास्फेटिक स्टाक एवं रैक से फास्फेटिक उर्वरक प्रेषित की जा रही है। कृषको घबराने की जरूरत नहीं है, जनपद में प्रर्याप्त मात्रा में फास्फेटिक उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निरन्तर प्रयास किये जा रहे है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता कानपुर देहात द्वारा सूचित किया गया है कि सहकारिता कानपुर देहात जनपद के कुल उर्वरक लक्ष्य का 40 प्रतिशत सहकारी समितियों से तथा 60 प्रतिशत उर्वरक की प्रतिपूर्ति निजी खाद दुकानदारों को आवटिंत लक्ष्य के सापेक्ष होती हैं, सहकारी समितियों पर इफको एवं कृभको की ब्रान्डेड उर्वरक उपलब्ध होने के कारण किसानों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर क्रय की जाती है जिसके कारण समितियों पर अत्यधिक दवाब बनता है, और पूरा का पूरा ट्रक एक दिन में बिक जाता है।सहकारिता कानपुर देहात द्वारा सहकारी समितियों पर रबी अभियान के दौरान 3421 मै०टन० फास्फेटिक का उर्वरक का प्रेषण किया जा चुका है। जिसमे से 3100 मै०टन० फास्फेटिक की बिक्री हो चुकी है जबकि गत् वर्ष अक्टूबर माह के अन्त तक 2500 मै०टन० फास्फेटिक उर्वरक का वितरण हुआ था। समितियो पर एन०पी० के० 12:32:16 उर्वरक नियमित रूप से प्रेषित हो रही है, जो मृदा को आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर है। समिति सचिव द्वारा पी०ओ०एस० मशीन के माध्यम से तेजी से बिक्री की जा रही है, उक्त के उपरान्त प्रीपोजीशिनिगं 1200 मै०टन० डी०ए०पी० समितियो को प्रेषित करायी जायेगी, जनपद के कृषको को रबी फसलो की बुआई हेतु पर्याप्त मात्रा में फास्फेटिक उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निरन्तर प्रयास किये जा रहे है। क्षेत्रीय कृषको से अपील है कि बिना घबराये अपनी जरूरत के अनुसार ही फास्फेटिक उर्वरक की खरीद करे, कृपया अतिरिक्त संग्रह न करे।
[26/10, 6:06 am] +91 96283 30454: *सहकारी समितियों, उर्वरक बिक्री केन्द्रो पर रबी अभियान के दौरान प्रीपोजीशिनिग फास्फेटिक स्टाक एवं रैक से फास्फेटिक उर्वरक जनपद में प्रर्याप्त मात्रा में उपलब्ध*
कानपुर देहात
जिलाधिकारी आलोक सिंह के निर्देशन में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता ने बताया कि जनपद की सहकारी समितियों,उर्वरक बिक्री केन्द्रो पर रबी अभियान के दौरान प्रीपोजीशिनिग फास्फेटिक स्टाक एवं रैक से फास्फेटिक उर्वरक प्रेषित की जा रही है। कृषको घबराने की जरूरत नहीं है, जनपद में प्रर्याप्त मात्रा में फास्फेटिक उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निरन्तर प्रयास किये जा रहे है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता कानपुर देहात द्वारा सूचित किया गया है कि सहकारिता कानपुर देहात जनपद के कुल उर्वरक लक्ष्य का 40 प्रतिशत सहकारी समितियों से तथा 60 प्रतिशत उर्वरक की प्रतिपूर्ति निजी खाद दुकानदारों को आवटिंत लक्ष्य के सापेक्ष होती हैं, सहकारी समितियों पर इफको एवं कृभको की ब्रान्डेड उर्वरक उपलब्ध होने के कारण किसानों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर क्रय की जाती है जिसके कारण समितियों पर अत्यधिक दवाब बनता है, और पूरा का पूरा ट्रक एक दिन में बिक जाता है।