October 8, 2026

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मुजफ्फरनगर 7 अक्टूबर 26* भाकियू (तोमर) की महापंचायत में किसानों की हुंकार, 33 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार को चेताया,,,

मुजफ्फरनगर 7 अक्टूबर 26* भाकियू (तोमर) की महापंचायत में किसानों की हुंकार, 33 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार को चेताया,,,

मुजफ्फरनगर 7 अक्टूबर 26* भाकियू (तोमर) की महापंचायत में किसानों की हुंकार, 33 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार को चेताया,,,

रिपोर्ट : लोकेन्द्र गौतम ब्यूरो चीफ, सहारनपुर मंडल यूपीआजतक

गन्ने का भाव 600 रुपये कुंतल करने से लेकर एमएसपी गारंटी कानून और संपूर्ण कर्जमाफी तक उठी आवाज, मुजफ्फरनगर में एम्स व मेरठ में हाईकोर्ट बेंच की भी मांग

मुजफ्फरनगर। राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) मैदान में बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के बैनर तले ‘किसान बचाओ, देश बचाओ’ महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत में मुजफ्फरनगर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। मंच से किसानों की आर्थिक, कृषि, बिजली, सिंचाई, स्वास्थ्य और क्षेत्रीय विकास से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया।
महापंचायत में भाकियू (तोमर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार से ठोस निर्णय लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में किसानों को राहत देने के लिए गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति कुंतल किया जाना चाहिए तथा किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ किया जाना चाहिए।
एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग
महापंचायत में किसानों ने सभी प्रमुख फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी लागू करने की मांग भी उठाई। वक्ताओं ने कहा कि किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य मिले और सरकारी खरीद व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए। इसके साथ ही गन्ने का भुगतान समयबद्ध तरीके से कराने तथा बकाया भुगतान पर ब्याज दिलाने की मांग रखी गई।

बिजली और स्मार्ट मीटर का भी उठा मुद्दा ,,,

किसानों की समस्याओं में बिजली को भी प्रमुखता से शामिल किया गया। महापंचायत में नलकूपों के लिए मुफ्त बिजली कनेक्शन, घरेलू बिजली बिलों में 50 प्रतिशत छूट, स्मार्ट मीटर पर रोक तथा ब्लॉक स्तर पर बिजली बिल सुधार कैंप लगाने की मांग रखी गई। किसानों का कहना था कि बिजली संबंधी समस्याओं के कारण खेती की लागत और परेशानी दोनों बढ़ रही हैं।
मुजफ्फरनगर में एम्स और मेरठ में हाईकोर्ट बेंच की मांग
महापंचायत में क्षेत्रीय विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे भी जोरदार ढंग से उठाए गए। मुजफ्फरनगर में एम्स अस्पताल की स्थापना की मांग करते हुए कहा गया कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए किसानों और आम लोगों को दूसरे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश की लंबे समय से चली आ रही मांग के तहत मेरठ में इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग भी रखी गई।
बुजुर्ग किसानों के लिए पेंशन की मांग,,,
किसानों ने 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन देने तथा किसानों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए किसान आयोग का गठन करने की मांग भी की। इसके अलावा प्राकृतिक आपदा, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को होने वाले नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की गई।
किसान आंदोलन से जुड़े मुकदमे वापस लेने की मांग
महापंचायत में किसानों पर आंदोलनों के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेने तथा बिना जांच किसी किसान के खिलाफ मुकदमा दर्ज न करने की मांग भी सामने आई। किसानों के ट्रैक्टरों को लेकर भी संगठन ने अपनी बात रखी और कहा कि जब तक ट्रैक्टर चलने की स्थिति में हैं, उनकी उम्र को लेकर किसानों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। महापंचायत के बाद संगठन की ओर से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम 33 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन एडीएम प्रशासन को सौंपा गया। संगठन ने स्पष्ट किया कि किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
महापंचायत में किसानों की बड़ी मौजूदगी और विभिन्न जिलों से पहुंचे किसान प्रतिनिधियों ने संगठन की मांगों को मजबूती दी। अब किसानों की निगाहें सरकार और प्रशासन की ओर हैं कि महापंचायत में उठाई गई मांगों पर क्या कार्रवाई होती है।

Taza Khabar