September 10, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

महोबा 10 सितंबर 26*तीन मासूमों की मौत के बाद मदद को बढ़े हाथ, तीनों पीड़ित परिवारों को दिए ₹21-₹21 हजार

महोबा 10 सितंबर 26*तीन मासूमों की मौत के बाद मदद को बढ़े हाथ, तीनों पीड़ित परिवारों को दिए ₹21-₹21 हजार

महोबा 10 सितंबर 26*तीन मासूमों की मौत के बाद मदद को बढ़े हाथ, तीनों पीड़ित परिवारों को दिए ₹21-₹21 हजार

महोबा से अजय कुमार विश्वकर्मा की रिपोर्ट, यूपीआजतक।

महोबा: चरखारी क्षेत्र के रिवई गांव में मॉडल राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में बने गड्ढे में बारिश के पानी में डूबने से तीन मासूम बच्चों की मौत की दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

हादसे के बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है। तीन परिवारों ने अपने मासूम बच्चों को खो दिया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस हृदयविदारक घटना के बाद अब पीड़ित परिवारों की मदद के लिए जनप्रतिनिधियों और सामाजिक लोगों के हाथ भी आगे बढ़ने लगे हैं।

इसी क्रम में हमीरपुर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि एवं चरखारी विधानसभा क्षेत्र से संभावित भाजपा प्रत्याशी संतराम राजपूत बुधवार को रिवई गांव पहुंचे। उन्होंने तीनों मृतक बच्चों के घर पहुंचकर शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया।

संतराम राजपूत ने परिवारों के दुख में शामिल होते हुए अपनी ओर से प्रत्येक पीड़ित परिवार को ₹21 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की। इस तरह तीनों परिवारों को कुल ₹63 हजार रुपये की निजी आर्थिक सहायता दी गई।

मासूम बच्चों की मौत से गमगीन परिवारों से मुलाकात के दौरान संतराम राजपूत ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में वह उनके साथ खड़े हैं।

उन्होंने कहा कि बच्चों की मौत का दुख बेहद पीड़ादायक है और इस दुख की भरपाई किसी भी आर्थिक सहायता से नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से दी गई सहायता केवल तत्काल सहयोग के रूप में है, ताकि संकट की इस घड़ी में परिवारों को कुछ संबल मिल सके।

संतराम राजपूत ने कहा कि पीड़ित परिवारों को जब भी उनकी जरूरत होगी, वह अपनी सामर्थ्य के अनुसार हर संभव मदद करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने परिवारों को भरोसा दिलाया कि वह केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि जरूरत पड़ने पर अन्य स्तर पर भी सहायता के लिए प्रयास करेंगे।

बताया जा रहा है कि रिवई गांव में हुआ हादसा बेहद दर्दनाक था। मॉडल राजकीय इंटर कॉलेज के अंदर बने गड्ढे में बारिश के कारण पानी भर गया था। इसी पानी में डूबने से तीन नाबालिग बच्चों की जान चली गई। हादसे की खबर सामने आते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई थी। एक साथ तीन मासूमों की मौत ने ग्रामीणों को भी गहरे सदमे में डाल दिया।

हादसे के बाद से ही ग्रामीणों और मृतक बच्चों के परिजनों की ओर से इस तरह के खतरनाक गड्ढों और उनमें जमा पानी को लेकर चिंता जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों और विद्यालय परिसर में यदि ऐसे गड्ढे खुले पड़े हैं और उनमें बारिश का पानी भर जाता है, तो बच्चों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाने की आवश्यकता है।

वहीं, घटना के बाद पीड़ित परिवारों तक पहुंचकर निजी स्तर पर आर्थिक सहायता देने की पहल की क्षेत्र में चर्चा हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी स्तर से मिलने वाली सहायता अपनी जगह महत्वपूर्ण है, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि या सामाजिक व्यक्ति का व्यक्तिगत रूप से पीड़ित परिवार के घर पहुंचना और उनके दुख में शामिल होना भी परिवारों के लिए भावनात्मक सहारा बनता है।

संतराम राजपूत की ओर से प्रत्येक परिवार को ₹21 हजार दिए जाने को इसी मानवीय पहल के तौर पर देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के घर पहुंचना, उनकी बात सुनना और उन्हें यह भरोसा दिलाना कि वे अकेले नहीं हैं, जनसेवा की भावना को दर्शाता है।

हालांकि तीन मासूमों की जिंदगी वापस नहीं लाई जा सकती और न ही किसी आर्थिक सहायता से माता-पिता के उस दर्द को कम किया जा सकता है, जिसे उन्होंने अपने बच्चों को खोकर महसूस किया है। लेकिन ऐसे कठिन समय में मिलने वाला सहयोग निश्चित रूप से परिवारों को कुछ हद तक मानसिक और आर्थिक संबल दे सकता है।

रिवई गांव में हुई इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों और विद्यालय परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। जरूरत है कि ऐसे खतरनाक गड्ढों को चिन्हित कर उन्हें सुरक्षित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह के असहनीय दर्द से न गुजरना पड़े।

फिलहाल संतराम राजपूत द्वारा तीनों पीड़ित परिवारों को ₹21-₹21 हजार की सहायता दिए जाने के बाद क्षेत्र में उनकी इस पहल की सराहना की जा रही है। उन्होंने परिवारों के साथ आगे भी खड़े रहने का भरोसा दिया है।

महोबा से अजय कुमार विश्वकर्मा की रिपोर्ट, यूपीआजतक।

Taza Khabar