सहकारिता कानपुर देहात द्वारा सहकारी समितियों पर रबी अभियान के दौरान 3421 मै०टन० फास्फेटिक का उर्वरक का प्रेषण किया जा चुका है। जिसमे से 3100 मै०टन० फास्फेटिक की बिक्री हो चुकी है जबकि गत् वर्ष अक्टूबर माह के अन्त तक 2500 मै०टन० फास्फेटिक उर्वरक का वितरण हुआ था। समितियो पर एन०पी० के० 12:32:16 उर्वरक नियमित रूप से प्रेषित हो रही है, जो मृदा को आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर है। समिति सचिव द्वारा पी०ओ०एस० मशीन के माध्यम से तेजी से बिक्री की जा रही है, उक्त के उपरान्त प्रीपोजीशिनिगं 1200 मै०टन० डी०ए०पी० समितियो को प्रेषित करायी जायेगी, जनपद के कृषको को रबी फसलो की बुआई हेतु पर्याप्त मात्रा में फास्फेटिक उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निरन्तर प्रयास किये जा रहे है। क्षेत्रीय कृषको से अपील है कि बिना घबराये अपनी जरूरत के अनुसार ही फास्फेटिक उर्वरक की खरीद करे, कृपया अतिरिक्त संग्रह न करे।
[26/10, 6:06 am] +91 96283 30454: *किशोर की जलाकर हत्या में तीन को आजीवन और तीन किशोरों को दस साल की सजा*
कानपुर देहात। बरौर कस्बे में चार साल पहले खेत पर गए एक किशोर के साथ मारपीट करने के साथ उसकी जलाकर हत्या करने के मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद पॉक्सो कोर्ट ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उन पर 25-25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। जबकि इसी मामले में आरोपी तीन किशोरों को भी दोषसिद्ध करते हुए उन्हें दस दस साल के कारावास की सजा सुनाई है।
बरौर कस्बे के रहने वाले अशोक कुमार का चौदह साल का पुत्र आमोद उर्फ अन्नू 5 जून 2020 को शाम करीब आठ बजे घर से खेतों पर गया था। वहां उसको अकेलो देखकर प्रवीण आदि ने उसको नलकूप पर ले जाकर उसके साथ मारपीट करने के साथ ही ज्वलनशील पदार्थ डालकर उसे आग से जला दिया था। मामले में उसके पिता अशेाक ने बरौर थाने में नरेंद्र उसके भाई प्रवीण उपाध्याय, शुभम व अखिलेश के साथ ही नरेंद्र के दो नाबालिग पुत्रों के खिलाफ एक राय होकर मारपीट करने व जलाने का आरोप लगाया था। मामले में हैलट अस्पताल मे गंभीर अवस्था में भर्ती आमोद उर्फ अन्नू के मजिस्ट्रेट ने बयान दर्ज किए थे। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। विवेचना में आरोपी नरेंद्र व अवधेश के नाम गलत पाए जाने से उनके नाम हटाने के साथ ही पुलिस ने अनिल के नाबालिंग पुत्र का नाम बढ़ाकर अन्य आरोपियों के खिलाफ बलवा व हत्या आदि की धाराओं में आरोप पत्र अदालत में पेश किए थे । तीन वयस्क आरोपियों के साथ तीन किशेर आरोपियों से जुडे इस मामले की एक साथ सुनवाई माननीयअपर जिला जज 13/ पाक्सो एक्ट श्री शरद कुमार त्रिपाठी की अदालत में चल रही थी। विशेष लोक अभियोजक राम रक्षित शर्मा ने बताया कि अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए वादी के साथ ही अन्य गवाहों के बयानों व मृतक किशोर के मृत्यु पूर्व मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयानों के अनुशीलन और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी शुभम, प्रवीण व अखिलेश को दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उन पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।वहीं अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास काटने का आदेश दिए हैं। जबकि तीनों आरोपी किशोरों को दोषसिद्ध करते हुए उन्हें दस दस साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।
[26/10, 6:06 am] +91 96283 30454: *हत्या में आरोपी पिता-पुत्र की जमानत अर्जी खारिज*
कानपुर देहात रसूलाबाद थाना क्षेत्र के मनावां गांव में करीब साढे चार माह पहले हुई एक युवक की हत्या के मामले में जेल में निरुद्ध आरोपी पिता-पुत्र की ओर से अदालत में दाखिल की गई जमानत अर्जी अदालत ने सुनवाई कर खारिज कर दी।
