April 23, 2026

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पूर्णिया बिहार 22 अप्रैल 26 9 मई को पूर्णिया में लगेगी लोक अदालत की चौपाल: घर बैठे सुलह से खत्म होंगे हजारों मुकदमे

पूर्णिया बिहार 22 अप्रैल 26 9 मई को पूर्णिया में लगेगी लोक अदालत की चौपाल: घर बैठे सुलह से खत्म होंगे हजारों मुकदमे

पूर्णिया बिहार 22 अप्रैल 26 9 मई को पूर्णिया में लगेगी लोक अदालत की चौपाल: घर बैठे सुलह से खत्म होंगे हजारों मुकदमे

पूर्णिया बिहार से मोहम्मद इरफान कामिल की खास रिपोर्ट यूपी आजतक

पूर्णिया बिहार । तारीख पर तारीख से परेशान लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के कैलेंडर और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के आदेश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्णिया 9 मई 2026 को साल की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत लगाने जा रहा है। इस बार व्यवहार न्यायालय पूर्णिया के अलावा बनमनखी, धमदाहा और बायसी के अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालयों में भी एक साथ बेंच बैठेगी।
इस अदालत में राजीनामा योग्य फौजदारी केस, प्ली बार्गेनिंग, चेक बाउंस यानी एनआई एक्ट 138 के मामले, बैंक रिकवरी, मोटर एक्सीडेंट क्लेम, ट्रैफिक चालान, मजदूरों के विवाद, बिजली-पानी बिल जैसे जनउपयोगी मामले, तलाक को छोड़ वैवाहिक झगड़े, जमीन अधिग्रहण मुआवजा, सर्विस-पेंशन, उपभोक्ता विवाद, राजस्व और दीवानी केसों का आपसी समझौते से निपटारा होगा।
लोक अदालत को सफल बनाने के लिए मंगलवार 22 अप्रैल को जिला अधिवक्ता संघ सभागार में बड़ी बैठक हुई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार अध्यक्ष कन्हैया जी चौधरी के निर्देश पर सचिव सुनील कुमार ने बैठक की अध्यक्षता की। प्रोबेशनरी मुंसिफ भी मौजूद रहे।
बैठक में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ज्योतिन्द्र नारायण अम्बष्ट, उपाध्यक्ष ओमप्रकाश भारती, सचिव सुमन जी प्रकाश, संयुक्त सचिव संजय कुमार डाबर सहित मनोज कुमार सिंह, कन्हैया कुमार, संतशिशु कुमार चौरसिया, मनोज कुमार, दीनबंधु झा, दिनेश कुमार पाण्डेय, प्रीतम कुमार पासवान, नंदन कुमार, वंदना कुमारी, अवधेश कुमार महलदार, गजेन्द्र कुमार पासवान, संगीता कुमारी, मोहम्मद मोकीम अहमद समेत दर्जनों वकील जुटे।
सचिव सुनील कुमार ने वकीलों से अपील की कि वे अपने मुवक्किलों को समझाकर ज्यादा से ज्यादा केस लोक अदालत में रखें। उन्होंने बताया कि सुलह से केस खत्म होने पर दोनों पक्ष की जीत होती है, समय और पैसा बचता है, अपील की झंझट नहीं रहती। खास बात यह कि जिन्हें नोटिस नहीं भी मिला है, वे भी 9 मई को उभय पक्ष की सहमति से कोर्ट पहुंचकर केस निपटा सकते हैं। सभी अधिवक्ताओं ने लोक अदालत में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

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