बस्ती 17 अप्रैल 26*बस्ती में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ जिंदा व्यक्ति को सरकारी कागज़ों में मृत घोषित कर दिया गया
बस्ती *इशहाक अली, जो सरकारी अस्पताल में कर्मचारी थे, 31 दिसंबर 2019 को सेवानिवृत्त हुए, लेकिन उससे करीब 7 साल पहले ही राजस्व अभिलेखों में उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया
आरोप है कि लेखपाल ने उनकी पैतृक जमीन उन्हें मृत दिखाकर एक महिला के नाम दाखिल-खारिज कर दी
इसी के विरोध में इशहाक अली कफ़न ओढ़कर डीएम कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने खुद को जिंदा साबित करने की कोशिश की
पिछले 7 वर्षों से वह सरकारी रिकॉर्ड में अपनी पहचान और हक वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं

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