मनावां गांव निवासी पैंतीस वषीय मनोज तिवारी से उसके चाचा कृष्ण मोहन खुन्नस मानते हैं। बीते 8 जून 2024 की रात में पुरानी खुन्नस में कृष्ण मोहन आदि ने मनोज के घर में घुसकर लाठी कुल्हाड़ी से हमलाकर हत्या कर दिया था। मामले में उसके भाई संजय ने चाचा कृष्ण मोहन,उनकी पत्नी कांती देवी, पुत्रों दीपक,बब्लू,सुमित कुमार उर्फ छैय्या, सुंदर व परिवार के पंकज पुत्र श्याम सुंदर के खिलाफ एक राय होकर घर में घुसकर हमला करने व हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में जेल में निरुद्ध कृष्ण मोहन व उनके पुत्र सुमित उर्फ छैया तिवारी की और से बचाव पक्ष ने अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की थी।सहायक शासकीय अधिवक्ता विवेक त्रिपाठी ने बताया कि आरोपियों की जमानत अर्जी की सुनवाई करते हुए माननीय अपर जिला जज – 6 ने उसे खारिज कर दिया।
[26/10, 6:06 am] +91 96283 30454: *अभियोजन गवाह ने कहा कि 2 जुलाई 2020 को वह रीजेंसी अस्पताल में भर्ती था*
कानपुर देहात। बिकरू कांड के मुख्य मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है।शुक्रवार को मामले में अभियोजन गवाह सिपाही शिवमूरत निषाद ने बचाव पक्ष की जिरह में बताया कि मैं दो जुलाई 2020 को रीजेंसी अस्पताल में भर्ती था वहीं गवाह ने कहा कि पुलिस को इंसास रायफल निर्गत होती है ,इंसास रायफल कितने बोर की होती है मुझे याद नहीं है ।अब अदालत ने बचाव पक्ष की शेष जिरह के लिए 30 अक्टूबर की तिथि नियत की है।
चौबेपुर क्षेत्र के बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 को दबिश देने गई पुलिस टीम पर विकास दुबे गैंग ने फायरिंग कर दी थी। घटना में आठ पुलिस कर्मियों की मौत हो गई थी, जबकि कई घायल हो गए थे। मामले में पुलिस ने 45-50 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था, जिसकी सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। मामले में घटना में घायल हुए अभियोजन गवाह कांस्टेबल शिवमूरत निषाद के अदालत में बयान दर्ज होने के बाद बचाव पक्ष की जिरह चल रही है।शुक्रवार को मामले में आरोपियों श्यामू बाजपेई, रामू बाजपेई व छोटू उर्फ अखिलेश शुक्ला की ओर से बचाव पक्ष के अधिवक्ता सी पी शुक्ला ने अभियोजन गवाह से जिरह करते हुए पुलिस ट्रेनिंग में फायरिंग का अभ्यास करने व पुलिस को निर्गत किए जाने असलहा से संबंधित सवाल किए इसके जवाब में गवाह ने कहा कि ट्रेनिंग के दौरान मैंने अभ्यास फायरिंग की है साथ ही यह भी बताया कि पुलिस को इंसास रायफल निर्गत होती लेकिन बचाव पक्ष के इंसास रायफल कितने बोर की होती है पूछने पर उसने कहा कि यह मुझे याद नहीं है वहीं दो जुलाई को उसकी उपस्तिथि से संबंधित सवाल के जवाब में गवाह ने कहा कि दो जुलाई को मैं रीजेंसी अस्पताल में भर्ती था।वहीं गवाह ने यह भी बताया कि घटना के दौरान बदमाशों से सौ मीटर की दूरी पर था ,बदमाश जब सी ओ साहब को घसीटकर ले जा रहे थे तब मैंने देखा था मारते हुए नहीं देखा था ।सहायक शासकीय अधिवक्ता देवेन्द्र कुमार मिश्रा ने बताया कि अब अदालत ने बचाव पक्ष की शेष जिरह के लिए सुनवाई को 30 अक्टूबर की तिथि नियत की है।इस दौरान सभी आरोपी उपस्थित रहे।
[26/10, 6:06 am] +91 96283 30454: *परिषदीय स्कूलों में होगी नैट और नैस की तैयारी*
