February 11, 2026

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औरैया 27 नवम्बर *न भूले हैं,,न भूलेंगे,,कभी हरगिज़ शहीदों को,,!!*

औरैया 27 नवम्बर *न भूले हैं,,न भूलेंगे,,कभी हरगिज़ शहीदों को,,!!*

औरैया 27 नवम्बर *न भूले हैं,,न भूलेंगे,,कभी हरगिज़ शहीदों को,,!!*

– *भारत प्रेरणा मंच ने किया 27 नवम्बर 1857 के शहीदों को नमन*

*औरैया।* शहादतगाह को मंदिर समझ कर सिर झुकायेंगे, न भूले हैं न भूलेंगे कभी हरगिज़ शहीदों को!
आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रमों की श्रंखला में शनिवार को जनपद के विख्यात कवि अजय अंजाम की इन पंक्तियों से शुरू हुए शहीद स्मृति कार्यक्रम में शहर के युवाओं का जोश उफान पर दिखा। मां भारती की तस्वीर पर दीप प्रज्ज्वलन, 27 नवम्बर 1857 के 18 शहीदों को 18 दीपक जलाकर श्रद्धांजलि, वीर शहीद अमर रहें के जयकारों से माहौल देशभक्ति मय हो गया।
देवकली मंदिर के समीप स्थापित स्मारक पर श्रद्दांजलि के दौरान भारत प्रेरणा मंच के महासचिव अविनाश अग्निहोत्री ने बताया कि प्रथम स्वाधीनता संग्राम में औरैया के क्रान्तिकारियों ने भरेह के कुँवर रुप सिंह खान पुर औरैया के राम प्रसाद पाठक चकर नगर राजा निरंजन सिंह ने नेतृत्व में 24 जून 1857 को औरैया और बेला तहसील पर हमला करके अग्रेजों से मुक्त करा लिया । लगभग 6 महीने पूरा औरैया क्षेत्र विदेशी ब्रिटिश शासन से आजाद रहा । इस समयावधि में औरैया क्षेत्र में हाकिम का कार्य भार भरेह के कुँवर रुप सिंह ने सम्भाला । नवम्बर महीने इटावा जनपद के तत्कालीन कलेक्टर ए ओ ह्यूम ने आगरा और इटावा की सम्मलित विशाल ब्रिटिश सेना के साथ औरैया पर पुनः अधिकार करने के लिए हमला किया । देवकली मन्दिर क्षेत्र में ब्रिटिश सेना और राम प्रसाद पाठक के नेतृत्व में क्रान्तिकारी सेना के बीच 27 नवम्बर 1857 को युद्ध प्रारम्भ हो गया। क्रान्तिकारी सेना तीन दिन तक औरैया की आजादी के लिए फिरंगी सेना से भयंकर युद्ध करती रही । इस बीच अग्रेजी सेना के 4 सैनिक क्रान्तिकारी सेना के हाथों मारे गये साथ ही उन्होने बड़ी सँख्या में ब्रिटिश सिपाहियों को घायल भी कर दिया । जीत की कगार पर पहुँची क्रान्तिकारी सेना की स्थिति उस समय उलटी हो गयी । जब ए ओं हयूम ने अपनी रिजर्ब सेना के द्वारा क्रान्तिकारियों पर पीछे से हमला करवा दिया । चारो तरफ से घिरने के बाद भी क्रान्तिकारी सेना वीरता से ब्रिटिश सेना युद्ध करती रही। इस भीषण युद्ध में क्रान्तिकारी सेना के मुख्य सेना नायक राम प्रसाद पाठक अपने 17 साथियों के साथ शहादत को प्राप्त हुए । फ्रीडम स्ट्रगल इन यूपी पुस्तक में संकलित एक टेलीग्राम में इटावा के तत्कालीन कलेक्टर ए ओ हयूम ने अमर शहीद राम प्रसाद पाठक को रीयल लीडर आफ दा फील्ड लिखा है । यह टेलीग्राम ए ओ ह्यूम ने राम प्रसाद पाठक और उनके 17 कान्तिकारी साथियों के शहादत की खबर देने के लिए आगरा कमिश्नर को किया था। इस मौके पर केप्टन जगपाल सिंह भदौरिया,सूबेदार मेजर राजेन्द्र प्रसाद तिवारी, योगाचार्य विशाल दुबे, राष्ट्रीय कवि सङ्गम के जिलाध्यक्ष गोपाल पांडेय, गजलकार विवेक राज, कवि इशांक समेत शहर के अनेक युवा मौजूद रहे।