लखनऊ27जुलाई26*मुख्यमंत्री के सामने प्रोटोकॉल या लापरवाही?
लखनऊ*अगर किसी आधिकारिक कार्यक्रम में कोई वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री की ओर जूते करके बैठा दिखाई देता है, तो यह स्वाभाविक रूप से चर्चा और सवालों का विषय बनता है। आखिर सरकारी प्रोटोकॉल और शिष्टाचार का पालन किसके लिए बनाया गया है?
संजय प्रसाद भले ही वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हों, लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री संवैधानिक पद पर आसीन हैं। ऐसे में यदि किसी कार्यक्रम में बैठने की व्यवस्था या किसी अधिकारी की मुद्रा प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं दिखती है, तो सरकार और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट करना चाहिए कि यह महज़ अनजाने में हुई चूक थी या फिर प्रोटोकॉल की अनदेखी।
सरकारी मंचों पर अनुशासन, मर्यादा और प्रोटोकॉल केवल औपचारिकताएँ नहीं, बल्कि संवैधानिक पदों के सम्मान का प्रतीक होते हैं। यदि कोई चूक हुई है, तो उस पर स्पष्टीकरण और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
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