लखनऊ27जनवरी*निर्मल ग्राम पुरस्कार योजना*‼️
➡️वर्ष 2003 में, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छे स्वास्थ्य एवं बेहतर जीवन हेतु पहल करने वाली पंचायती राज संस्थाओं को प्रोत्साहित करने हेतु निर्मल ग्राम पुरस्कार की घोषणा की गई।
?वर्ष 2005 में पहली बार पुरस्कार वितरण किया गया। इस पुरस्कार हेतु स्वच्छता के विविध मानकों के आधार पर ग्राम पंचायतों का चयन किया जाता है।
? ग्राम पंचायतों का चयन करते समय-व्यक्तिगत घरेलू शौचालय का उपयोग, विद्यालय स्वच्छता, आंगनवाड़ी स्वच्छता, पेयजल की उपलब्धता, प्रचार-प्रसार की गतिविधियां आदि स्वच्छता के सभी घटकों पर कार्य पूरा करने वाली ग्राम पंचायतों को निर्मल ग्राम पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है।
*ग्राम पंचायतों को जनसंख्या के आधार पर, पुरस्कार स्वरूप-एक लाख रूपये से दस लाख रूपये तक का प्रावधान है।*
?जल आपूर्ति की सुविधायुक्त एवं पानी की निरंतर जांच कराने वाली ग्राम पंचायतों को 5 लाख रूपये तक के अतिरिक्त पुरस्कार का भी प्रावधान है।
?यदि पंचायत समिति की सभी ग्राम पंचायतें निर्मल घोषित होती हैं, तो संबंधित पंचायत समिति को 15 से 20 लाख रूपये तक का पुरस्कार एवं ज़िला परिषद् की सभी ग्राम पंचायतें निर्मल ग्राम पुरस्कार से पुरस्कृत होती हैं तो संबंधित ज़िला परिषद् को भी 30 लाख से 50 लाख तक के पुरस्कार का प्रावधान है।
?अगर मेरे द्वारा दी गई जानकारी आपके काम का है तो इसे आप अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं
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