April 30, 2026

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भागलपुर29अप्रैल26* इंटरनेशनल डांस डे पर सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ धूमधाम से आयोजन*

भागलपुर29अप्रैल26* इंटरनेशनल डांस डे पर सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ धूमधाम से आयोजन*

भागलपुर बिहार से शैलेन्द्र कुमार गुप्ता

भागलपुर29अप्रैल26* इंटरनेशनल डांस डे पर सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ धूमधाम से आयोजन*

भागलपुर के आरटी फॉर्म डांस स्टूडियो में अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस बड़े ही उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस खास आयोजन में शहर के प्रसिद्ध कत्थक नृत्य गुरु निभाष मोदी, संचालिका अन्वेशा चटर्जी,प्रशिक्षक अमर व अंजलि तथा दर्जनों बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आरटी फॉर्म डांस स्टूडियो का पूरा परिसर सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आया, जहां बच्चों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक गणेश वंदना से हुई, जिसने माहौल को भक्तिमय बना दिया,इसके बाद आरटी फॉर्म डांस स्टूडियो में केक काटकर इस दिन को सेलिब्रेट किया गया और उपस्थित लोगों के बीच मिठाई का वितरण किया गया। इस दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला।इस मौके पर कत्थक गुरु निभाष मोदी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस हमें अपनी कला, संस्कृति और परंपराओं के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि नृत्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता और संस्कारों को जीवंत बनाए रखने का माध्यम है। आरटी फॉर्म डांस स्टूडियो जैसे मंच बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर देते हैं।उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में मोबाइल और डिजिटल दुनिया से दूरी बनाकर नृत्य जैसी कला से जुड़ना बेहद जरूरी है। नृत्य न केवल शारीरिक व्यायाम का काम करता है, बल्कि मानसिक रूप से भी बच्चों को मजबूत बनाता है। इससे उनकी याददाश्त बढ़ती है और पढ़ाई में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
कार्यक्रम के दौरान आरटी फॉर्म डांस स्टूडियो में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने विभिन्न नृत्य प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान संचालिका अन्वेशा चटर्जी, प्रशिक्षक अमर अंजलि और कथक नृत्य गुरु निभाष मोदी ने संयुक्त रूप से केक काटा और “ हम होंगे कामयाब” गीत के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया, जो पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा।आज के कार्यक्रम के दौरान कुमार नितेश, काव्या, खुशी, राम्या, अव्या, प्रिशा, जैवी, माहम, मायशा, जहान्वि के अलावे दर्जनों बच्चे मौजूद थे।