अयोध्या15जुलाई26*मृत प्रवासी भारतीयों के लिए देवदूत बने सैय्यद अब्बास अली जैदी “रुश्दी मियां”
ओमान से मृत शिवकुमार निषाद का पार्थिव शरीर बुधवार को स्वदेश पहुंचा
विदेशी कानूनी प्रक्रिया पूरी कराने के बाद खुद शव को रिसीव करने लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे रुश्दी मियां
अब तक कई प्रवासी भारतीयों के शव को सुरक्षित वतन पहुंचाने में निभा चुके हैं अहम भूमिका
मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सपा वरिष्ठ नेता व समाजसेवी प्रदीप यादव पूरे समय अपने साथियों के साथ एयरपोर्ट पर मौजूद रहे
भेलसर(अयोध्या)रुदौली विधानसभा के पूर्व विधायक व समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री सैय्यद अब्बास अली जैदी ‘रुश्दी मियां’ एक बार फिर दुख की घड़ी में प्रवासी भारतीयों के परिवारों के लिए देवदूत बनकर सामने आए हैं।रुश्दी के प्रयास से ही ओमान में उपचार के दौरान मृत हुए रुदौली तहसील क्षेत्र के जैथरी गांव निवासी शिवकुमार निषाद (42) का पार्थिव शरीर बुधवार को भारत पहुंचा। शव को रिसीव करने के लिए रुश्दी मियां स्वयं लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से पार्थिव शरीर को पैतृक गांव जैथरी ले जाने की व्यवस्था की, जहां परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बताते चले कि शिवकुमार निषाद का 9 जुलाई को ओमान के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था। वह अपने पीछे पत्नी माईसा देवी, पांच बेटियां और दो बेटे छोड़ गए हैं। परिवार की आजीविका पूरी तरह उन्हीं पर निर्भर थी। पिता का पार्थिव शरीर स्वदेश लाने के लिए बेटे सुभाष निषाद ने रुश्दी मियां से मदद की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही उन्होंने परिवार से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली और भारतीय दूतावास, संबंधित अधिकारियों तथा विदेश में मौजूद संपर्क सूत्रों के माध्यम से शव को भारत लाने की कानूनी और कागजी प्रक्रिया तेजी से पूरी कराई।रुश्दी मियां लगातार इस पूरे मामले की निगरानी करते रहे।सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बुधवार को शिव कुमार निषाद का पार्थिव शरीर लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचा। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार को शासन की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता शीघ्र उपलब्ध कराने की भी मांग की।आपको बता दे कि रुदौली विधानसभा क्षेत्र के विदेशों में फंसे या दिवंगत हुए प्रवासी भारतीयों के परिवारों के लिए रुश्दी मियां वर्षों से सहारा बने हुए हैं। उनके प्रयासों से अब तक कई प्रवासी भारतीयों के शव और जरूरतमंद लोगों को साकुशल उनके वतन पहुंचाया जा चुका है। इससे पहले भी गैसराम रावत (सराय अहमद), सुरेंद्र लोधी (पूरे परसन बारी) और गंगादीन लोधी (मेंहदी गांव, अमानीगंज) सहित कई प्रवासियों के पार्थिव शरीर स्वदेश लाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि संकट की घड़ी में रुश्दी मियां जिस संवेदनशीलता और तत्परता से परिवारों के साथ खड़े होते हैं, उसने उन्हें प्रवासी भारतीयों के लिए एक भरोसेमंद सहारा और “देवदूत” की पहचान दिलाई है।
पूर्व विधायक सैय्यद अब्बास अली जैदी ‘रुश्दी मियां’ ने कहा, “विदेश में किसी अपने को खोने का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि रुदौली विधानसभा क्षेत्र का हर मृत प्रवासी भारतीय का पार्थिव शरीर पूरे सम्मान के साथ उसकी जन्मभूमि तक पहुंचे, ताकि परिजन अंतिम दर्शन कर सकें। दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ हर संभव सहयोग करना मेरा नैतिक और मानवीय दायित्व है।”जो मैं सदैव करता रहूंगा। बॉडी रिसीव करने पूर्व मंत्री अब्बास अली जैदी रुश्दी मियां के साथ लखनऊ एयरपोर्ट पर सपा नेता व समाजसेवी प्रदीप यादव, रोहित निषाद, सुभाष निषाद, रघुनाथ निषाद, अमरेश निषाद, रामदेव निषाद, अलाउद्दीन खान, फरीद अहमद, कमलेश यादव, नजमुद्दीन खान, साहिद खान, खलीक खान, हसीब खान, अली अहमद, नफीस खान, अज़मल, नदीम खान, साजिद राइन, नितिन यदुवंशी, सुरजीत चौहान आदि मौजूद रहें।

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