कानपुर देहात। परिषदीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर परखने के लिए दो कड़े इम्तिहान होने जा रहे हैं। नवंबर महीने में स्कूलों में निपुण एसेसमेंट टेस्ट होगा जबकि इसके बाद नेशनल अचीवमेंट सर्वे भी होने की बात कही जा रही है। इसको लेकर विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सभी स्कूलों में बच्चों को इन दोनों परीक्षाओं के लिए तैयार किया जा रहा है। निपुण एसेसमेंट टेस्ट के लिए 18 व 19 नवंबर की तिथि निर्धारित की गई है। यह परीक्षा ओएमआर शीट पर देनी होगी। परीक्षा के लिए खंड शिक्षा अधिकारी और प्रधानाध्यापकों के मध्य बैठक आयोजित की गई है। पिछले वर्ष खराब प्रदर्शन करने वाले विद्यालय और बच्चों पर विशेष फोकस करने को कहा गया है। पिछले वर्ष लगभग 30 फीसदी बच्चे ऐसे थे जो औसत रूप से अच्छा परिणाम नहीं ला सके थे। इस बार इन्हें चिन्हित करके इन पर विशेष फोकस किया जा रहा है। परीक्षा के संबंध में बच्चों को ओएमआर भरने के तरीके भी बताए जा रहे हैं। इस परीक्षा में 1925 विद्यालयों के 150000 बच्चे हिस्सा लेंगे दूसरी ओर नेशनल अचीवमेंट सर्वे भी इस वर्ष आयोजित किया जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से यह सर्वे पिछली बार 2021 में कराया गया था। इस बार इस सर्वे के लिए चुनिंदा स्कूलों को ही लक्ष्य बनाया जाएगा। वहां पर सर्वे कर इसके आधार पर जिले की रैंक निर्धारित की जाएगी। इस संबंध में बीएसए अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि निपुण एसेसमेंट टेस्ट और नेशनल अचीवमेंट सर्वे के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। सभी विद्यालयों में इसको लेकर बच्चों को तैयार किया जा रहा है।
[26/10, 6:06 am] +91 96283 30454: *किताबों के अक्षर ही नहीं हालात भी पढ़ते हैं, सरकारी स्कूलों के बच्चे बड़े सब्र से आगे बढ़ते हैं*
कानपुर देहात। सरकारी स्कूल में पढ़ाना केवल एक पेशा नहीं बल्कि एक संवेदनशील और गहरी प्रक्रिया है। यह वह यात्रा है जहां शिक्षक न केवल किताबों से ज्ञान देते हैं बल्कि बच्चों के जीवन, उनकी चुनौतियों और उनके सपनों के साथ आत्मीय संबंध बनाते हैं। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे अक्सर समाज के उस तबके से आते हैं जो आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहा होता है। इन बच्चों के लिए स्कूल जाना एक सपने की तरह है जहां वे अपने भविष्य के बेहतर रास्ते की तलाश में आते हैं लेकिन इसके साथ ही उनके कंधों पर अपने परिवारों की जिम्मेदारियां और समाज की कड़वी सच्चाइयां भी होती हैं। जब एक शिक्षक सरकारी स्कूल में प्रवेश करता है तो उसके सामने केवल ब्लैकबोर्ड और किताबें नहीं होतीं बल्कि उन बच्चों के जीवन की एक अनकही कहानी होती है जो उसके सामने बैठकर उसकी ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे होते हैं। ये बच्चे किसी अमीर घर से नहीं आते वे गाड़ियों से स्कूल नहीं पहुंचते। अक्सर वे धूल भरी पगडंडियों से कभी-कभी भूखे पेट स्कूल आते हैं। उनके लिए शिक्षा एक विलासिता की तरह है लेकिन फिर भी उनके दिल में एक उम्मीद होती है कि शायद यह स्कूल, यह शिक्षक उनकी जिंदगी बदल सकता है। एक शिक्षक के रूप में यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम सिर्फ विषयों की किताबें न पढ़ाएं बल्कि उनके जीवन की कठिनाइयों को समझें। जब हम उनके संघर्षों को महसूस करते हैं तो पढ़ाई केवल एक औपचारिकता नहीं रह जाती। वह एक मिशन बन जाती है जिसमें हम उनके भविष्य के लिए एक मजबूत नींव डाल रहे होते हैं। बहुत से बच्चे ऐसे होते हैं जो स्कूल के बाद खेतों में काम करते हैं छोटे-मोटे काम करके अपने परिवार का सहयोग करते हैं। वे केवल छात्र नहीं हैं वे उस समाज का हिस्सा हैं जो जीवन के संघर्ष में तप कर बड़ा हो रहा है। उनकी आँखों में कई बार थकान, भूख और समाज की कठोर सच्चाई की छाया दिखती है लेकिन उनके भीतर एक आग होती है कुछ बनने की कुछ हासिल करने