औरैया22जुलाई*जिला संयुक्त चिकित्सालय छत पर शराब की शीशियां व गंदगी का अंबार*
*कहने के बावजूद सफाई कर्मी नहीं देते ध्यान अस्पताल प्रशासन बेखबर*
*शहर के कई मोहल्लों में दूषित पानी व गंदगी से बजबजा रही गलियां एवं नालियां*
*औरैया।* केंद्र व प्रदेश सरकार स्वच्छ भारत मिशन का अभियान भले ही तेज गति चला रही हो, लेकिन इस मिशन की धज्जियां उड़ती साफ तौर पर देखी जा रही है। शहर के विभिन्न मोहल्लों में बरसात के कारण हुए जलभराव के चलते दुर्गंध युक्त गंदगी गलियों में फैली पड़ी है। वहीं दूसरी ओर शहर के 50 शैय्या युक्त जिला संयुक्त चिकित्सालय की छत पर गंदगी का अंबार पसरा हुआ है। सफाई कर्मचारियों को जानकारी देने के बाद भी साफ सफाई पर अमल नहीं किया जाता है। आखिर इसके लिए जिम्मेदार कौन?
केंद्र व प्रदेश सरकार स्वच्छता मिशन की भले ही दंभ भर रही हो, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ अलग ही है। जहां एक ओर शहर के कई मोहल्लों में गंदगी का अंबार देखा जा सकता है, वहीं दूसरी ओर जिला संयुक्त चिकित्सालय भी गंदगी से वंचित नहीं है। बारिश के मौसम में गंदगी शहर की नालियों व गलियों में जलभराव के कारण साफ तौर पर दृष्टिगोचर होती है। शहर के मोहल्ला नरायनपुर, बनारसीदास पश्चिमी , दयालपुर, भीखमपुर, गोविंद नगर उत्तरी के अलावा पढीन दरवाजा नई बस्ती, बदनपुर कांशीराम कॉलोनी में गंदगी का आलम देखा जा सकता है। यह गंदगी स्वच्छता मिशन की साफ तौर पर धज्जियां उड़ा रही है। इतना ही नहीं शहर के 50 शैय्या युक्त जिला संयुक्त चिकित्सालय की छत पर भी गंदगी का अंबार कई दिन से देखा जा रहा है। अस्पताल की छत पर गंदगी फैली हुई है। इस गंदगी में देशी व अंग्रेजी शराब की शीशियां , बियर की केने एवं कचरा भी पड़ा हुआ है। प्रश्न उठता है की अखिर अस्पताल की छत पर कौन लोग मदिरा का सेवन करते हैं? अस्पताल प्रशासन बेखबर रहता है। अस्पताल की छत पर बरसात के मौसम में पानी भरा हुआ है, जिसमें गंदगी तैर रही है। इसके साथ ही दुर्गंध फैला रही है। अस्पताल के एक कर्मचारी ने सफाई कर्मी को इस गंदगी की समस्या से 2 दिन पहले अवगत कराया इसके बावजूद सफाई कर्मी ने साफ-सफाई करना मुनासिब नहीं समझा। जिसके चलते गंदगी की समस्या जस की तस बनी हुई है। अस्पताल की छत पर जलभराव होना गुणवत्ता पर सवालिया प्रश्नचिन्ह लगा रहा है। शहर के मोहल्लों में हो रहे दुर्गंधयुक्त जलभराव के विषय में जब नगर पालिका परिषद के अधिशाषी अधिकारी बलवीर सिंह से जानकारी चाही तो उन्होंने बताया कि शहर के कुछ मोहल्ले की बस्ती में निचले स्तर पर गलियां बनी हुई हैं, जिससे जल निकासी पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पाती है, और जलभराव हो जाता है, जो धीरे-धीरे कम होता है। सरकार द्वारा पर्याप्त बजट मिलने पर गलियों को ऊंचा किया जाएगा, तभी इस समस्या से लोगों को निजात मिल सकेगी। पालिका प्रशासन लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए अनवरत प्रयासरत है। इसी तरह से जब अस्पताल के सीएमएस राजेश मोहन गुप्ता से जानकारी चाही तो अस्पताल में स्टाफ ने जानकारी देते हुए बताया कि सीएमएस मीटिंग में कानपुर गये हुए हैं। इसलिए कोई बात नहीं हो सकी।

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