October 13, 2026

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लखनऊ 12 अक्टूबर 26*अम्बेडकर राष्ट्रीय एकता मंच की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक सम्पन्न*

लखनऊ 12 अक्टूबर 26*अम्बेडकर राष्ट्रीय एकता मंच की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक सम्पन्न*

लखनऊ 12 अक्टूबर 26*अम्बेडकर राष्ट्रीय एकता मंच की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक सम्पन्न*
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👉*संगठन को प्रदेशव्यापी स्तर पर मजबूत बनाने, सामाजिक न्याय और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष का संकल्प*

*लखनऊ।* डा. अम्बेडकर राष्ट्रीय एकता मंच की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक रविवार को उद्यान भवन, हजरतगंज, लखनऊ में सम्पन्न हुई। बैठक में संगठन के विस्तार, संगठनात्मक मजबूती, सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकारों तथा छात्रों, युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में मंच के राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व प्।ै अधिकारी राम बहादुर ने बुद्ध वंदना कराई तथा संगठन की एकता, अनुशासन, समर्पण और वैचारिक मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत बनाने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया।

मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष भवन नाथ पासवान ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक ताकत उसके पदों से नहीं, बल्कि उसके समर्पित कार्यकर्ताओं, मजबूत संगठनात्मक ढांचे और समाज के प्रति जवाबदेही से तय होती है। उन्होंने कहा कि डा. अम्बेडकर राष्ट्रीय एकता मंच को प्रदेश के प्रत्येक जनपद, तहसील, ब्लॉक और गांव स्तर तक मजबूत बनाया जाएगा, ताकि संगठन की आवाज समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

उन्होंने सभी पदाधिकारियों से आपसी समन्वय बनाए रखने, नए लोगों को संगठन से जोड़ने तथा व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर सामाजिक एकता और जनसेवा के लिए कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल विस्तार करना नहीं, बल्कि संविधान में निहित समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और न्याय के मूल्यों को मजबूत करना है।

55 जनपदों से सहभागिता, संगठन विस्तार को मिलेगी नई दिशा। बैठक की प्रमुख विशेषता प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही। संगठन के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 55 जनपदों से लोगों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

इस सहभागिता को संगठन के प्रदेशव्यापी विस्तार, आपसी समन्वय और सामाजिक एकता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
आजमगढ़, गोरखपुर, फैजाबाद (अयोध्या), बाराबंकी, प्रयागराज, रायबरेली, कानपुर, लखनऊ, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, उन्नाव, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, भदोही, औरैया, मऊ, गाजीपुर, बलिया, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, चंदौली, अमेठी, सुल्तानपुर, मेरठ, गाजियाबाद, अमरोहा, बरेली, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, सिद्धार्थनगर, बस्ती, पीलीभीत, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, हापुड़, कानपुर देहात, अंबेडकर नगर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज और नोएडा सहित विभिन्न जनपदों से लोगों की सहभागिता रही।

बैठक में संगठन को जिला, तहसील, ब्लॉक और गांव स्तर तक मजबूत करने, नई संगठनात्मक इकाइयों को सक्रिय बनाने तथा अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने पर जोर दिया गया। पदाधिकारियों से आह्वान किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जनसमस्याओं को सुनें और उनके समाधान के लिए संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से प्रयास करें।

चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों पर जोर
बैठक में आगामी चुनावों के मद्देनजर निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। मंच ने निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन करने और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने की मांग की। संगठन ने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिलना चाहिए और चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखना सभी संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है।

छात्रों, युवाओं और भर्ती परीक्षाओं के मुद्दे उठाए
मंच ने भर्ती परीक्षाओं में देरी, परिणाम लंबित रहने, नियुक्तियों में विलंब, बेरोजगारी और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं की शिकायतों पर चिंता व्यक्त की। संगठन ने मांग की कि भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर समय पर जारी हो, परीक्षाएं निर्धारित समय पर आयोजित हों और परिणाम एवं नियुक्तियां अनावश्यक रूप से लंबित न रहें। किसी भी अनियमितता की पुष्टि होने पर निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मंच ने कहा कि युवाओं का भविष्य किसी भी प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया और रोजगार के वास्तविक अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है।