की। शिक्षक का काम सिर्फ उन्हें पाठ पढ़ाना नहीं होता बल्कि उनके मनोबल को बढ़ाना उन्हें यह एहसास दिलाना होता है कि उनके जीवन की परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों वे अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। सरकारी स्कूलों के शिक्षक अक्सर एक ऐसे समाज में काम कर रहे होते हैं जहां संसाधनों की कमी होती है। कई बार न तो पर्याप्त किताबें होती हैं न ही सुविधाएं लेकिन इन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षक और बच्चों के बीच जो बंधन बनता है वह किसी भी साधन से अधिक मजबूत होता है। शिक्षक बच्चों के जीवन की कठिनाइयों को समझकर उनके लिए एक नई राह बनाते हैं। जब वे एक बच्चे के साथ बैठकर उसके सपनों को सुनते हैं, तो वह बच्चा न केवल पढ़ाई में रुचि दिखाता है बल्कि खुद पर विश्वास करने लगता है। कई बार एक शिक्षक खुद को असहाय महसूस करता है। वह देखता है कि बच्चे घर पर पढ़ाई करने की बजाय परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों को उठाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं लेकिन फिर भी एक शिक्षक की सबसे बड़ी जीत तब होती है जब वह अपने छात्रों को उस संघर्ष से ऊपर उठने की प्रेरणा दे पाता है। अक्सर यह प्रेरणा केवल शब्दों में नहीं होती बल्कि वह उस स्नेह और समझ में होती है जो एक शिक्षक अपने छात्रों के प्रति दिखाता है। जब एक बच्चा देखता है कि उसका शिक्षक उसकी परेशानियों को समझता है तो उसके भीतर कुछ बदलता है। वह अपने भविष्य के लिए और अधिक मेहनत करने को तैयार हो जाता है। सरकारी स्कूल में पढ़ाना केवल पढ़ाना नहीं एक यात्रा है। एक ऐसी यात्रा जहां शिक्षक अपने छात्रों के साथ-साथ उनके परिवारों, उनके समाज और उनकी रोजमर्रा की लड़ाइयों का हिस्सा बनता है। यह एक ऐसा काम है जो किताबों से आगे बढ़कर जीवन के असल अनुभवों में फैल जाता है। आज जब हम सरकारी स्कूलों के बच्चों की बात करते हैं तो हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि उनके पास हर सुविधा नहीं होती लेकिन उनके पास एक अनमोल चीज होती है उम्मीद और जब एक शिक्षक उस उम्मीद को सही दिशा में ले जाता है तो वह एक नए भविष्य का निर्माण करता है। हमेशा की तरह यह सफर आसान नहीं होता। संसाधनों की कमी, समाज का दबाव और बच्चों की कठिनाइयों के बीच, शिक्षक कई बार खुद भी थक जाते हैं लेकिन हर दिन जब वे अपने छात्रों की आँखों में देख पाते हैं कि उनके शब्दों, उनके प्रयासों का असर हो रहा है तो वह थकान गायब हो जाती है। सरकारी स्कूल में पढ़ाना केवल एक नौकरी नहीं है यह जीवन बदलने का एक मिशन है और यह मिशन तभी सफल होता है जब हम अपने छात्रों के जीवन को समझते हैं उनकी चुनौतियों को पहचानते हैं और उनके सपनों को सच करने में उनके साथ खड़े होते हैं आखिरकार शिक्षक वही होता है जो अपने छात्रों को उनके हालात से ऊपर उठने का साहस देता है।
[26/10, 6:06 am] +91 96283 30454: *सीएससी से मत्स्य उद्योग से जुड़े लोगों का रजिस्ट्रेशन शुरू*
कानपुर देहात।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) मत्स्य – पालन विभाग, पशुपालन और डेयरी – मंत्रालय के द्वारा अब सभी मत्स्य – – उद्योग से जुड़े लोगों का रजिस्ट्रेशन पूरे देश में कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से किया जा रहा है।
