November 6, 2026

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कटिहार बिहार 6 अक्टूबर26 *कटिहार में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन : 774 आशाओं को शोकॉज,

कटिहार बिहार 6 अक्टूबर26 *कटिहार में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन : 774 आशाओं को शोकॉज,

कटिहार बिहार 6 अक्टूबर26 *कटिहार में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन : 774 आशाओं को शोकॉज, 2 महीने में नहीं सुधरीं तो सेवा समाप्त*

मोहम्मद इरफान कामिल ब्यूरो चीफ़ यूपी आज़तक पूर्णिया डिविजन बिहार

कटिहार बिहार / मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने और संस्थागत प्रसव को 100% करने के लिए जिला स्वास्थ्य समिति कटिहार ने अब सख्त रुख अपना लिया है। जुलाई से सितंबर 2026 तक की समीक्षा में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। जिले की कुल 3108 आशा कार्यकर्ताओं में से 774 आशा यानी लगभग 25% ऐसी मिलीं, जिन्होंने सितंबर माह में एक भी प्रसव सरकारी अस्पताल में नहीं कराया। जुलाई में यह संख्या 1070 (34.4%) थी।

लगातार तीन महीने से जीरो परफॉर्मेंस को गंभीर लापरवाही मानते हुए समिति ने “कटिहार मॉडल 2026” के तहत 3-चरणीय विशेष कार्य योजना लागू कर दी है।

1. रेड जोन की 774 आशाओं पर गिरी गाज, जनवरी 2027 तक सेवा समाप्ति की चेतावनी

जिले में लगातार 0 प्रसव कराने वाली सभी 774 निष्क्रिय आशा कार्यकर्ताओं को 3 दिन के भीतर कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है। प्रशासन ने साफ किया है कि नवंबर और दिसंबर में विशेष अवसर देने के बाद भी अगर प्रदर्शन नहीं सुधरा, तो जनवरी 2027 में उनकी सेवा समाप्ति का प्रस्ताव जिला स्वास्थ्य समिति को भेज दिया जाएगा।

प्रदर्शन के आधार पर आशाओं को 4 जोन में बांटा गया है – स्टार जोन (6+ प्रसव), ग्रीन जोन (3-5 प्रसव), येलो जोन (1-2 प्रसव) और रेड जोन (0 प्रसव)।

2. बलरामपुर, कदवा, बारसोई और मनिहारी पर विशेष नजर, लापरवाह बीसीएम का रुकेगा वेतन

समीक्षा में पाया गया कि निष्क्रिय आशाओं की सबसे ज्यादा संख्या बलरामपुर, कदवा, बारसोई और मनिहारी प्रखंडों में है। यह बीसीएम (प्रखंड सामुदायिक प्रबंधक) की कमजोर निगरानी को दर्शाता है।

जिला स्वास्थ्य समिति ने चेतावनी दी है कि अगर इन ब्लॉकों में 0 प्रसव वाली आशाओं की संख्या में 50% से अधिक की कमी नहीं आई, तो संबंधित बीसीएम का वेतन रोका जाएगा और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति को अनुशंसा भेजी जाएगी।

3. “कटिहार मॉडल 2026” लागू: स्टार आशा करेंगी मेंटरशिप, 100% 4th ANC और HRP ट्रैकिंग का लक्ष्य

निष्क्रिय आशाओं को सक्रिय करने के लिए अनोखा प्रयोग शुरू किया गया है।

*पेयरिंग रणनीति:* जीरो प्रसव वाली प्रत्येक आशा को उसी ब्लॉक की ‘स्टार आशा’ (6+ प्रसव कराने वाली) के साथ टैग किया जाएगा। स्टार आशा अपनी साथी को फील्ड में गर्भवती महिलाओं को चिन्हित करने और अस्पताल लाने का प्रैक्टिकल प्रशिक्षण देंगी।

*HRP ट्रैकिंग और 102 लिंकेज:* 34 से 36 सप्ताह की सभी गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत 4th ANC जांच कराई जाएगी। गंभीर एनीमिया (Hb <7), हाई BP (>140/90) और पूर्व सिजेरियन जैसी उच्च जोखिम गर्भावस्था (HRP) को ‘रेड कार्ड/स्टिकर’ लगाकर अग्रिम अस्पताल लिंकेज किया जाएगा। EDD के अनुसार 102 एम्बुलेंस की पूर्व टैगिंग और ‘संध्या चौपाल’ के जरिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) ने शुक्रवार को विभिन्न प्रखंडों का क्षेत्र भ्रमण कर आशा कर्मियों को संस्थागत प्रसव बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि माँ और नवजात दोनों सुरक्षित रहें।

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