सामाजिक भेदभाव और अन्याय के विरुद्ध संवैधानिक संघर्ष
बैठक में दलितों, वंचितों, शोषितों, पिछड़ों, मजदूरों, किसानों, महिलाओं और कमजोर वर्गों के अधिकारों पर चर्चा की गई। मंच ने कहा कि जातिगत भेदभाव, सामाजिक अपमान, हिंसा और असमान व्यवहार की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। पीड़ितों को सुरक्षा एवं न्याय मिले और दोष सिद्ध होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

इसके अतिरिक्त शिक्षा व्यवस्था, महिला सुरक्षा, महंगाई, रोजगार, किसानों की समस्याओं और आम जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने जैसे विषयों पर भी जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई।
मंच ने स्पष्ट किया कि संगठन जनहित के मुद्दों को तथ्यों के आधार पर उठाएगा और किसी भी नागरिक के अधिकारों एवं सम्मान से जुड़े मामलों में संवैधानिक तथा लोकतांत्रिक तरीके से आवाज बुलंद करेगा।

संगठनात्मक एकता और जनसेवा का संकल्प
राष्ट्रीय अध्यक्ष भवन नाथ पासवान ने पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर संगठन की मजबूती, सामाजिक एकता और जनसेवा को प्राथमिकता दें। संगठन में अनुशासन, पारदर्शिता, सक्रियता और सामूहिक नेतृत्व को महत्व देते हुए प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में मजबूत संगठनात्मक ढांचा तैयार किया जाए।
उन्होंने कहा कि डा. अम्बेडकर राष्ट्रीय एकता मंच को सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकारों, समान अवसर और जनसम्मान के लिए समर्पित एक सशक्त जनमंच के रूप में विकसित करना है।

बैठक में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी एवं सदस्य
बैठक में राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व अधिकारी राम बहादुर, राष्ट्रीय अध्यक्ष भवन नाथ पासवान, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव एस. पी. सिंह, मोहम्मद हनीफ खान, प्रदेश सचिव सुरेंद्र कुमार दादू, उत्तर प्रदेश प्रभारी राम सिंह, पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी भारत वीर, अवध प्रांत प्रभारी आदित्य वर्मा, पूर्वांचल प्रभारी राकेश चंद्र राना, गीता गुप्ता, बाल किशन सरोज, सरवन सरोज, राजन पासी, बालक राम, अमर नाथ, अयोध्या प्रसाद, वीरेंद्र हांडा, राम सजीवन, होरी लाल, डॉ. जय प्रकाश, इंजीनियर प्रशांत राज, शत्रुहनलाल रावत, संत राम रावत, गुरु प्रसाद, पीतांबर प्रसाद, राम किशन पासी, सुभाष पासी, आर. एन. यादव, अनिल पासी, राम अवध, डॉ. अनिल, उमाशंकर त्यागी, सतीश पासी, मो. मतीन अली, अनिल एडवोकेट, नरेंद्र वर्मा, राजकिशोर, ज्वाला प्रसाद, शम्भू नाथ, राम भारत, रिंकू कश्यप, श्रीकांत एडवोकेट, सोहन लाल, मनोज कुमार, बुझारत सरोज, आकाश पासी, सुशील पासी, तालुकदार यादव, कमलेश यादव, दीप राज रावत, अंजनी कुमार, रघुवेन्द्र रावत, गिरजेश संखवार, अश्वनी कुमार, कल्याण सिंह, भानु प्रताप सिंह, राम कुमार, राम विराज रावत, सुभाष चंद्र, राजकुमार, जयकरण, बाबू भाई (पार्षद), जाबिर अली, मो. कामिल, सतवीर सिंह भड़ाना, अरविन कुमार, राकेश कुमार, उर्मिला गौतम, इंजीनियर रचना, विजय यादव, राम खिलावन, भास्कर पासवान, फतेह बहादुर एवं अवनी हांडा सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक का समापन संगठन को प्रदेशव्यापी स्तर पर मजबूत बनाने, सामाजिक एकता बढ़ाने तथा संविधानसम्मत तरीके से जनता के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ।
डा. अम्बेडकर राष्ट्रीय एकता मंच का संकल्प कृ संगठन मजबूत होगा, सामाजिक न्याय की आवाज बुलंद होगी और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा।

Taza Khabar