इस क्रम में जिले में भी सभी कॉमन के सर्विस सेंटर (सीएससी) पर रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। – सीएससी के जिला प्रबंधक अमित सिंह ने बताया कि इस योजना का – मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालन से जुड़े – लोगों का एक डाटा तैयार करना है जिससे इस व्यवसाय से जुड़े लोगो को आत्मनिर्भर बनाने की प्रक्रिया में – तेजी से सुधार किया जा सके। इस योजना में रजिस्ट्रेशन के बाद ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन के बाद अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए उनको सरकार की तरफ से आर्थिक मदद की भी व्यवस्था है।उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 1900 रजिस्टर्ड मछुआरे हैं। उनका तो पंजीकरण होना है साथ ही साथ जो लोग भी इस व्यवसाय से जुड़े हैं वह लोग भी अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। सभी पात्र लोग अपने नजदीकी सीएससी केंद्र पर दस्तावेज (आधार, पैन, बैंक पासबुक, फोटो मोबाइल) लेकर जाएं और अपना रजिस्ट्रेशन निशुल्क कराएं। इस योजना का ज्यादा से ज्यादा लोग लाभ उठाएं।
[26/10, 6:07 am] +91 96283 30454: *हत्या के मामले में वांछित इनामी आरोपी को शिवली पुलिस ने गिरफ्तार करके भेजा जेल*
कानपुर देहात।थाना शिवली क्षेत्रान्तर्गत ग्राम जुगराजपुर बिठूर निवासी एक व्यक्ति का अपहरण करके हत्या कर देने की घटना में वांछित/पुरस्कार घोषित एक नफर अभियुक्त को थाना शिवली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्त की गिरफ्तारी पर20 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
मालूम हो कि अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन, कानपुर, आलोक सिंह व पुलिस उप महानिरीक्षक कानपुर रेन्ज, कानपुर, जोगेन्द्र कुमार के कुशल मार्गदर्शन में व पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात बीबीजीटीएस मूर्ति के निर्देशन में जनपद कानपुर देहात में अपराध नियन्त्रण की दिशा में घटनाओं की रोकथाम व खुलासे तथा वाँछित अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे विशेष अभियान के क्रम में, वादिनी द्वारा दिनांक 19.10.2024 को थाना शिवली पर मु0अ0सं0 293/2024 धारा 140(1)/103(1)/238/3(5) बीएनएस व 3(2)(5) एससीएसटी एक्ट पंजीकृत कराया गया था। जिसमें 02 नफर अभियुक्तगणों को दिनांक 23.10.2024 को गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही की जा चुकी है। मुकदमा उपरोक्त में 20,000/- रुपये का पुरस्कार घोषित शेष एक नफर अभियुक्त रत्नेश कुमार उर्फ छोटू त्रिवेदी उम्र करीब 29 वर्ष पुत्र अशोक कुमार उर्फ पप्पू त्रिवेदी निवासी ग्राम जुगराजपुर बिठूर थाना शिवली जनपद कानपुर देहात को दिनांक 25.10.2024 को थाना शिवली क्षेत्रान्तर्गत मैथा नहर पुल के पास से थाना शिवली पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया है कि गिरफ्तारशुदा अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्त ने पुलिस हिरासत में की गई पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया है कि उसके पड़ोस में रहने वाले कन्हैया जिनके ट्रैक्टर का चालक नन्हा उर्फ राजकुमार से ओमप्रकाश रोटावेटर से कट गया था। जब वह अर्ध-मृत अवस्था में था तब अपराध को छुपाने के लिए उक्त लोगों ने ओमप्रकाश के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा कर उसी हत्या कर उसके शव को हम लोगों ने कन्हैया की कार की डिग्गी में भर कर फतेहपुर जाकर बकेवर के पास नहर में फेंक दिया था। उपरोक्त अभियुक्त की गिरफ्तारी करने में
प्र0नि0 हरमीत सिंह ,उ0नि0 गुरेन्द्र प्रताप सिंह,उ0नि0 धर्मेन्द्र कुमार,हे0का0 470 धर्मेन्द्र ,हे0का0 343 संतोष ,का0 294 राजदीप का सराहनीय योगदान रहा।।
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