पूर्णिया बिहार 4 सितंबर 26 *बेंगलुरु महोत्सव में छाईं पूर्णिया बिहार की धूम
मोहम्मद इरफान कामिल यूपी आज तक न्यूज़ चैनल पूर्णिया डीवीजन बिहार
पूर्णिया बिहार ! कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में इन दिनों बिहार की संस्कृति, परंपरा और गौरव की खुशबू बिखर रही है। बिहार की समृद्ध विरासत को देश और दुनिया के सामने लाने के उद्देश्य से आर्ट ऑफ लिविंग के भव्य परिसर में 3 से 6 सितंबर तक चार दिवसीय बिहार महोत्सव 2026 का शानदार आयोजन हो रहा है। इस वर्ष महोत्सव की थीम ‘एक बिहार, श्रेष्ठ बिहार’ रखी गई है, जो विकसित बिहार की नई तस्वीर पेश कर रही है।
महोत्सव का भव्य उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और आध्यात्मिक गुरु, आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर महाराज ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। पूरे परिसर को बिहार की लोक कला, मधुबनी पेंटिंग और पारंपरिक सजावट से सजाया गया है, जहां आते ही बिहार की मिट्टी की खुशबू का एहसास होता है।
*सीएम सम्राट चौधरी से हुई शिष्टाचार भेंट*
इस ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण की साक्षी बनी पूर्णिया नगर निगम की महापौर विभा कुमारी। उद्घाटन समारोह के दौरान महापौर ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से आत्मीय शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को बिहार महोत्सव के सफल और भव्य आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी महापौर विभा कुमारी से बड़े ही आत्मीय भाव से कुशल-क्षेम जाना और पूर्णिया के विकास कार्यों पर चर्चा की।
*गुरुदेव श्री श्री रविशंकर का मिला आशीर्वाद*
महोत्सव के दौरान महापौर विभा कुमारी ने आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर जी महाराज से भी मुलाकात कर उनका सानिध्य और आशीर्वाद प्राप्त किया। महापौर ने इस पल को अपने जीवन का सौभाग्य बताया।
उन्होंने कहा कि गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने योग, ध्यान, अध्यात्म और मानवीय मूल्यों के माध्यम से पूरी दुनिया में शांति, प्रेम और सद्भाव का संदेश फैलाया है। उनका जीवन समाज को सेवा, संस्कार और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। बेंगलुरु महोत्सव में छाईं पूर्णिया बिहार की धूम,बिहार की धरती तो स्वयं ज्ञान और अध्यात्म की जननी रही है, ऐसे में गुरुदेव का आशीर्वाद मिलना बिहार महोत्सव के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत है।
*प्रवासी बिहारियों को जड़ों से जोड़ने की पहल*
इस अवसर पर महापौर विभा कुमारी ने कहा कि देश की आईटी राजधानी बेंगलुरु में ‘एक बिहार, श्रेष्ठ बिहार’ की थीम पर इस तरह का आयोजन बिहार की गौरवशाली पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत करेगा। बिहार ज्ञान, संस्कृति, अध्यात्म और सामाजिक समरसता की भूमि रही है।
उन्होंने कहा कि आज बिहार विकास के एक नए दौर में आगे बढ़ रहा है। अपनी गौरवशाली विरासत और आधुनिक विकास की संभावनाओं के साथ श्रेष्ठ बिहार का निर्माण हो रहा है। देश के कोने-कोने में बसे लाखों प्रवासी बिहारी अपनी मेहनत और प्रतिभा से बिहार का नाम रोशन कर रहे हैं। यह महोत्सव उन सभी प्रवासी बिहारवासियों को अपनी जड़ों, अपनी माटी और अपनी संस्कृति से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण सेतु बनेगा।
चार दिवसीय इस महोत्सव में बिहार की प्रसिद्ध लोक कला, लोक संगीत, लोक नृत्य, मधुबनी पेंटिंग, मंजूषा कला, हस्तशिल्प, लिट्टी-चोखा सहित पारंपरिक व्यंजन, साहित्य और विभिन्न क्षेत्रों में बिहार की उपलब्धियों की प्रदर्शनी लगाई गई है, जो लोगों को खूब आकर्षित कर रही है।
उन्होंने कहा कि आज बिहार विकास के एक नए दौर में आगे बढ़ रहा है। अपनी गौरवशाली विरासत और आधुनिक विकास की संभावनाओं के साथ श्रेष्ठ बिहार का निर्माण हो रहा है। देश के कोने-कोने में बसे लाखों प्रवासी बिहारी अपनी मेहनत और प्रतिभा से बिहार का नाम रोशन कर रहे हैं। यह महोत्सव उन सभी प्रवासी बिहारवासियों को अपनी जड़ों, अपनी माटी और अपनी संस्कृति से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण सेतु बनेगा।
चार दिवसीय इस महोत्सव में बिहार की प्रसिद्ध लोक कला, लोक संगीत, लोक नृत्य, मधुबनी पेंटिंग, मंजूषा कला, हस्तशिल्प, लिट्टी-चोखा सहित पारंपरिक व्यंजन, साहित्य और विभिन्न क्षेत्रों में बिहार की उपलब्धियों की प्रदर्शनी लगाई गई है, जो लोगों को खूब आकर्षित कर रही है।

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