November 5, 2026

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कानपुर 5 नवम्बर 26*भू-माफियाओं और अवैध कब्जेदारो पर बरसेगा प्रशासन का डंडा: त्योहारों के तुरंत बाद शुरू होगा महा-अभियान

कानपुर 5 नवम्बर 26*भू-माफियाओं और अवैध कब्जेदारो पर बरसेगा प्रशासन का डंडा: त्योहारों के तुरंत बाद शुरू होगा महा-अभियान

कानपुर 5 नवम्बर 26*भू-माफियाओं और अवैध कब्जेदारो पर बरसेगा प्रशासन का डंडा: त्योहारों के तुरंत बाद शुरू होगा महा-अभियान

​कानपुर नगर से मोनू सिंह कुशवाहा यूपीआजतक 

कानपुर नगर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में सरकारी जमीनों, तालाबों और आम रास्तों पर अवैध कब्जे को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। कानपुर के जिला अधिकारी (डीएम) महेंद्र सिंह तोमर ने ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में तालाबों, चरागाहों और सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान जिला अधिकारी ने इस गंभीर मुद्दे पर गहरी नाराजगी जताई और जिले के सभी उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) तथा तहसीलदारों को सख्त हिदायत देते हुए तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए।

​डीएम महेंद्र सिंह तोमर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी संपत्तियों और प्राकृतिक जल स्रोतों जैसे तालाबों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि त्योहारों का सीजन संपन्न होते ही पूरे जिले में एक व्यापक और सघन अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया जाए। जिला अधिकारी ने बैठक में साफ निर्देश दिया कि जहां कहीं से भी सरकारी भूमि, ग्राम समाज की जमीन या तालाबों पर अवैध कब्जे की शिकायत मिले, वहां बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई की जाए और जमीन को भू-माफियाओं व अवैध कब्जाधारकों से पूरी तरह मुक्त कराया जाए।

​बैठक में कड़े तेवर, अधिकारियों को दी गई सख्त चेतावनी

आज की उच्च स्तरीय बैठक में कानपुर के सभी क्षेत्रों के उप जिला अधिकारी (एसडीएम), तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान जिले में सरकारी जमीनों की वर्तमान स्थिति और अतिक्रमण की शिकायतों की समीक्षा की गई।

​जिला अधिकारी ने कड़े लहजे में कहा, “तालाब, पोखरे, चरागाह और बंजर भूमि जैसी सार्वजनिक संपत्तियां समाज की धरोहर हैं। इन्हें किसी भी हालत में निजी स्वार्थ के लिए हड़पने नहीं दिया जाएगा।” उन्होंने राजस्व टीम और पुलिस प्रशासन को आपसी तालमेल बिठाकर काम करने को कहा। डीएम ने कहा कि त्योहारों के तुरंत बाद प्रशासन का पूरा ध्यान इस अभियान पर होना चाहिए। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे भू-खंडों और तालाबों की सूची तैयार करें जहाँ अवैध कब्जे की शिकायतें सबसे अधिक हैं, ताकि अभियान को योजनाबद्ध और प्रभावी तरीके से चलाया जा सके।

​शिकायतों पर तुरंत होगी एफआईआर और सख्त कानूनी कार्रवाई

जिला अधिकारी महेंद्र सिंह तोमर ने केवल कब्जा हटाने तक ही सीमित न रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जो लोग बार-बार चेतावनी देने के बाद भी सरकारी जमीनों को खाली नहीं कर रहे हैं, या जिन्होंने दबंगई के बल पर ऐसी जमीनों पर पक्के निर्माण कर लिए हैं, उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई जाए।

​उन्होंने राजस्व टीम को निर्देश दिए कि:

  1. ​चिह्नित करें अवैध निर्माण: प्रत्येक तहसील क्षेत्र में ग्राम सभा और सरकारी विभागों की जमीनों का सीमांकन कर उन पर हुए अवैध निर्माणों को चिह्नित किया जाए।
  2. ​एंटी-भू-माफिया एक्ट के तहत कार्रवाई: जो लोग पेशेवर तरीके से जमीनों पर कब्जा कर उन्हें बेचते हैं या अवैध निर्माण करवाते हैं, उन्हें भू-माफिया के रूप में चिह्नित कर उनके खिलाफ एंटी-भू-माफिया कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाए।
  3. ​तालाबों का संरक्षण: ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्तर को बनाए रखने के लिए तालाबों का बहुत महत्व है। जिन तालाबों को पाटकर या दबाकर उन पर खेती या निर्माण किया गया है, उन्हें तत्काल पुराना स्वरूप लौटाया जाए।

​ग्रामीण क्षेत्रों पर रहेगा विशेष ध्यान

अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण इलाकों में पहुंच कम होने के कारण दबंग और रसूखदार लोग ग्राम समाज की कीमती जमीनों, खेल के मैदानों, और तालाबों को अपने नियंत्रण में ले लेते हैं। डीएम ने ग्रामीण क्षेत्रों के राजस्व निरीक्षकों (कानूनगो) और लेखपालों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में अभियान के बाद दोबारा कब्जा होने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित क्षेत्र के लेखपाल और राजस्व अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

​डीएम ने आम जनता से भी अपील की है कि वे निडर होकर सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे की जानकारी तहसील प्रशासन या सीधे कलेक्ट्रेट को दें। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी और उनकी शिकायतों पर त्वरित और निष्पक्ष जांच करते हुए कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

​त्योहारों के तुरंत बाद दिखेगा बुलडोजर का जोर

प्रशासनिक गलियारों से मिल रही खबरों के अनुसार, आगामी प्रमुख त्योहारों (दिवाली, भैया दूज और छठ पूजा) के संपन्न होते ही पूरे कानपुर जिले में जेसीबी और बुलडोजर का दस्ता मैदान में उतरेगा। अतिक्रमणकारियों को स्वयं अपने कब्जे हटाने के लिए बेहद सीमित समय दिया जाएगा, जिसके बाद प्रशासन बलपूर्वक अवैध निर्माणों को ध्वस्त करेगा। इस कार्रवाई का सारा खर्च भी दोषी व्यक्तियों से ही वसूला जाएगा।

​आज की इस बैठक और डीएम महेंद्र सिंह तोमर के सख्त रुख से जिले के भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह होगा कि त्योहारों के बाद प्रशासनिक अमला इस अभियान को कितनी गति और संजीदगी से धरातल पर उतारता है।

​कानपुर नगर से मोनू सिंह कुशवाहा यूपीआजतक।

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